88 year old man alive: ब्राजील के प्रेसिडेंटे प्रूडेंटे में रहने वाले 88 साल के जुरासी रोजा एल्व्स (Juraci Rosa Alves) का मामला इन दिनों हर तरफ चर्चा का विषय बना है. अस्पताल के डॉक्टरों ने सांस लेने में तकलीफ के चलते उन्हें मृत घोषित कर दिया और आनन-फानन में शव को अंतिम संस्कार के लिए भेज दिया, लेकिन कुदरत को कुछ और ही मंजूर था, जैसे ही शवगृह के कर्मचारियों ने उन्हें टेबल पर लिटाया, उनके पेट में हलचल देखी गई. गौर से देखने पर पता चला कि बुजुर्ग सांस ले रहे थे.

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लापरवाही की खुली पोल (man declared dead found alive)
'द सन' की खबर के मुताबिक, ये खबर मिलते ही अस्पताल प्रशासन में हड़कंप मच गया, जिस डॉक्टर ने उन्हें मृत बताया था, उसकी लापरवाही पर अब बड़े सवाल उठ रहे हैं. एल्व्स के परिवार ने इसे सिस्टम की घोर लापरवाही करार दिया है. नर्सिंग स्टाफ ने फौरन इमरजेंसी में उनकी जान बचाई और उन्हें वापस आईसीयू में शिफ्ट किया गया. फिलहाल, अस्पताल ने इस मामले की इंटरनल जांच के आदेश दे दिए हैं.
यह घटना मेडिकल साइंस की उस बड़ी चूक को दर्शाती है, जहां जल्दबाजी में लिए गए फैसले किसी की जान पर भारी पड़ सकते हैं, फिलहाल बुजुर्ग आईसीयू में जिंदगी की जंग लड़ रहे हैं और पूरी दुनिया इस 'चमत्कार' और अस्पताल की लापरवाही को हैरानी से देख रही है.
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(डिस्क्लेमर: यह जानकारी सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो के आधार पर दी गई है. NDTV इसकी पुष्टि नहीं करता.)
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