Zara Hatke News: अमेरिका के सॉथबीज ऑक्शन हाउस ने करीब 6.7 करोड़ साल पुराने 'टी-रेक्स' डायनासोर को बीते मंगलवार को नीलाम कर दिया. इसे गस (Gus) नाम दिया गया था. लोगों को अंदाजा था कि इसकी बोली 30 मिलियन डॉलर (करीब 288.59 करोड़ रुपये) तक जा सकती है, लेकिन दुनिया भर के अरबपतियों के बीच इसे खरीदने की ऐसी होड़ मची कि महज 10 मिनट के अंदर एक गुप्त खरीदार ने इसे 50.1 मिलियन डॉलर (करीब 482 करोड़ रुपये) देकर अपने नाम कर लिया. इसके साथ ही यह इतिहास का अब तक का सबसे महंगा बिकने वाला कंकाल बन गया है. ये कीमत इतनी ज्यादा है कि इस बजट में आप करीब 100 फरारी रोमा कारें खरीद सकते हैं.
कौन है डायनासोर 'गस'?
गस कोई मामूली डायनासोर नहीं है. यह दुनिया के सबसे खतरनाक मांसाहारी डायनासोर टी-रेक्स (Tyrannosaurus rex) का ढांचा है. अमेरिकी मीडिया कंपनी WIRED की एक रिपोर्ट के मुताबिक, इस अनोखे ढांचे को अमेरिका के साउथ डकोटा के एक फार्म से खोजा गया था.
गायब हड्डियों की जगह नकली हड्डियां लगाकर इसे ऐसे खड़ा किया गया है, जैसे यह अपने शिकार के पीछे तेजी से दौड़ रहा हो. यूनिवर्सिटी ऑफ मैरीलैंड के वैज्ञानिक थॉमस होल्ट्ज ने बताया कि यह सचमुच एक बहुत ही शानदार और विज्ञान के लिए बेहद जरूरी ढांचा है.
अमीर लोग बनाम सरकारी म्यूजियम
पहले के समय में जब भी कोई डायनासोर मिलता था, तो उसे सरकारी म्यूजियम में रखा जाता था ताकि बच्चे और बड़े उसे देख सकें. लेकिन साल 1997 में पहली बार सू (Sue) नाम के एक टी-रेक्स को नीलामी में बेचा गया.
अब स्थिति यह है कि साल 2024 में 'एपेक्स' नाम का एक डायनासोर एक अमीर बिजनेसमैन ने $44.6 मिलियन (429.12 करोड़ रुपये) में खरीद लिया. सरकारी म्यूजियम के पास इतने पैसे नहीं होते कि वे नीलामी में इन अमीर अरबपतियों का मुकाबला कर सकें. नतीजा यह होता है कि डायनासोर किसी अमीर आदमी के घर की शोभा बन जाते हैं और आम लोग या वैज्ञानिक उन्हें कभी देख नहीं पाते.
'काटने का निशान' या 'दांतों की बीमारी'?
सॉथबीज नीलामी घर ग्राहकों को लुभाने के लिए गस के जबड़े पर बने छेदों को 'दूसरे टी-रेक्स के काटने के निशान' बता रहा है. वे कहानी बना रहे हैं कि गस ने कभी खतरनाक लड़ाई लड़ी होगी. लेकिन कैलिफोर्निया स्टेट यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिक स्टुअर्ट सुमीडा इस बात को गलत मानते हैं. उनके मुताबिक, 'काटने के निशान नुकीले और आड़े-तिरछे होते हैं. गस की हड्डियों पर बने छेद बिल्कुल गोल और साफ हैं. इसका मतलब है कि टी-रेक्स को कोई इन्फेक्शन या दांतों की बीमारी रही होगी.'
वैज्ञानिक सुमीडा ने मजाकिया लहजे में कहा, 'इसे लड़ाई का घाव बताना ज्यादा रोमांचक लगता है, लेकिन असलियत यह है कि इस टी-रेक्स के मुंह से बहुत गंदी बदबू आती होगी और उसे मसूड़ों की बीमारी थी.'
साइंस का रास्ता कैसे बंद हो रहा है?
मैकलेस्टर कॉलेज की वैज्ञानिक क्रिस्टी करी रोजर्स कहती हैं कि डायनासोर की हड्डियां सिर्फ सजाने की चीज नहीं हैं. वे एक खुली किताब की तरह हैं, जिससे हमें लाखों साल पहले की पृथ्वी के बारे में पता चलता है. अगर कोई अमीर खरीदार अपनी मर्जी से किसी म्यूजियम को डायनासोर उधार भी दे दे, तो भी वैज्ञानिकों की परेशानी हल नहीं होती. विज्ञान का नियम है कि जो खोज एक वैज्ञानिक ने की है, उसे दूसरा वैज्ञानिक भी कभी भी परख सके. प्राइवेट घरों में रखे डायनासोरों के साथ ऐसा करना नामुमकिन हो जाता है.
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