शैक्षणिक और आर्थिक रूप से कमजोर माने जाने वाले बिहार की महिलाएं अब शराबियों के खिलाफ न केवल आवाज बुलंद कर रही हैं बल्कि खुलेआम शराबी पतियों को छोड़ने की भी घोषणा कर रही हैं। इन महिलाओं का कहना है कि पति या तो शराब छोड़ दें, या पत्नी को छोड़ दें।
ये महिलाएं अपने शराबी पति से अलग होने का न केवल ऐलान कर रही हैं, बल्कि इसके लिए पंचायत तक बुला रही हैं।
बिहार के शेखपुरा जिला के सदर प्रखंड के फिरंगी बिगहा गांव में फुलिया देवी द्वारा शराबी पति को छोड़ने का ऐलान किए अभी तीन दिन भी नहीं हुए थे कि बुधवार को अरियारी प्रखंड के चोरदरगाह गांव की नसरीन ने भी शराबी पति मोहम्मद शमशाद से अलग होने की घोषणा कर दी।
नसरीन का कहना है कि पति शराब का आदी हो चुका है। उसने उसे कई बार रोका, लेकिन वह नहीं माना।
नसरीन ने पति से अलग होने से पूर्व पंचायत बुलाई और भरी पंचायत में अपना निर्णय सुनाया। पंचायत के मुखिया सरफराज ने कहा, नसरीन ने पति के खिलाफ नहीं, बल्कि शराब के खिलाफ आवाज बुलंद की है।
सरफराज कहते हैं कि पत्नी की इस घोषणा से परेशान शमशाद ने पंचायत में ही शराब से तौबा करने की घोषणा की। इस दौरान उसने प्रायश्चित के लिए तबलीगी जमात (धर्म का प्रचार करने का काम) करने की भी घोषणा की।
मुखिया ने बताया कि पंचायत के निर्णय के अनुसार, नसरीन अगले चार माह के लिए नवादा स्थित अपने मायके चली गई है।
इसके पूर्व फुलिया ने भी शराबी पति से अलग होने की घोषणा की थी। फिरंगी बिगहा गांव की फुलिया के मामले को लेकर रविवार को गांव में पंचायत बुलाई गई थी।
फिरंगी बिगहा पंचायत के सरपंच अजय कुमार बताते हैं कि फुलिया(35) ने भरी पंचायत में शराबी पति मुचु बिन्द से अलग रहने की घोषणा कर दी। उसका आरोप था कि पति शराब पीकर उससे मारपीट करता है।
वहीं, पटना विश्वविद्यालय के समाजशास्त्र की प्रोफेसर एस भारती ने इस बारे में कहा, इन सबके पीछे सबसे बड़ा कारण जागरूकता है। अब गृहणियों की सोच भी विकसित हो रही है और वे घर में सुख-शांति चाहती हैं। अपने बच्चों को पढ़ाना चाहती हैं। पति से इज्जत पाना चाहती हैं। वह कहती हैं कि ये महिलाएं पति नहीं, बल्कि शराब के खिलाफ हैं।
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं