लंदन:
नियमित तौर पर किया जाने वाला हल्का व्यायाम सर्दी-जुकाम से बचा सकता है, लेकिन लगातार दौड़ना या कठिन व्यायाम इन बीमारियों का खतरा बढ़ा सकता है। इसकी पुष्टि एक नए शोध में हुई है।
शोध परिणाम के अनुसार, 'अपर रेस्पिरेटरी ट्रैक्ट इंफेक्शन' गंभीर संक्रमण है, जो नाक, गला, श्वसन तंत्र को प्रभावित करता है। यह सर्दी-जुकाम, टांसिलाइसिस, साइनसाइटिस तथा फ्लू का सामान्य कारण है। वातावरण में सक्रिय वायरस इस संक्रमण का कारण होते हैं। शोध का नेतृत्व करने वाले ब्रिटेन में लफबोरफ यूनीवर्सिटी के प्रोफेसर माइक ग्लीसन ने बताया, "शोध से पता चलता है कि नियमित हल्के व्यायाम से श्वसन संबंधी संक्रमण का खतरा तकरीबन एक-तिहाई तक कम होता है। इसके विपरीत लंबे समय तक और कठिन व्यायाम से बीमार होने का खतरा बढ़ जाता है।"
उन्होंने बताया कि कई सप्ताह तक चले अध्ययन के दौरान पाया गया कि लंबे व कठिन व्यायाम से संक्रमण का खतरा दो से छह गुना तक बढ़ गया। रोग प्रतिरोधक क्षमता को नियमित करने में 'नेचुरल किलर' कोशिकाएं काफी महत्वपूर्ण हैं। ये वायरल संक्रमण की चपेट में आने से बचाती हैं। लेकिन बाहरी संक्रण कई बार इन्हें बेअसर कर देते हैं।
ग्लीसन के अनुसार, "हल्के व्यायाम से 'नेचुरल किलर' कोशिकाओं की गतिविधयां एवं क्षमता बढ़ती है, जबकि कठिन और लंबे समय तक किया जाने वाला व्यायाम इनकी गतिवधियों को घटा देता है। ये परिवर्तन तनाव के लिए जिम्मेदार हार्मोन तथा अन्य रोग प्रतिरोधक कोशिकाओं पर भी समान रूप से लागू होते हैं।"
शोध परिणाम के अनुसार, 'अपर रेस्पिरेटरी ट्रैक्ट इंफेक्शन' गंभीर संक्रमण है, जो नाक, गला, श्वसन तंत्र को प्रभावित करता है। यह सर्दी-जुकाम, टांसिलाइसिस, साइनसाइटिस तथा फ्लू का सामान्य कारण है। वातावरण में सक्रिय वायरस इस संक्रमण का कारण होते हैं। शोध का नेतृत्व करने वाले ब्रिटेन में लफबोरफ यूनीवर्सिटी के प्रोफेसर माइक ग्लीसन ने बताया, "शोध से पता चलता है कि नियमित हल्के व्यायाम से श्वसन संबंधी संक्रमण का खतरा तकरीबन एक-तिहाई तक कम होता है। इसके विपरीत लंबे समय तक और कठिन व्यायाम से बीमार होने का खतरा बढ़ जाता है।"
उन्होंने बताया कि कई सप्ताह तक चले अध्ययन के दौरान पाया गया कि लंबे व कठिन व्यायाम से संक्रमण का खतरा दो से छह गुना तक बढ़ गया। रोग प्रतिरोधक क्षमता को नियमित करने में 'नेचुरल किलर' कोशिकाएं काफी महत्वपूर्ण हैं। ये वायरल संक्रमण की चपेट में आने से बचाती हैं। लेकिन बाहरी संक्रण कई बार इन्हें बेअसर कर देते हैं।
ग्लीसन के अनुसार, "हल्के व्यायाम से 'नेचुरल किलर' कोशिकाओं की गतिविधयां एवं क्षमता बढ़ती है, जबकि कठिन और लंबे समय तक किया जाने वाला व्यायाम इनकी गतिवधियों को घटा देता है। ये परिवर्तन तनाव के लिए जिम्मेदार हार्मोन तथा अन्य रोग प्रतिरोधक कोशिकाओं पर भी समान रूप से लागू होते हैं।"