खुले में शौच न जाएं बहुएं, इसलिए सास ने किया अनोखा काम, हाथ में पानी से भरा लोटा लेकर लगाई दौड़, जानिए पूरा मामला

मध्यप्रदेश के भोपाल जिले में एक अनोखी दौड़ प्रतियोगिता का आयोजन किया गया, जिसे लोटा दौड़ नाम दिया गया. जिसमें 18 सासों ने भाग लिया और बहुओं के लिए लोटे में पानी भरकर रेस लगाई.

खुले में शौच न जाएं बहुएं, इसलिए सास ने किया अनोखा काम, हाथ में पानी से भरा लोटा लेकर लगाई दौड़, जानिए पूरा मामला

खुले में शौच न जाएं बहुएं, इसलिए सास ने किया अनोखा काम, हाथ में पानी से भरा लोटा लेकर लगाई दौड़

भोपाल:

खुले में शौच की समस्या हमारे देश की गंभीर समस्याओं में से एक है. जिसका सामना आज भी गांव की महिलाओं को करना पड़ा रहा है. ऐसे में मध्यप्रदेश के भोपाल जिले में एक अनोखी दौड़ प्रतियोगिता का आयोजन किया गया, जिसे लोटा दौड़ नाम दिया गया. भोपाल जिला प्रशासन ने फंदा गांव में मंगलवार को लोटा दौड़ का आयोजन किया. जिसमें 20 सासों ने भाग लिया और बहुओं के लिए लोटे में पानी भरकर रेस लगाई. ये दौड़ अब लोगों के बीच चर्चा का विषय बनी हुई है.

दरअसल, इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य खुले में शौच को खत्म करने और इसके खिलाफ जागरुकता फैलाने के लिए किया गया था और इस अनूठी दौड़ का नाम ‘लोटा दौड़' रखा गया था. दौड़ में हिस्सा लेने वाली एक प्रतिभागी सास ने बताया, ‘इस रेस के जरिए हम अपनी बहुओं से आग्रह करते हैं कि वे खुले में शौच के लिए न जाएं क्योंकि अब हर घर में टायलेट मौजूद है.'

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ये दौड़ राधा प्रजापति, मंजू प्रजापति और अर्पिता प्रजापति द्वारा जीती गई एक अनूठी दौड़ थी, जो पहले, दूसरे और तीसरे स्थान पर रही. उनकी बहुओं ने उन्हें माला पहनाकर बधाई दी. वहीं बहुओं ने खुले में शौच नहीं करने का संकल्प लिया. इस दौड़ में शामिल होने वाली सभी सास का लक्ष्य अपनी बहुओं को खुले में शौच से जाने से रोकना है. इस दौड़ में सास को हाथ में पानी से भरा लोटा लेकर करीब 100 मीटर की दौड़ लगानी थी और आखिर में बहुओं के पास पहुंचकर पानी से भरे लोटे को फेंक देना था. कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य खुले में शौच से मुक्त घोषित हो चुके गांवों में जागरुकता लाना था, जिससे लोग खासकर महिलाएं बाहर ना जाएं.

भोपाल जिला पंचायत के सीईओ विकास मिश्रा ने कहा, "यह उनके संकल्प को प्रदर्शित करने के लिए था कि वे अपनी बहुओं को वह नहीं करने देंगे जो वे जीवन भर करती रही हैं. हमने महिलाओं को इसलिए चुना क्योंकि वे अधिक दृढ़ हैं और कम विषयांतर हैं और यह आसान है उन्हें स्वच्छता जैसे अच्छे कार्य के लिए प्रेरित करना. उन्होंने कहा, कि इस लोटा दौड़ का मुख्य उद्देश्य खुले में शौच को हतोत्साहित करना है. उन्हें शौचालय का उपयोग करना चाहिए. उन्हें दूसरों को भी प्रेरित करना चाहिए.

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