World News: अगर कोई आपसे कहे कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) टूल आपको कोर्ट में केस जिता सकता है, तो शायद आप यकीन न करें. लेकिन ब्रिटेन के एक फायरमैन ने बिल्कुल यही किया है. ब्रेकअप के बाद जब उसकी एक्स-गर्लफ्रेंड ने लॉटरी के जीते हुए 52 लाख रुपये लौटाने से साफ इनकार कर दिया, तो उसने कानूनी मदद के लिए महंगे वकीलों के बजाय सीधे ChatGPT का रुख किया.
गर्लफ्रेंड स्मार्ट थी तो इन्वेस्टमेंट के लिए दिए पैसे
द सन की रिपोर्ट के मुताबिक, 40 साल के क्रेग टिटचेनर हीथ्रो एयरपोर्ट पर फायरफाइटर हैं. नवंबर 2019 में उनकी किस्मत चमकी और उन्होंने विंटर वंडरलाइन्स लॉटरी के स्क्रैचकार्ड में करीब 2.58 करोड़ रुपये का जैकपॉट जीता. साल 2022 में उन्होंने इसमें से 52 लाख रुपये अपनी गर्लफ्रेंड हीदर डगलस को दे दिए. हीदर (37) पेशे से एक साइकियाट्रिक नर्स हैं और फाइनेंस की अच्छी समझ रखती थीं. दोनों के बीच तय हुआ था कि हीदर अपनी समझदारी से इन पैसों से प्रीमियम बांड खरीदेगी और उससे होने वाले मुनाफे को दोनों आपस में बांट लेंगे.
ब्रेकअप के बाद रकम वापस देने से किया इनकार
कहानी में असली ट्विस्ट तब आया जब दोनों का ब्रेकअप हो गया. रिश्ते टूटने के बाद जब क्रेग ने अपने पैसे वापस मांगे, तो हीदर ने मुकरते हुए रकम लौटाने से इनकार कर दिया. दो बच्चों के पिता क्रेग ने अपने पैसे वापस पाने के लिए वकीलों के चक्कर काटे, लेकिन वकीलों ने इतनी भारी-भरकम फीस मांगी कि वो निराश हो गए. क्रेग ने लगभग हार मान ली थी, तभी उनके दिमाग में ChatGPT का खयाल आया.
ChatGPT कैसे बना वकील?
क्रेग ने बताया, 'मैं हार मानने ही वाला था. फिर मैंने ChatGPT से मदद मांगी. उसने मुझे स्टेप-बाय-स्टेप गाइड किया कि कानूनी प्रक्रिया कैसे काम करती है, मुझे कौन से फॉर्म भरने चाहिए और कोर्ट में खुद की पैरवी कैसे करनी है.' ChatGPT के इसी ज्ञान के दम पर क्रेग ने सेंट्रल लंदन काउंटी कोर्ट में अपना केस खुद लड़ा. उनका कहना है, 'खुद अपना केस लड़ना एक बड़ा रिस्क था, लेकिन मेरे पास खोने के लिए कुछ नहीं था. अगर ChatGPT नहीं होता, तो मैं शायद यह केस कभी नहीं जीत पाता.'
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कोर्ट में क्या हुआ?
हीदर डगलस ने कोर्ट में दलील दी कि वो 52 लाख रुपये क्रेग ने उसे गिफ्ट में दिए थे. उसने क्रेग पर कंट्रोलिंग और परेशान करने के आरोप भी लगाए. लेकिन डिस्ट्रिक्ट जज शेर्लोट हार्ट ने हीदर के दावों को सिरे से खारिज कर दिया. जज ने कहा कि हीदर के आरोपों में कोई दम नहीं है. हीदर न तो यह साबित कर पाईं कि पैसे गिफ्ट में मिले थे, और न ही उन्होंने अपने बैंक स्टेटमेंट कोर्ट में पेश किए. पिछले हफ्ते कोर्ट ने क्रेग के पक्ष में फैसला सुनाते हुए उन्हें उनके पैसे वापस दिलाने का आदेश दिया.
'एक बहुत महंगी सीख'
बर्कशायर के मेडेनहेड में रहने वाले क्रेग इस पूरी घटना को वरदान और अभिशाप दोनों मानते हैं. वे कहते हैं, 'इतनी बड़ी रकम जीतना किसे बुरा लगेगा? लेकिन अगर आप भोलापन दिखाते हैं और गलतियां करते हैं, तो आपको एक बहुत महंगी सीख मिलती है.' क्रेग अब खुश हैं कि ये वापस मिले पैसे उनके और उनके दोनों बेटों की जिंदगी संवारने में एक बड़ा अंतर पैदा करेंगे.
वकीलों से ज्यादा AI पर भरोसा कर रहे लोगवकीलों की भारी-भरकम फीस से परेशान होकर सिर्फ क्रेग ही ऐसा कदम नहीं उठा रहे हैं. University of Southampton के एक हालिया सर्वे में सामने आया है कि आज के दौर में लोग वकीलों से ज्यादा आसानी से ChatGPT की कानूनी सलाह पर भरोसा कर रहे हैं. वहीं, Robin AI के एक वैश्विक सर्वे के अनुसार, करीब 30% लोग कोर्ट में अपनी पैरवी के लिए रोबोट वकील या एआई की मदद लेने को तैयार हैं क्योंकि दुनिया भर में 90% लोगों के लिए वकीलों का खर्च उठा पाना बेहद मुश्किल हो चुका है.
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