विज्ञापन

VIDEO: 40 की उम्र में नौकरी छूटी तो चमकी 'किस्मत', बंदे ने बताए लेऑफ के 3 सबसे बड़े फायदे

कॉरपोरेट सेक्टर में 40 की उम्र के बाद नौकरी जाना किसी बुरे सपने जैसा लगता है, लेकिन एक पूर्व कॉरपोरेट लीडर ने इस कड़वे सच को एक बड़े मौके में बदल दिया. उन्होंने बताया कि, कैसे इस एक चीज ने उनकी लाइफ, पैसों की समझ और रिश्तों की सच्चाई सामने ला दी.

VIDEO: 40 की उम्र में नौकरी छूटी तो चमकी 'किस्मत', बंदे ने बताए लेऑफ के 3 सबसे बड़े फायदे
जॉब गई तो खुला तरक्की का नया रास्ता, पूर्व कॉरपोरेट लीडर ने शेयर किया अपना एक्सपीरियंस
Photo-midlifereboot43

Layoff Benefits At 40: कॉरपोरेट की दुनिया में जब आप सालों तक काम करते हैं, तो एक दिन अचानक नौकरी चले जाना किसी बुरे सपने से जैसा लगता है. हाल ही में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर 'Midlife Reboot' अकाउंट चलाने वाले एक शख्स के साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ. 18 साल तक कॉरपोरेट लीडर के तौर पर काम करने के बाद जब उन्हें एक दिन लेऑफ का सामना करना पड़ा, तो उनके लिए दुनिया थोड़ी ठहर सी गई, लेकिन उन्होंने इसे करियर का एंड मानने के बजाए इसे अपनी लाइफ का रिसेट बटन मान लिया. उनका कहना है कि 40 की उम्र में नौकरी जाना भले ही आर्थिक रूप से डराने वाला हो, लेकिन ये लाइफ को नए नजरिए से देखने का मौका देता है.

ये भी पढ़ें:-मिल्क प्रोडक्शन की दुनिया में बड़ा 'चमत्कार', एंब्रियो ट्रांसफर से अब एक भैंस से होंगे साल भर में 50 से ज्यादा बच्चे

असली दोस्तों की पहचान और पैसों की कड़वी सच्चाई (True friends and financial reality check)

लेऑफ होते ही सबसे पहला सबक ये मिलता है कि आपके असली दोस्त कौन हैं? 40 की उम्र में नौकरी गंवाने वाले एक शख्स ने बताया कि, कैसे इस झटके ने उनकी जिंदगी और सोच को पूरी तरह से बदल दिया. इस शख्स के मुताबिक, 'जो लोग मुश्किल वक्त में आपको कॉफी पर ले जाते हैं और हाल-चाल पूछते हैं, वही सच्चे साथी होते हैं...बाकी लोग तो सिर्फ एक लाइन का मैसेज भेजकर गायब हो जाते हैं. इसके साथ ही जब महीने के आखिर में सैलरी आना बंद हो जाती है, तो इंसान को अपनी असली जरूरतों और बेवजह कि फिजूलखर्ची के बीच का फर्क समझ में आने लगता है. लाइफस्टाइल का दिखावा अपने आप खत्म हो जाता है.'

काम को लेकर बदल गया पूरा नजरिया (40 me job chhutna)

तीसरा और सबसे बड़ा चैलेंज काम करने के तरीके और सोच में आता है. जब यही शख्स दोबारा अपनी टीम को लीड करने लौटे, तो उन्होंने छोटी-छोटी बातों पर तनाव लेना छोड़ दिया. उन्हें ये समझ आ गया था कि, कॉरपोरेट सिक्योरिटी महज एक भ्रम है और यहां कुछ भी परमानेंट नहीं है. उन्होंने इस एक्सपीरियंस को 'एग्जीक्यूटिव रिसेट' का नाम दिया, जो आम नौकरी के दिनों में कभी मुमकिन नहीं हो पाता.

ये भी पढ़ें:-150 बार भारत आ चुके जर्मन पर्यटक की हिंदी सुन दंग रह गए लोग, वीडियो बार-बार लूप में देखने को हुए मजबूर

पूरी स्टोरी पढ़ें

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
Layoff, Benefits, Instagram, Corporate Job, Career
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com