सलाम! एक पैर नहीं है, मगर परिवार के लिए रोज़ साइकिल चलाकर 40 किमी सफ़र करते हैं नरेश

लिखने वाले ने क्या ख़ूब लिखी है-"हवाओं के भरोसे मत उड़, चट्टाने तूफानों का भी रुख मोड़ देती हैं, अपने पंखों पर भरोसा रख, हवाओं के भरोसे तो पतंगे उड़ा करती हैं." ये शब्द अलीगढ़ के निवासी नरेश पर एकदम फिट बैठती है.

सलाम! एक पैर नहीं है, मगर परिवार के लिए रोज़ साइकिल चलाकर 40 किमी सफ़र करते हैं नरेश

लिखने वाले ने क्या ख़ूब लिखी है-"हवाओं के भरोसे मत उड़, चट्टाने तूफानों का भी रुख मोड़ देती हैं, अपने पंखों पर भरोसा रख, हवाओं के भरोसे तो पतंगे उड़ा करती हैं." ये शब्द अलीगढ़ के निवासी नरेश पर एकदम फिट बैठती है. नरेश के एक पैर नहीं, मगर वो लाचार नहीं हैं. अपनी मेहनत से अपनी किस्मत लिख रहे हैं. 2010 में एक रेल दुर्घटना में उन्होंने अपना एक पैर खो दिया था. इस कारण वो एक पैर से ही अपनी मंज़िल का सफ़र तय कर रहे हैं. इनकी कहानी बहुत ही प्यारी है. पढ़ने के बाद आप इनको सलाम करेंगे.

पहले ये वीडियो देखिए

इस वीडियो में नरेश सड़क पर साइकिल चलाते हुए नज़र आ रहे हैं. नरेश एक साइकिल को डंडे के सहारे चलाकर रोज़ 40 किमी दूर जाते हैं, ताकि अपने परिवार का पालन-पोषण कर सकें. ये कोई फ़िल्मी कहानी नहीं, बल्कि एक हक़ीकत है. ऐसी कहानी हमें जीने के लिए प्रेरणा देती है. ज़िंदगी में कितनी भी परेशानियां हो, हमें नहीं भागना चाहिए. डटकर सामना करना चाहिए. इनकी कहानी को Awanish Sharan ने भी अपने ऑफिशियल ट्विटर अकाउंट पर शेयर किया है.


वीडियो देखें

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इस वीडियो पर कई प्रतिक्रियाएं आ रही हैं. सभी लोग नरेश की तारीफ़ कर रहे हैं. एक यूज़र ने कमेंट करते हुए लिखा है- इस इंसान ने लोगों का दिल जीत लिया है, वहीं एक अन्य यूज़र ने लिखा है- इनकी मेहनत को सलाम. इस वीडियो को 50 हज़ार से ज़्यादा लोगों ने देखा है.