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छोले-कुलचे से लाखों की कमाई! ठेले वाले का 'बैंक बैलेंस' देख उड़ जाएंगे होश, नौकरी छोड़ ठेला लगाने की मची होड़

सोचिए, आप ऑफिस में 9 से 5 की पूरी मेहनत झोंक रहे हैं और सड़क किनारे खड़ा एक छोले-कुलचे वाला आपसे दुगनी-तिगनी कमाई कर रहा है. सोशल मीडिया पर इन दिनों एक वीडियो ने तहलका मचा दिया है, जिसमें असली झटका लोगों को वेंडर की कमाई सुनकर लग रहा है.

छोले-कुलचे से लाखों की कमाई! ठेले वाले का 'बैंक बैलेंस' देख उड़ जाएंगे होश, नौकरी छोड़ ठेला लगाने की मची होड़
वायरल वीडियो का दावा: छोले-कुलचे बेचकर बन गया 'लखपति', नेट प्रॉफिट देख चकरा जाएगा सिर

Chole Kulche Wale Ki Kamai: आजकल एक वीडियो इंटरनेट पर आग की तरह फैल रहा है, जिसमें एक मामूली से दिखने वाले वेंडर का डेली प्रॉफिट किसी आईटी प्रोफेशनल की महीने भर की सैलरी के बराबर है. क्या है इस कमाई का पूरा गणित? आइए जानते हैं. दिल्ली की सड़कों पर लगने वाले एक छोटे से ठेले की कहानी ने सबको हैरान कर दिया है. यहां छोले-पराठे सिर्फ 30 रुपये और छोले-कुलचे 40 रुपये की प्लेट मिलते हैं. 

पहली नजर में ये मामूली सा काम लगता है, लेकिन जब हिसाब किताब सामने आया, तो बड़े-बड़े कॉर्पोरेट धुरंधरों के पसीने छूट गए. एक कंटेंट क्रिएटर ने जब पूरे दिन वेंडर के साथ वक्त बिताया, तो पता चला कि जनाब की एक दिन की कमाई ही 12,800 रुपये के पार जा रही है.

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खर्चे काटकर शुद्ध मुनाफा, गणित देख रह जाएंगे दंग (Chole Kulche Vendor Income)

अब आप सोचेंगे कि भाई, सारा पैसा जेब में थोड़ी जाता होगा? बात सही है. सामान, कोयला और ठेले के किराए का मोटा खर्च निकालने के बाद भी इस वेंडर के पास हर दिन करीब 8,300 रुपये का 'नेट प्रॉफिट' बचता है. अगर महीने के 30 दिन का हिसाब लगाएं, तो यह रकम 2,49,000 रुपये के आसपास बैठती है, यानी सालाना टर्नओवर 30 लाख रुपये...जितनी एक मिड-लेवल मैनेजर की सीटीसी (CTC) होती है, उतना तो यह भाई साहब घर लेकर जा रहे हैं.

कामयाबी का 'देसी' मंत्र (Delhi Street Food Vendor Earnings)

वेंडर का कहना है कि यह शोहरत और दौलत रातों-रात नहीं आई. सुबह 8 बजे से रात 8 बजे तक की कड़ी मशक्कत और 'कस्टमर ही भगवान है' वाली सोच काम आती है. उन्होंने अपनी कामयाबी के तीन बड़े राज बताए. पहला, खाने में घर जैसा जायका. दूसरा, ताजगी से समझौता नहीं और तीसरा, सड़क पर होने के बावजूद सफाई का अव्वल दर्जा. दोपहर के वक्त तो यहां ऐसी भीड़ जुटती है कि प्लेट गिनना मुश्किल हो जाता है.

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इस वायरल वीडियो ने एक बार फिर बहस छेड़ दी है कि क्या वाकई ऊंची डिग्री और ऑफिस वाली नौकरी ही पैसे का एकमात्र जरिया है? लोग मजे में कह रहे हैं कि, 'भाई...अब तो रेजिग्नेशन लिख देना चाहिए और छोले का पतीला उठा लेना चाहिए'. खैर, मजाक अपनी जगह है, लेकिन ये वीडियो कड़ी मेहनत और सही बिजनेस माइंडसेट की जीत की कहानी पेश करता है.

(डिस्क्लेमर: यह जानकारी सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो के आधार पर दी गई है. NDTV इसकी पुष्टि नहीं करता.)

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