भारतीय आईटी सेक्टर की दिग्गज कंपनी एचसीएलटेक अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डेटा इंफ्रास्ट्रक्चर के नए युग में कदम बढ़ा रही है. कंपनी ने ओडिशा में अपना नया AI डेटा सेंटर स्थापित करने का बड़ा फैसला किया है. इस प्रोजेक्ट के लिए HCLTech ने देश के प्रमुख AI स्टार्टअप सरवम AI के साथ हाथ मिलाया है.
न्यूज एजेंसी IANS से बातचीत में कंपनी की चेयरपर्सन रोशनी नादर मल्होत्रा ने कहा कि "लगभग एक साल पहले, ओडिशा के मुख्यमंत्री ने नोएडा में HCLTech कैंपस का दौरा किया था, जहां उन्होंने IT, AI और डेटा सेंटर्स के लिए ओडिशा की बिज़नेस-फ्रेंडली पॉलिसी का खाका पेश किया था. जब हम Sarvam AI के साथ पार्टनरशिप के लिए सही जगह और राज्य की तलाश कर रहे थे, तो ओडिशा एक बेहतरीन विकल्प के तौर पर सामने आया.
Sarvam AI के साथ अपनी पार्टनरशिप के ज़रिए, हम ओडिशा में एक AI डेटा सेंटर स्थापित कर रहे हैं. राज्य में टैलेंट का बड़ा पूल, बेहतरीन टेक्निकल क्षमताएँ और बड़ी संख्या में इंजीनियरिंग कॉलेज मौजूद हैं. HCLTech ओडिशा के प्रति प्रतिबद्ध है, और AI डेटा सेंटर इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करने में भी यह राज्य कई अन्य राज्यों से आगे है. हम इंजीनियरिंग संस्थानों के साथ पार्टनरशिप करेंगे और AI टैलेंट तैयार करने के लिए Sarvam AI के साथ भी काम करेंगे. AI-रेडी टैलेंट रातों-रात तैयार नहीं होता, इसलिए इंजीनियरिंग ग्रेजुएट्स को भविष्य की ज़रूरतों के हिसाब से स्किल्स में माहिर बनाने की ज़रूरत है. हम इस पर भी ध्यान देंगे."
Bhubaneswar, Odisha: On HCLTech establishing its first AI Data Centre and Global Technology Centre in Odisha, HCL Technologies Chairperson Roshni Nadar Malhotra says, "A year ago, Chief Minister Mohan Charan Majhi visited the HCLTech campus in Noida. He presented and shared… pic.twitter.com/qMZ3z4oIEZ
— IANS (@ians_india) July 24, 2026
रोशनी नादर मल्होत्रा के फैसलों से नए मुकाम पर HCLTech
fortuneindia की एक रिपोर्ट के अनुसार रोशनी नादर मल्होत्रा की पहचान सिर्फ भारत की सबसे अमीर महिला के तौर पर नहीं है, बल्कि उस लीडर के रूप में है जिसने अपने फैसलों से HCLTech को नए मुकाम पर पहुंचाया है. रोशनी अक्सर अपने पिता और HCL के संस्थापक शिव नादर के विजन का जिक्र करती हैं. वे कहती हैं कि "शिव नादर के सोचने और काम करने के तरीके में कोई ढील नहीं होती थी. उनका हर फैसला बेहद स्पष्ट और रणनीतिक होता था. वे कंपनी के अलग-अलग लोगों को अलग-अलग भूमिकाओं के लिए तैयार कर रहे थे. ठीक वैसे ही जैसे शतरंज की बिसात पर मोहरे सजाए जाते हैं."
रोशनी को HCL का साम्राज्य रातों-रात नहीं मिला. अमेरिका के मशहूर केलॉग स्कूल ऑफ मैनेजमेंट से पढ़ाई के दौरान ही उन्हें बिजनेस की जमीनी हकीकत से रूबरू कराया गया. गर्मियों की छुट्टियों में उन्होंने पुडुचेरी स्थित HCL की कंप्यूटर मैन्युफैक्चरिंग यूनिट में वक्त बिताया. कैलिफोर्निया में ऑन-ग्राउंड टीमों के साथ इंटर्नशिप की. 2009 में महज 27 साल की उम्र में जब उन्हें HCL कॉर्प का सीईओ बनाया गया.
छह साल पहले HCLTech की चेयरपर्सन बनीं रोशनी नादर मल्होत्रा
2013 में HCLTech के बोर्ड में शामिल होने के बाद रोशनी ने सबसे पहला काम यह किया कि वे खुद अमेरिका और यूरोप के मुख्य बाजारों में गईं. उन्होंने कंपनी के शीर्ष अधिकारियों से सीधे मुलाकातें कीं. शिव नादर ने उन्हें हमेशा एक ही सीख दी कि "अपनी जगह और पहचान खुद बनाओ, लीडर्स के कैलेंडर में समय लो और उनसे सीधे संबंध बनाओ." 2020 में उन्होंने HCLTech की चेयरपर्सन के रूप में कमान संभाली.
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