Bengaluru Expense Reducing Tips: सोशल मीडिया की दुनिया में हर दिन कुछ न कुछ ऐसा वायरल होता है जो हमें सोचने पर मजबूर कर देता है. कभी कोई टैलेंट सुर्खियां बटोरता है, तो कभी किसी का देसी जुगाड़ चर्चा का विषय बन जाता है. इन दिनों इंटरनेट पर एक ऐसा ही वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें बेंगलुरु में रहने वाले एक शख्स ने बढ़ती महंगाई और शहर के लाइफस्टाइल के बीच खर्चे को कम करने का तरीका बताया है. वीडियो जैसे ही इंटरनेट पर सामने आया है वो तेजी से वायरल हो गया. वीडियो देख इंटरनेट यूजर्स अपनी-अपनी प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं.
बिना लाइफस्टाइल खराब किए कम किया खर्चा
वीडियो को अक्षय सीएन नाम के एक शख्स ने शेयर किया है जो @bangalore_viral नाम का इंस्टाग्राम पेज चलाते हैं. वीडियो के कैप्शन में है कि उन्होंने अपनी लाइफस्टाइल खराब किए बिना बेंगलुरु में अपने खर्च कम किए. आइए जानते हैं उन्होंने इस वीडियो के जरिए क्या पॉइंट्स बताए.
1. वीडियो के कैप्शन में अक्षय बताते हैं कि उन्होंने फैंसी इलाके की जगह मेट्रो के पास शिफ्ट करना चुना. शुरुआत में किराया थोड़ा ज्यादा लगा. लेकिन रोज के सफर, फ्यूल और ऑटो के खर्च में काफी पैसे और मानसिक तनाव दोनों बचा लिए.
2. अक्षय ने बताया कि उन्होंने बेवजह खर्च करने के लिए सुविधा को कारण बताना बंद कर दिया. ऐसा इसलिए किया क्योंकि क्विक डिलीवरी, ऑटो, सब्सक्रिप्शन और छोटे-छोटे ऑनलाइन खर्च धीरे-धीरे बेंगलुरु में उनके सबसे बड़े महीने के खर्च बन गए थे.
3. अक्षय बताते हैं कि उन्होंने बिना सोचे-समझे खर्च करने की बजाय अपने वीकेंड पहले से प्लान करना शुरू कर दिया. ऐसा इसलिए किया क्योंकि बिना प्लान के कैफे जाना, पब जाना और अचानक घूमने निकल जाना, बेंगलुरु में लोगों की बचत को चुपचाप बहुत तेजी से खत्म कर देता है, जितना लोग समझ नहीं पाते.
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4. कैप्शन में उन्होंने लिखा कि बेंगलुरु का वर्क कल्चर धीरे-धीरे बिना जरूरत के लाइफस्टाइल का दबाव बना देता है. इसके चलते उन्होंने सिर्फ इसलिए नए गैजेट्स खरीदना बंद कर दिया क्योंकि आसपास के लोग खरीद रहे थे.
5. खर्च को कम करने के लिए अक्षय ने बेंगलुरु के लाइफस्टाइल ट्रेंड्स के साथ खुद को मिलाने की कोशिश करना बंद कर दिया. वो बताते हैं कि कई लोग सिर्फ समाज में फिट दिखने के लिए पैसे खर्च करते हैं, ना कि सच में जरूरत होने पर.
6. अक्षय ने बताया कि उन्होंने रोज बाहर खाने की बजाय कभी-कभी घर पर खाना बनाना शुरू किया. इससे सेहत भी बेहतर हुई और पैसे की बचत भी होने लगी.
7. आखिर में अक्षय बताते हैं कि उन्होंने सीखा कि सिर्फ ज्यादा सैलरी होने से पैसों की समस्या हल नहीं होती. बेंगलुरु में अच्छी आदतें ज्यादा मायने रखती हैं.
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Disclaimer: यह खबर सोशल मीडिया पर यूजर द्वारा की गई पोस्ट से तैयार की गई है. एनडीटीवी इस कंटेंट की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं करता.
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