नई दिल्ली:
भारत के राष्ट्रपति पद के चुनाव में प्रणब मुखर्जी ने 3,97,776 मतों के अंतर से जबर्दस्त जीत दर्ज की हालांकि वह सबसे अधिक नौ लाख से अधिक मतों के भारी अंतर से राष्ट्रपति चुने जाने के केआर नारायण के रिकॉर्ड को नहीं तोड़ सके। प्रणब दा की जीत का अंतर जाकिर हुसैन, डॉ. शंकर दयाल शर्मा और प्रतिभा पाटिल से बेहतर रहा।
प्रणब दा को 7,13,763 मत मूल्य प्राप्त हुए जबकि उनके प्रतिद्वन्द्वी पीए संगमा को 3,15,987 मत मूल्य हासिल हुए। भारत में राष्ट्रपति पद के लिए अब तक हुए 12 चुनाव में वीवी गिरि 14,650 मतों से जीत दर्जकर सबसे कम अंतर से चुनाव जीतने वाले राष्ट्रपति बने जबकि केआर नारायणन ने नौ लाख से अधिक मतों से जीत दर्ज करने का रिकॉर्ड बनाया जिसे अब तक तोड़ा नहीं जा सका है।
राष्ट्रपति पद के लिए दो मई 1952 को हुए पहले चुनाव में डॉ. राजेन्द्र प्रसाद 5,07,400 मत प्राप्त कर विजयी रहे। चुनाव में टी शाह को 92, 827 मत मिले। राजेन्द्र प्रसाद 4,14,573 मतों से विजयी हुए थे।
प्रणब दा को 7,13,763 मत मूल्य प्राप्त हुए जबकि उनके प्रतिद्वन्द्वी पीए संगमा को 3,15,987 मत मूल्य हासिल हुए। भारत में राष्ट्रपति पद के लिए अब तक हुए 12 चुनाव में वीवी गिरि 14,650 मतों से जीत दर्जकर सबसे कम अंतर से चुनाव जीतने वाले राष्ट्रपति बने जबकि केआर नारायणन ने नौ लाख से अधिक मतों से जीत दर्ज करने का रिकॉर्ड बनाया जिसे अब तक तोड़ा नहीं जा सका है।
राष्ट्रपति पद के लिए दो मई 1952 को हुए पहले चुनाव में डॉ. राजेन्द्र प्रसाद 5,07,400 मत प्राप्त कर विजयी रहे। चुनाव में टी शाह को 92, 827 मत मिले। राजेन्द्र प्रसाद 4,14,573 मतों से विजयी हुए थे।
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