Woman forced tattoos 250 times: इश्क में जुनून तो सुना था, पर नीदरलैंड की जोक (Joke) के साथ जो हुआ वह किसी डरावनी फिल्म से कम नहीं है. जोक के एक्स बॉयफ्रेंड ने अपनी दीवानगी और अधिकार जताने के चक्कर में जोक के शरीर को एक 'नोटबुक' बना दिया. उसने एक सस्ती ऑनलाइन मशीन मंगवाई और जोक की मर्जी के खिलाफ उसके चेहरे, गर्दन और पूरे बदन पर 250 बार अपना नाम 'हंस' (Hans) और उसके शुरुआती अक्षर गोद दिए.
जोक का आरोप है कि उसका पूर्व प्रेमी उसे सालों तक पिंजरे में कैद परिंदे की तरह रखता था. उसे शारीरिक और मानसिक तौर पर इतना प्रताड़ित किया गया कि वह खुद को नशे के दलदल में झोंकने पर मजबूर हो गई. आलम यह था कि महिला के शरीर का करीब 90 फीसदी हिस्सा स्याही से काला हो चुका था, जैसे वह कोई इंसान नहीं, बल्कि किसी की पर्सनल प्रॉपर्टी हो.
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चेहरे पर नफरत की स्याही और बेबस कानून (Netherlands tattoo abuse case)
न्यूयॉर्क पोस्ट की एक रिपोर्ट के अनुसार, जोक ने जब पुलिस का दरवाजा खटखटाया, तो वहां भी उसे निराशा ही हाथ लगी. उस शातिर शख्स ने बड़ी चालाकी से कह दिया कि, ये सब तो जोक की रजामंदी से हुआ है. अब भला कोई अपनी आंखों, नाक और संवेदनशील अंगों पर इतने भद्दे टैटू क्यों बनवाएगा? इसी कानूनी पेच की वजह से उसे सजा दिलवाना पहाड़ चढ़ने जैसा हो गया. टैटू रिग्रेट (Tattoo Regret) संस्था के एंडी हान कहते हैं कि यह सिर्फ टैटू नहीं, बल्कि किसी के वजूद को मिटाने की कोशिश थी. वह शख्स जोक को पूरी तरह अपने कंट्रोल में रखना चाहता था, ताकि कोई और उसे देख भी न सके.
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मिट रहे हैं जख्मों के निशान (The Journey from Victim to Survivor)
अंधेरी रात के बाद जोक की जिंदगी में अब उम्मीद का सूरज निकला है. 'टैटू रिग्रेट' नाम की एक संस्था देवदूत बनकर सामने आई और जोक के इलाज के लिए 35,000 डॉलर (करीब 29 लाख रुपये) से ज्यादा का चंदा इकट्ठा किया. अब लेजर सर्जरी के जरिए जोक के चेहरे से वे काली यादें मिटाई जा रही हैं. जोक का कहना है कि अगर वह इस नर्क से बाहर निकल सकती है, तो दुनिया की कोई भी पीड़ित महिला हार नहीं माननी चाहिए.
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यह कहानी महज एक क्राइम रिपोर्ट नहीं, बल्कि उन लोगों के लिए सबक है जो प्यार के नाम पर टॉक्सिक रिश्तों को ढोते हैं. जोक की हिम्मत को सलाम है कि उसने अपनी पहचान वापस पाने की जंग जीती. याद रखिए, सच्चा प्यार कभी आपको बेड़ियां नहीं पहनाता.
(डिस्क्लेमर: यह जानकारी सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो के आधार पर दी गई है. NDTV इसकी पुष्टि नहीं करता.)
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