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क्रेडिट कार्ड बंद करने में देरी बैंक को पड़ी भारी! ग्राहक को मिला 3.21 लाख रु का मुआवज़ा, जानिए पूरा मामला

क्रेडिट कार्ड बंद करने में देरी के कारण एक ग्राहक को 3.21 लाख का मुआवज़ा मिला. कोटक महिंद्रा बैंक के इस मामले ने दिखाया कि RBI के नियमों के तहत ग्राहक अपने अधिकारों के लिए कैसे लड़ सकते हैं और बैंक की लापरवाही पर भारी जुर्माना लग सकता है.

क्रेडिट कार्ड बंद करने में देरी बैंक को पड़ी भारी! ग्राहक को मिला 3.21 लाख रु का मुआवज़ा, जानिए पूरा मामला
बैंक की एक गलती पड़ी भारी! ग्राहक को मिला 3.21 लाख रु का मुआवज़ा

आज के समय में बैंकिंग सेवाओं में छोटी सी लापरवाही भी बड़ा नुकसान करा सकती है. लेकिन, इस बार मामला उल्टा पड़ गया. बैंक की गलती से एक ग्राहक को लाखों रुपये का फायदा हो गया. एक वायरल पोस्ट के मुताबिक, क्रेडिट कार्ड बंद करने में देरी के कारण ग्राहक को 3.21 लाख रुपये का मुआवज़ा मिला, जिसने सोशल मीडिया पर सबका ध्यान खींच लिया.

कैसे शुरू हुआ पूरा मामला?

यह मामला कोटक महिंद्रा बैंक से जुड़ा है. एक यूजर ने बताया, कि उसने मई 2025 में अपने दो क्रेडिट कार्ड (कोटक मिंत्रा और कोटक मोजो प्लैटिनम) बंद करने के लिए ईमेल किया था. कारण यह था कि बैंक ने उसका क्रेडिट लिमिट 1 लाख रु से घटाकर 10,000 रुपये कर दिया था. लेकिन, बार-बार ईमेल भेजने के बावजूद बैंक की तरफ से कोई जवाब नहीं मिला.

बंद करने के बजाय लगा दिया चार्ज

करीब एक साल बाद, अप्रैल 2026 में, यूजर ने देखा कि उसके खाते से 1,180 रुपये का चार्ज (एनुअल फीस) काट लिया गया है. जब उसने बैंक से शिकायत की, तो पता चला कि उसका कार्ड अभी तक बंद ही नहीं हुआ था.

Got ₹3.21 lakh compensation from Kotak Mahindra Bank for not closing my credit card
by u/ruhaannnn in CreditCardsIndia

ओम्बड्समैन तक पहुंचा मामला

बार-बार शिकायत के बाद भी जब कोई समाधान नहीं मिला, तो यूजर ने मामला भारतीय रिजर्व बैंक के बैंकिंग ओम्बड्समैन तक पहुंचाया. इसके बाद बैंक के नोडल अधिकारी ने संपर्क किया, लेकिन उन्होंने शुरुआत में इसे ग्राहक की गलती बताया. हालांकि, यूजर के पास ईमेल और लिखित अनुरोध के सबूत मौजूद थे.

कैसे मिला 3.21 लाख रुपये?

दरअसल, RBI के नियमों के अनुसार अगर बैंक क्रेडिट कार्ड बंद करने में देरी करता है, तो उसे हर दिन 500 रुपये का मुआवज़ा देना पड़ता है.
- 2 कार्ड = 1000 रुपये प्रतिदिन
- कुल देरी = 321 दिन
- कुल मुआवज़ा = 3,21,000 रुपये

आखिरकार, बैंक ने यह पूरी राशि ग्राहक के खाते में जमा कर दी.

सोशल मीडिया पर लोगों की प्रतिक्रिया

यह मामला सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया और लोगों ने इस पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं दीं हैं. एक यूजर ने लिखा, इतनी रकम तो कैशबैक से भी नहीं मिलती, मज़ा आ गया! दूसरे ने कहा, मेरा भी केस रिजेक्ट हो गया था क्योंकि मेरे पास लिखित सबूत नहीं था. कई लोगों ने बताया, कि उन्हें भी ऐसे ही समस्याओं का सामना करना पड़ा है.

(Disclaimer: यह खबर सोशल मीडिया पर यूजर द्वारा की गई पोस्ट से तैयार की गई है. एनडीटीवी इस कंटेंट की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं करता.)

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