आप किसी अस्पताल के अंदर कदम रखें और वहां आपको स्टारबक्स की ताजा कॉफी और 7-Eleven का चमचमाता स्टोर मिल जाए. आप भी एक पल के लिए चकरा जाएंगे ना? बिल्कुल ऐसा ही हुआ अमेरिका से भारत आईं लिज के साथ.
लिज एक अमेरिकन कंटेंट क्रिएटर हैं. जब वो भारत के एक प्राइवेट अस्पताल में पहुंचीं, तो उनकी आंखें फटी की फटी रह गईं. उन्होंने अपना एक वीडियो शेयर किया है, जिसने इंटरनेट पर तहलका मचा दिया है. वीडियो में लिज बेहद हैरानी से कहती हैं, "वाओ इंडिया! मैं एक अस्पताल के अंदर खड़ी हूं और मेरे पास शब्द ही नहीं हैं. ये तो बिल्कुल किसी फाइव-स्टार होटल जैसा लग रहा है. यहां अंदर एक स्टारबक्स और 7-Eleven भी है."
किस बात से इम्प्रेस हुई अमेरिकी महिला?
लेकिन कहानी सिर्फ इस चकाचौंध की नहीं है. लिज को जिस बात ने सबसे ज्यादा इम्प्रेस किया, वो थी हमारे यहां इलाज की रफ्तार. जरा सोचिए, अमेरिका जैसे सुपरपावर देश में एक नए मरीज को डॉक्टर का अपॉइंटमेंट लेने के लिए औसतन 31 दिन (यानी पूरा एक महीना) इंतजार करना पड़ता है. वहीं लिज को भारत में सिर्फ दो दिन में अपॉइंटमेंट मिल गया, बिना किसी परेशानी और धक्के के.
"क्या भारत में शिफ्ट हो जाऊं"
अब जरा खर्चे का गणित भी समझ लीजिए. अमेरिका में बिना इंश्योरेंस वाले मरीज को सिर्फ डॉक्टर की शक्ल देखने के लिए 100 से 300 डॉलर (हजारों रुपये) अपनी जेब से ढीले करने पड़ते हैं. स्पेशलिस्ट की फीस तो इससे भी ज्यादा होती है. वहीं लिज ने भारत में एक स्पेशलिस्ट को दिखाने के लिए सिर्फ 40 डॉलर (करीब 3300 रुपये) दिए. लिज भारत की इस सुविधा से इतनी खुश हुईं कि उन्होंने मजाकिया अंदाज में पूछ ही लिया- "क्या मुझे हमेशा के लिए भारत शिफ्ट हो जाना चाहिए?"
वीडियो वायरल होते ही लोगों ने दिए रिएक्शन
जैसे ही लिज का ये वीडियो वायरल हुआ, सोशल मीडिया पर कमेंट्स का सैलाब आ गया. कई लोगों ने भारत के इस 'अंडररेटेड' हेल्थकेयर सिस्टम का लोहा माना. एक यूजर ने तो यहां तक कह दिया कि विदेशी अक्सर दुनिया को भारत की सिर्फ गरीबी और स्लम ही दिखाते हैं, लेकिन इस पॉजिटिव इंडिया को दुनिया के सामने लाने के लिए लिज का बहुत शुक्रिया.
हालांकि, हर सिक्के के दो पहलू होते हैं. कुछ भारतीयों ने जमीनी हकीकत की तरफ ध्यान खींचते हुए आईना भी दिखाया. एक यूजर ने लिखा, "असली सच्चाई देखनी है तो कभी किसी सरकारी अस्पताल जाकर देखो." वहीं एक और यूजर की बेबाक टिप्पणी थी कि "भारत की 90 फीसदी जनता इन महंगे अस्पतालों का खर्च ही नहीं उठा सकती."
सोशल मीडिया की इस बहस के बीच एक ठोस हकीकत ये भी है कि पिछले कुछ सालों में भारत के प्राइवेट अस्पतालों ने मेडिकल टूरिज्म में दुनिया भर में अपना डंका बजाया है. आज पश्चिमी देशों, मिडिल ईस्ट और दक्षिण पूर्व एशिया से लोग अपना इलाज करवाने खास तौर पर भारत आते हैं. वो बेहतरीन इलाज पाते हैं, पूरी तरह ठीक होते हैं और फिर भी अपने देश के मुकाबले उनका काफी पैसा बच जाता है.
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