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केरल की साइलेंट वैली में मिला 'अर्धनारीश्वर' केकड़ा, एक ही शरीर में बसते हैं दो जेंडर!

कुदरत के कैनवास पर जब जेंडर की लकीरें धुंधली हुईं, तो केरल के खामोश जंगलों में एक 'अर्धनारीश्वर' करिश्मा पैदा हुआ. आधा वजूद मर्द का और आधा औरत का...यह वेला कर्ली केकड़ा विज्ञान की किताबों के लिए किसी तिलिस्मी पहेली से कम नहीं है.

केरल की साइलेंट वैली में मिला 'अर्धनारीश्वर' केकड़ा, एक ही शरीर में बसते हैं दो जेंडर!
आधा नर, आधी नारी! केरल के जंगलों में मिला 'तिलिस्मी' केकड़ा, साइंटिस्ट भी हैरान कि ये करिश्मा है या कुदरत की खता?

Half Male Half Female Crab: कुदरत के पिटारे में न जाने कितने राज दफन हैं. केरल के साइलेंट वैली नेशनल पार्क से एक ऐसी खबर आई है, जिसने वैज्ञानिकों के होश फाख्ता कर दिए हैं. यहां एक ऐसा 'जादुई' केकड़ा मिला है, जो न पूरी तरह नर है और न ही मादा. इस अनोखे जीव का आधा शरीर पुरुष जैसा है और आधा स्त्री जैसा. आखिर क्या है इस 'वेला कर्ली' केकड़े की दास्तान? आइये जानते हैं.

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कुदरत का अनोखा शाहकार (gynandromorph crab kerala)

केरल के घने और पुर-असरार (रहस्यमयी) जंगलों में वैज्ञानिकों को एक ऐसा नायाब तोहफा मिला है, जिसे देखकर अक्ल दंग रह जाए. 'वेला कर्ली' (Vela carli) नाम की प्रजाति का यह केकड़ा मीठे पानी में रहता है, लेकिन इसकी असल पहचान इसके जिस्म में छिपी है. वैज्ञानिकों ने जब इसकी बारीकी से जांच की, तो पता चला कि यह बाइलेटरल जाइनैंड्रोमॉर्फी (bilateral gynandromorphy) का शिकार है. इसका मतलब है कि इसके शरीर के दाएं और बाएं हिस्से अलग-अलग जेंडर के हैं. यह नजारा इतना दुर्लभ है कि, इसे देखना किसी करिश्मे से कम नहीं.

मछुआरे रह गए हक्का-बक्का (silent valley rare crab)

पश्चिमी घाट के झरनों और पेड़ों के खोखलों में रहने वाला यह जीव पहली बार स्थानीय मछुआरों की नजर में आया. जब रिसर्चर्स ने 120 केकड़ों का मुआयना किया, तो उनमें से 3 ऐसे निकले जो जेंडर की सीमाओं को लांघ चुके थे. सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि यह किसी प्रदूषण या जहर की वजह से नहीं हुआ, बल्कि अंडे के विकास के दौरान एक डेवलपमेंटल ग्लिच (genetic error) की वजह से हुआ है. साइंटिस्ट्स के मुताबिक, यह जेनेटिक्स की दुनिया को समझने का एक सुनहरा मौका है.

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साइंटिफिक रिसर्च और जेनेटिक गड़बड़ी का सच (Scientific Research and Genetic Glitch Truth)

जैसे ही इस केकड़े की खबर बाहर आई, इंटरनेट पर मीम्स और कमेंट्स की बाढ़ आ गई. कोई इसे 'नेचर का क्वियर आइकन' कह रहा है, तो कोई इसे 'डिवा केकड़ा' पुकार रहा है, लेकिन मजाक से हटकर, यह साइलेंट वैली की उस बेपनाह खूबसूरती और विविधता का सबूत है, जिसे यूनेस्को ने वर्ल्ड हेरिटेज का दर्जा दिया है. यह नन्हा सा जीव हमें याद दिलाता है कि, जिंदगी की हर शक्ल अपनी जगह मुकम्मल और खूबसूरत है.

पश्चिमी घाट की जैव विविधता और वायरल चर्चा (Western Ghats Biodiversity and Viral Trends)

केरल का यह 'वेला कर्ली' केकड़ा सिर्फ एक जीव नहीं, बल्कि कुदरत की एक ऐसी किताब है जिसका हर पन्ना रहस्य से भरा है. विज्ञान भले ही इसे क्रोमोसोमल गड़बड़ी कहे, पर आम इंसान के लिए यह प्रकृति की असीमित कल्पना का एक छोटा सा नमूना है.

(डिस्क्लेमर: यह जानकारी सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो के आधार पर दी गई है. NDTV इसकी पुष्टि नहीं करता.)

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