केरल के शख्स ने बनाया खुद का प्लेन, परिवार के साथ की यूरोप समेत कई देशों की यात्रा

केरल के अलाप्पुझा के मूल निवासी थमराक्षन को 4 सीटों वाले हवाई जहाज के निर्माण में लगभग 18 महीने लगे.

केरल के शख्स ने बनाया खुद का प्लेन, परिवार के साथ की यूरोप समेत कई देशों की यात्रा

केरल के शख्स ने बनाया खुद का प्लेन

ऐसे समय में जब विमानन उद्योग कोविड -19 महामारी (Covid-19 pandemic) के प्रतिकूल प्रभाव से उबर रहा है, केरल (Kerala) का एक शख्स, अशोक अलीसेरिल थमारक्षण, अपने परिवार के साथ खुद से बनाए हुए विमान से यूरोप की यात्रा कर रहा है. विमान का निर्माण अशोक अलीसेरिल थमारक्षण (Ashok Aliseril Thamarakshan) ने खुद किया था, जो अब कोविड -19 लॉकडाउन के दौरान से ही लंदन में रह रहे हैं. केरल के अलाप्पुझा के मूल निवासी थमराक्षन को 4 सीटों वाले हवाई जहाज के निर्माण में लगभग 18 महीने लगे.

द टाइम्स ऑफ इंडिया ने बताया, कि 4 सीटों वाले विमान मॉडल "स्लिंग टीएसआई" का नाम "जी-दीया" रखा गया है, जिसमें दीया उनकी छोटी बेटी का नाम है. थमारक्षन अपनी मास्टर्स डिग्री हासिल करने के लिए 2006 में यूके चले गए और वर्तमान में वे फोर्ड मोटर कंपनी के लिए काम करते हैं. अशोक अलीसेरिल थमराक्षन पूर्व विधायक ए वी थमराक्षन के बेटे हैं.

थमारक्षण, जिनके पास पायलट का लाइसेंस है, अपने परिवार के साथ 4 सीटों वाले खुद के बनाए विमान में अब तक जर्मनी, ऑस्ट्रिया और चेक गणराज्य का दौरा कर चुके हैं.

विमान बनाने के विचार के बारे में बोलते हुए, थमराक्षन ने कहा, “शुरुआत में मैं 2018 में अपना पायलट लाइसेंस प्राप्त करने के बाद यात्राओं के लिए छोटे टू-सीटर विमान किराए पर लेता था. लेकिन चूंकि मेरे परिवार में मेरी पत्नी और दो बेटियाँ भी हैं. मुझे 4 सीटों वाले विमान की आवश्यकता थी. लेकिन वे जल्दी नहीं मिलते हैं और अगर मुझे एक मिल भी जाता है, तो वे बहुत पुराने थे."

चार सीटों वाले सही विमान को खोजने में हुई इस मुश्किल ने उन्हें लॉकडाउन के दौरान इस विषय पर शोध करने और घर में बने विमानों के बारे में जानने के लिए प्रेरित किया.

जनवरी में थमराक्षन द्वारा बनाए गए हवाई जहाज पर परिवार की पहली यात्रा करने से एक महीने पहले, उनकी पत्नी अभिलाषा ने द सन को बताया, कि परिवार ने पहले लॉकडाउन के दौरान पैसे बचाना शुरू कर दिया था. श्रीमती थमारक्षण ने कहा, "हम जानते थे कि हम हमेशा अपना खुद का विमान चाहते थे, और पहले कुछ महीनों में हम बहुत सारा पैसा बचा रहे थे इसलिए हमने सोचा कि हम इसे बनाएंगे."

अपना खुद का विमान बनाने के लिए, 38 वर्षीय ने जोहान्सबर्ग स्थित कंपनी स्लिंग एयरक्राफ्ट के कारखाने का दौरा किया, यह जानने के बाद कि वे 2018 में एक नया विमान, स्लिंग टीएसआई लॉन्च कर रहे थे. कारखाने के दौरे के बाद थमारक्षण ने अपने विमान के लिए एक किट बनाने का आदेश दिया.

महामारी से हुए लॉकडाउन के कारण हाथ में बहुत समय और इस अवधि के दौरान बचाए गए धन ने थमारक्षण को महत्वाकांक्षी परियोजना पर काम करने का अवसर दिया. विमान को बनाने में कुल 1.8 करोड़ रुपये की लागत आने का अनुमान है.

Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com


सड़क पर साइकिल चलाते-चलाते गहरी नींद में सो गया शख्स