लंदन:
भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धोनी को अपने प्रमुख गेंदबाज जहीर खान की अनुपस्थिति में शुक्रवार को मजबूर होकर गेंदबाजी के लिए आना पड़ा। जब धोनी ने गेंदबाजी की, तब राहुल द्रविड़ ने विकेटकीपिंग का जिम्मा संभाला। धोनी ने लंच के तुरंत बाद पहला ओवर किया और पहली गेंद पर ही केविन पीटरसन के खिलाफ उन्होंने पगबाधा की जोरदार अपील की। अंपायर बिली बोडेन ने हालांकि इसे ठुकरा दिया। रीप्ले से लग रहा था कि गेंद लेग स्टंप पर लग रही थी। अगले ओवर में पीटरसन के खिलाफ विकेट के पीछे अपील पर बोडेन की मुड़ी हुई अंगुली उठ गई। भारतीय जश्न मना रहे थे, लेकिन पीटरसन ने रेफरल लिया और हाक आई से पता चला कि गेंद बल्ले को छूकर नहीं गई थी। यह पहला अवसर है, जबकि धोनी ने टेस्ट मैचों में एक से अधिक ओवर किए। यह टेस्ट क्रिकेट में चौथा अवसर है, जबकि धोनी ने दस्ताने छोड़कर गेंद थामी। इससे पहले धोनी ने जो तीन टेस्ट मैचों में तीन ओवर किए थे, उनमें कुल मिलाकर 19 रन दिए, लेकिन आज अपने पहले ओवर में उन्होंने केवल एक रन दिया। अपना 58वां टेस्ट मैच खेल रहे धोनी ने सबसे पहले पाकिस्तान के खिलाफ जनवरी, 2006 में फैसलाबाद में दूसरी पारी में गेंदबाजी की थी। तब तत्कालीन कप्तान द्रविड़ ने ही विकेटकीपर की जिम्मेदारी संभाली। धोनी ने इस एकमात्र ओवर में 13 रन दिए थे। धोनी ने वनडे मैचों में भी एक बार 2009 में वेस्टइंडीज के खिलाफ जोहानिसबर्ग में दो ओवर फेंके थे, जिसमें उन्होंने 14 रन दिए थे। वैसे भारत के सबसे सफल विकेटकीपर सैयद किरमानी ने भी अपने टेस्ट करियर में गेंदबाजी की थी और वह दुनिया के उन विकेटकीपरों में शामिल हैं, जिनके नाम पर विकेट दर्ज है।
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