अमेरिका के मिशिगन राज्य में गुरुवार, 12 मार्च को यहूदियों के प्राथना सभा पर हमले की कोशिश हुई. यहां राइफल से लैस एक व्यक्ति ने अपने पिकअप ट्रक को प्राथना सभा में भिड़ा दिया जिससे आग लग गई. पुलिस अधिकारियों ने जवाबी कार्रवाई में उस हमलावर को गोली मार मौत के घाट उतार दिया. संघीय जांचकर्ताओं ने कहा कि यह यहूदी समुदाय को निशाना बनाकर की गई हिंसा की कार्रवाई थी. AP की रिपोर्ट के अनुसार FBI के डेट्रॉइट फील्ड ऑफिस के विशेष एजेंट प्रभारी जेनिफर रुन्यान ने इस घटना को "बेहद परेशान करने वाला और दुखद" बताया और कहा कि FBI जांच का नेतृत्व कर रही है.
गुरुवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में FBI ने कहा कि एजेंसी इस अपराध को "यहूदी समुदाय के खिलाफ टारगेट करके की गई हिंसा" मानती है. जांचकर्ताओं ने अभी तक यह नहीं बताया है कि आखिर हमलावर के इस काम के पीछे का मकसद क्या था. रिपोर्ट के अनुसार ओकलैंड काउंटी के शेरिफ माइकल बूचार्ड ने कहा, "इस व्यक्ति ने किस कारण से कार्रवाई की, यह जांच से निर्धारित किया जाएगा."
माइकल बूचार्ड ने बताया कि वेस्ट ब्लूमफील्ड में टेंपल इज़राइल सिनेगॉग के दरवाजे तोड़ने के बाद सुरक्षा गार्डों ने हमलावर पर गोलियां चला दीं.
अधिकारियों ने कहा कि डेट्रॉइट के ठीक बाहर, वेस्ट ब्लूमफील्ड टाउनशिप में टेम्पल इजरायल में क्रैश होने और एक हॉलवे से गुज़रने के बाद वाहन में आग लग गई. सुरक्षा कर्मियों ने उसे गोली मार दी. अच्छी बात रही कि इस यहूदी टेम्पल का कोई भी कर्मचारी, शिक्षक या यहां पढ़ने वाले 140 बच्चों में से कोई घायल नहीं हुआ है. हालांकि आग लगने के बाद इतना धुआं फैला कि 30 पुलिस अधिकारियों को अत्यधिक धुआं अंदर जाने के कारण अस्पताल ले जाया गया".
अमेरिका, इजरायल और ईरान की जंग के बीच हमला
पुलिस और FBI ने अभी तक सार्वजनिक रूप से हमले के मकसद के बारे में विस्तार से नहीं बताया है, लेकिन यह हमला ईरान पर अमेरिका-इजरायल के द्वारा शुरू किए गए युद्ध के लगभग दो सप्ताह बाद हुआ है. जंग के बीच किसी आतंकी हमले को संभावना को दूर करने के लिए पूरे अमेरिका भर में कड़े सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं.
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हमले को "भयानक" बताया और कहा कि "इस तरह की चीजें होना बिल्कुल अविश्वसनीय है."
यहूदी प्राथना सभा पर हमला उसी दिन हुआ जिस दिन अमेरिका के वर्जीनिया के नॉरफॉक में ओल्ड डोमिनियन यूनिवर्सिटी में गोलीबारी हुई थी. FBI के डायरेक्टर काश पटेल ने कहा कि इसकी "आतंकवादी कृत्य" के रूप में जांच हो रही है. पटेल ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि यूनिवर्सिटी हमले में एक व्यक्ति की मौत हो गई और दो अन्य घायल हो गए. उन्होंने कहा, "बहादुर छात्रों के एक समूह के कारण शूटर अब मर चुका है, जिन्होंने आगे आकर उसे काबू में कर लिया."
यह भी पढ़ें: अमेरिका क्या युद्ध अपराधी बनेगा? नोबेल शांति पुरस्कार के दावेदार ट्रंप पर ये कैसा दाग
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं