Puyang Central Zoo case: चीन के एक प्राइवेट चिडियाघर से जुड़ा मामला इन दिनों सुर्खियों में है. इल्जाम है कि जू प्रशासन ने बाघ के शावक की मौत छिपाकर पुराने वीडियो के जरिए डोनेशन जुटाया. जब सच्चाई सामने आई तो स्थानीय प्रशासन ने सख्त कदम उठाते हुए जू का संचालन अस्थायी रूप से निलंबित कर दिया. मामला भरोसे और पारदर्शिता से जुड़ा है, इसलिए चर्चा तेज है.
क्या है पूरा विवाद (What Is the Full Controversy)
यह मामला मध्य चीन के हेनान प्रांत के पुयांग शहर स्थित पुयांग सेंट्रल जू का है. आरोप है कि साइबेरियन टाइगर के एक शावक की मौत फेलिन डिस्टेंपर नामक संक्रामक बीमारी से पहले ही हो चुकी थी, लेकिन जू ने यह बात सार्वजनिक नहीं की. सोशल मीडिया यूजर्स ने गौर किया कि केयरटेकर झांग लीना लाइव स्ट्रीम में जिस शावक को दिखा रही थीं, वह या तो पुराना फुटेज था या कोई दूसरा बाघ का बच्चा. 10 फरवरी को स्थानीय अधिकारियों ने जांच के बाद जू के संचालन को सस्पेंड कर दिया.

Photo Credit: Douyin
डोनेशन मॉडल पर सवाल (Questions Over Donation Model)
रिपोर्ट के अनुसार, जू की बड़ी आमदनी ऑनलाइन लाइव स्ट्रीम डोनेशन से होती है. एंट्री फीस वयस्कों के लिए 20 युआन और बच्चों के लिए 10 युआन है, लेकिन असली कमाई वर्चुअल फीडिंग से होती है. एक मुर्गी खिलाने के नाम पर करीब 25 युआन का दान लिया जाता है. झांग लीना के सोशल मीडिया अकाउंट पर लाखों फॉलोअर्स हैं.
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विवाद बढ़ने पर उन्होंने कहा कि मौत की खबर छिपाने का फैसला डायरेक्टर ने लिया था, ताकि दर्शक भावनात्मक रूप से आहत न हों. यह घटना सिर्फ एक जू की नहीं, बल्कि ऑनलाइन ट्रस्ट और डोनेशन सिस्टम पर सवाल खड़ा करती है. लोग अब पारदर्शिता की मांग कर रहे हैं. जानवरों के नाम पर दान लेना एक जिम्मेदारी है. अगर भरोसा टूटे, तो साख भी चली जाती है. यह मामला उसी सबक की याद दिलाता है.
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Disclaimer: यह खबर सोशल मीडिया पर मिली जानकारी के आधार पर तैयार की गई है. एनडीटीवी इस कंटेंट की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं करता.
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