
प्रतीकात्मक फोटो
न्यूयॉर्क:
अधिक उम्र में माता-पिता बनने वाले लोगों के लिए यह जानना बेहद जरूरी है कि उनकी आने वाली संतान की लंबी आयु के लिए सिर्फ कामना ही की जा सकती है। एक नए शोध के अनुसार, अधिक उम्र वाले व्यक्तियों की संतानें लंबी आयु तक जीवित नहीं रहतीं, क्योंकि उनकी उम्र का प्रभाव उनके टेलोमेयर पर पड़ता है।
अमेरिका की नॉर्थ डकोटा यूनिवर्सिटी के जीव विज्ञान के सहायक प्रोफेसर ब्रिट हाइडिंगर ने बताया, टेलोमेयर डीएनए के अंतिम सिरे में पाया जाता है और यह कोशिकाओं की उम्र को दर्शाता है। यह कोशिका विभाजन के समय डीएनए की सुरक्षा करता है। टेलोमेयर कोशिका प्रतिरूप का अभिन्न अंग है, जो व्यक्ति की लंबी उम्र से संबंधित होते हैं।
इस शोध के लिए 30 सालों तक कई प्रजातियों पर अध्ययन किया गया। विभिन्न प्रजातियों में लंबे टेलीमेयर वाले जीवों की संतानों में लंबी उम्र देखी गई है। इसके अलावा, यह भी सामने आया है कि संतान की लंबी आयु पर पिता की उम्र से ज्यादा मां की आयु का प्रभाव पड़ता है। यह शोध पत्रिका 'फंक्शनल इकोलॉजी' में प्रकाशित हुआ है।
अमेरिका की नॉर्थ डकोटा यूनिवर्सिटी के जीव विज्ञान के सहायक प्रोफेसर ब्रिट हाइडिंगर ने बताया, टेलोमेयर डीएनए के अंतिम सिरे में पाया जाता है और यह कोशिकाओं की उम्र को दर्शाता है। यह कोशिका विभाजन के समय डीएनए की सुरक्षा करता है। टेलोमेयर कोशिका प्रतिरूप का अभिन्न अंग है, जो व्यक्ति की लंबी उम्र से संबंधित होते हैं।
इस शोध के लिए 30 सालों तक कई प्रजातियों पर अध्ययन किया गया। विभिन्न प्रजातियों में लंबे टेलीमेयर वाले जीवों की संतानों में लंबी उम्र देखी गई है। इसके अलावा, यह भी सामने आया है कि संतान की लंबी आयु पर पिता की उम्र से ज्यादा मां की आयु का प्रभाव पड़ता है। यह शोध पत्रिका 'फंक्शनल इकोलॉजी' में प्रकाशित हुआ है।
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं