Padma Awards 2026: श्रीरंग देवबा लाड का सफर किसी बड़े मंच से नहीं बल्कि खेत की मेड़ से शुरू हुआ. सीमित संसाधन, बदलता मौसम और बढ़ती लागत जैसी परेशानियां उनके सामने भी थीं, लेकिन उन्होंने हालात को कोसने के बजाय खेती को समझा. खासतौर पर कपास की खेती में उन्होंने ऐसे प्रयोग किए, जिनसे पैदावार बढ़ी और खर्च कम हुआ.

300 फीसदी उपज और किसानों का भरोसा (Maharashtra farmer success story)
उनकी तकनीक ने कई किसानों की सोच बदल दी. जहां पहले घाटे का डर था, वहां अब मुनाफा दिखने लगा. श्रीरंग लाड ने अपने अनुभव अकेले नहीं रखे, बल्कि गांव-गांव जाकर किसानों को सिखाया. यही वजह है कि उनकी पहचान सिर्फ एक किसान की नहीं, बल्कि मार्गदर्शक (Farmer Success Story India) की बन गई.

पद्म अवॉर्ड 2026 और खेती की जीत (Padma Award 2026 and Victory of Agriculture)
कृषि क्षेत्र में योगदान के लिए जब 2026 में उन्हें पद्म अवॉर्ड दिया गया, तो यह सम्मान पूरे किसान समाज के नाम हो गया. यह खबर इसलिए अहम है क्योंकि यह बताती है कि आज भी खेती में नवाचार से बड़ा बदलाव संभव है.

श्रीरंग देवबा लाड की कहानी हर किसान और युवा के लिए सबक है. सही सोच, मेहनत और साझेदारी से खेती भी तरक्की का मजबूत रास्ता बन सकती है.
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