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आखिरी इच्छा की अनोखी कहानी...न जलाया, न दफनाया...मरने के बाद बहन की हड्डियों से बना दी विंड चाइम

मौत के बाद अक्सर लोग श्मशान या कब्रिस्तान का रुख करते हैं, लेकिन अमेरिका के डेनवर में एक बहन ने वसीयत की ऐसी शर्त पूरी की, जिसे सुनकर रोंगटे खड़े हो जाएंगे. एरिन ने अपनी मरी हुई बहन को मिट्टी या आग के हवाले नहीं किया, बल्कि उसकी हड्डियों से एक 'विंड चाइम' बनवाकर बालकनी में टांग दिया.

आखिरी इच्छा की अनोखी कहानी...न जलाया, न दफनाया...मरने के बाद बहन की हड्डियों से बना दी विंड चाइम
डेथ विश! अमेरिका की इस महिला ने बहन की हड्डियों को क्यों बना दिया शो-पीस?
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Human Bones Wind Chime Story: अंधेरी रात हो और अचानक बालकनी में टंगी किसी चीज से खनकने की आवाज आए, तो रूह कांप जाती है. मगर डेनवर की रहने वाली 43 साल की एरिन मेरेली के लिए यह आवाज डरावनी नहीं, बल्कि सुकून देने वाली है. एरिन ने अपनी बहन की उस वसीयत को हकीकत में बदल दिया है, जो सुनने में किसी हॉरर फिल्म की कहानी लगती है. उनकी बहन ने मरने से पहले कहा था, 'मुझे दफनाना मत, मुझे एक नीली विंड चाइम बना देना'. बहन ने बिल्कुल वही किया...उसकी हड्डियों से एक 'विंड चाइम' बनवाकर बालकनी में टांग दिया. अब जब हवा चलती है और वो हड्डियां आपस में टकराती हैं, तो घर में सन्नाटा पसर जाता है. 

न आग, न मिट्टी...पानी में विदाई का खौफनाक राज (Alkaline Hydrolysis Process)

ये करिश्मा हुआ 'अल्कलाइन हाइड्रोलिसिस' नाम की एक अजीबोगरीब तकनीक से...इसे 'जल दाह संस्कार' भी कहते हैं. इस जादुई मगर रहस्यमयी तरीके में शरीर को पानी और रसायनों के बीच रखा जाता है, जिससे मांस गलकर तरल बन जाता है. इस लिक्विड को पौधों में डाल दिया गया, ताकि बहन 'फूलों' में जिंदा रहे, लेकिन जो हड्डियां बच गईं, उन्हें सुखाकर पाउडर बनाया गया और फिर शुरू हुआ असली खेल.

आर्टिस्ट केली गिलरन की मदद से एरिन ने उस अस्थि-भस्म को एक सांचे में ढाला. उसमें हल्का नीला रंग भरा गया, बिल्कुल वैसा ही जैसा उसकी बहन को पसंद था. अब वो हड्डियां एक विंड चाइम का रूप ले चुकी हैं. जब भी हवा का झोंका गुजरता है, एरिन को महसूस होता है कि उसकी बहन उससे बातें कर रही है.

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आखिरी इच्छा की अनोखी कहानी (Death Educator Erin Merelli's Unique Way of Mourning)

एरिन पेशे से एक 'डेथ एजुकेटर' हैं, यानी वो दुनिया को बताती हैं कि मौत का गम कैसे मनाया जाए. उनका कहना है कि पुराने ढर्रे पर चलना ही विदाई नहीं है. उनके घर की बालकनी में टंगी ये विंड चाइम सिर्फ एक सजावट की चीज नहीं, बल्कि मौत के बाद का वो सफर है, जो हर किसी को नजर नहीं आता. लोग इसे 'अजीब' कह रहे हैं, लेकिन एरिन के लिए ये मोहब्बत का चरम है. दुनिया में विदा लेने के हजार तरीके हैं, पर अपनी बहन की अस्थियों को संगीत में बदल देना वाकई दिल दहला देने वाला और अनोखा है. 

(डिस्क्लेमर: यह जानकारी सोशल मीडिया पर वायरल खबर के आधार पर दी गई है. NDTV इसकी पुष्टि नहीं करता.)

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