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'पुरुषों को भी होते हैं पीरियड्स', सैनिटरी पैड्स सेक्शन से सुपरमार्केट ने हटाया 'महिला' शब्द

कंपनी के इस नए फैसले पर दुनिया भर के ग्राहकों और महिला कार्यकर्ताओं का गुस्सा फूट पड़ा है. जानिए क्या है यह पूरा वोक कल्चर विवाद.

'पुरुषों को भी होते हैं पीरियड्स', सैनिटरी पैड्स सेक्शन से सुपरमार्केट ने हटाया 'महिला' शब्द
सुपरमार्केट ने सैनिटरी पैड्स सेक्शन से हटाया 'महिला' शब्द, ग्राहकों ने शुरू किया विरोध. (सांकेतिक तस्वीर)
Unsplash

Zara Hatke News: ब्रिटेन के मशहूर सुपरमार्केट वेट्रोज (Waitrose) ने अपने स्टोर्स से फेमिनिन केयर (Feminine Care - महिला देखभाल) नाम का बोर्ड हटा दिया है. यह वो सेक्शन होता है जहां महिलाओं के सैनिटरी पैड्स, टैम्पोन और मेंस्ट्रुअल कप रखे जाते हैं. अब इस सेक्शन का नया नाम बदलकर इंटीमेट हाइजीन (Intimate Hygiene - यानी निजी साफ-सफाई) कर दिया गया है. इस फैसले के सामने आते ही लोग सोशल मीडिया पर भड़क गए हैं. लोगों का कहना है कि सिर्फ कुछ लोगों को खुश करने के लिए महिलाओं के नाम को ही मिटाया जा रहा है.

आखिर कंपनी ने ऐसा क्यों किया?

द टेलीग्राफ की रिपोर्ट के अनुसार, यह पूरा विवाद कंपनी के अंदर की एक बातचीत लीक होने से शुरू हुआ. प्राइड मंथ (Pride Month) से ठीक पहले, कंपनी के ही एक कर्मचारी ने बड़े अधिकारियों से शिकायत की थी. कर्मचारी का कहना था, 'मुझे यह देखकर बहुत दुख होता है कि हम आज भी सैनिटरी पैड्स वाले सेक्शन पर 'महिला देखभाल' लिखते हैं. हर वो इंसान जिसे पीरियड्स होते हैं, वो महिला नहीं होती. जो लोग महिला से पुरुष बने हैं (Trans man), उन्हें भी पीरियड्स होते हैं. इसलिए यहां से महिला शब्द हटाया जाना चाहिए.

द सन के मुताबिक, कंपनी की बड़ी अधिकारी जो स्केल्टन को यह बात सही लगी और उन्होंने तुरंत कंप्यूटर सिस्टम और दुकानों से 'महिला' शब्द हटाने का आदेश दे दिया. 

लोगों का फूटा गुस्सा, बोले- ये महिलाओं का अपमान है

द सन की रिपोर्ट के अनुसार, इस नए नाम को देखकर ब्रिटेन के बड़े नेता और सामाजिक कार्यकर्ता भी गुस्से में हैं:- 

ब्रिटिश नेता बैरनैस फॉस्टर का कहना है कि यह सुपरमार्केट महिलाओं का अपमान कर रहा है. ऐसी हरकतें तुरंत बंद होनी चाहिए. 

वहीं, सामाजिक कार्यकर्ता जेम्स एसेस ने कहा, 'यह बेहद अजीब और शर्मनाक फैसला है. सिर्फ कुछ एक्टिविस्ट्स को खुश करने के लिए आधी आबादी की पहचान को ही छिपाया जा रहा है.'

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विवाद बढ़ने पर सुपरमार्केट ने दी ये सफाई

जहां एक तरफ लोग इस फैसले का विरोध कर रहे हैं, वहीं कंपनी ने इसके पीछे की एक व्यावहारिक वजह भी बताई है. याहू न्यूज के अनुसार, सुपरमार्केट के प्रवक्ता ने कहा है, 'हमने यह नाम इसलिए बदला क्योंकि इस सेक्शन में अब सिर्फ महिलाओं के पीरियड्स के पैड्स नहीं मिलते. अब यहां पुरुषों के लिए यूरिन लीक वाले पैड्स (Incontinence Pads) भी बेचे जाते हैं. इसलिए इस जगह का नाम ऐसा होना जरूरी था, जिसमें दोनों तरह के प्रोडक्ट्स आ सकें.' 

पहले से ऐसी हरकतें करती आ रही कंपनी

ब्रिटेन के मीडिया पोर्टल्स के अनुसार, यह सुपरमार्केट पहले भी ऐसे विवादों में रहा है. इससे पहले इस कंपनी ने मदर्स डे (Mother's Day) के मौके पर 'मदर्स डे' लिखे हुए कार्ड्स बेचने से मना कर दिया था. उसकी जगह उन्होंने जेंडर-न्यूट्रल (Happy You Day) वाले कार्ड बेचे थे, ताकि किसी को बुरा न लगे. तब भी महिलाओं ने इस पर भारी आपत्ति जताई थी.

क्या वोक कल्चर बन रहा वजह?

द टाइम्स के विश्लेषण के अनुसार, विदेशों में पिछले कुछ सालों से वोक कल्चर (Woke Culture) बहुत तेजी से बढ़ रहा है. इसके तहत कंपनियां ऐसी भाषा का इस्तेमाल करने की कोशिश करती हैं जिससे किसी ट्रांसजेंडर व्यक्ति को ठेस न पहुंचे. उदाहरण के लिए, वहां कई अस्पतालों में अब 'गर्भवती महिला' की जगह 'गर्भवती लोग' और 'मां' की जगह 'जन्म देने वाला अभिभावक' जैसे शब्दों का इस्तेमाल शुरू हो चुका है, जिस पर दुनिया भर में लोग हैरान हैं और इसका विरोध कर रहे हैं.

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