Pakistan Cycle Ambulance Viral Video: पाकिस्तान की एक 'साइकिल एंबुलेंस' का वीडियो इन दिनों इंटरनेट पर धड़ल्ले से वायरल हो रहा है, जिसे लेकर लोग खूब मौज ले रहे हैं. वीडियो में एक शख्स साइकिल पर मेडिकल किट के साथ नजर आ रहा है. वायरल हो रहे इस वीडियो को लेकर दावा किया जा रहा है कि, कराची में मेयर ने हाल ही में 'साइकिल एंबुलेंस' सेवा शुरू की है, जिसके बाद लोगों ने पाकिस्तान की व्यवस्था का मजाक उड़ाते हुए इसकी तुलना दूसरे देशों की हाईटेक एयर एंबुलेंस और ड्रोन मेडिकल सेवाओं से करनी शुरू कर दी. देखते ही देखते यह वीडियो ट्विटर और इंस्टाग्राम पर ट्रेंड करने लगा.
Welcome to the future, #Pakistani version. The world is building flying ICUs. Karachi's mayor is launching a cycle ambulance.
— Thomas Wayne (@Thomxw09) July 20, 2026
1/2@zoomerjeet @fhzadran @Parizaad_reborn pic.twitter.com/5V9x3gsH9H
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क्या सच में पाकिस्तान में शुरू हुई साइकिल एंबुलेंस? (Pakistan Viral Cycle Ambulance)
पाकिस्तान की 'साइकिल एंबुलेंस' का वीडियो सोशल मीडिया के अलग-अलग प्लेटफॉर्म पर खूब देखा और शेयर किया जा रहा है. वीडियो देख चुके कुछ यूजर्स मजे लेते हुए लिख रहे हैं कि, 'अब यहां गाड़ियों की जगह साइकिल पर मरीजों का इलाज होगा.' टाइम्स ऑफ कराची की रिपोर्ट के मुताबिक, इमरजेंसी रिस्पॉन्स को अच्छा बनाने के मकसद से कराची के मेयर ने 'साइकिल एंबुलेंस' सेवा शुरू की है.

वायरल हो रहे इन वीडियो पर यूजर्स तरह-तरह के रिएक्शन दे रहे हैं. एक यूजर ने लिखा, 'पाकिस्तान के कराची में 77 साल के नवाचार के बाद आखिरकार साइकिल एम्बुलेंस आ गई है. यह केवल आसिम मुनीर के नेतृत्व में ही संभव हो पाया है.'
Karachi in Pakistan finally has a Cycle Ambulance after 77 years of Innovation. This was only possible under leadership of Asim Munir.🤣🤣🤣🤣🤣🤣 #PerformanceSpeaks #JanaNayagan #INDvsENG#FIFAWC pic.twitter.com/AmaAMbdFlc
— देशी छोरा (@Deshi_Indian01) July 20, 2026
वायरल वीडियो के पीछे की असली वजह
इन वायरल वीडियो से एक चौंकाने वाली और दिलचस्प बात सामने आई है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह कोई मजाक या मजबूरी नहीं, बल्कि 'Rescue 1122' द्वारा मई 2025 में शुरू किया गया एक पायलट प्रोजेक्ट था, जिसका मकसद था कराची की संकरी गलियों और भारी ट्रैफिक वाले इलाकों तक वक्त पर पहुंचना था. जहां एंबुलेंस जाम में फंस जाती हैं, वहां ये 'साइकिल एंबुलेंस' तुरंत पहुंचकर मरीज को तुरंत फर्स्ट-एड दे सकती हैं. इस पहल के पीछे एक और खास बात बताई जा रही है कि, इसमें प्रशिक्षित महिला स्वयंसेवकों को भी शामिल किया गया है
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