इंडियन आर्मी कैप्टन का एक प्रपोजल वीडियो वायरल हो रहा है. कैप्टन भारत भारद्वाज, जो हाल ही में आर्मी एविएशन के पायलट बने हैं, उन्होंने महाराष्ट्र के नासिक स्थित कॉम्बैट आर्मी एविएशन ट्रेनिंग स्कूल में पासिंग आउट परेड के बाद अपनी लंबे समय से साथी को प्रपोज किया. इस खास पल का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. जहां कई लोग इस पल को बेहद रोमांटिक और यादगार बता रहे हैं, वहीं कुछ लोग यह सवाल भी उठा रहे हैं कि क्या एक सैन्य अधिकारी को वर्दी में और सैन्य उपकरणों के पास इस तरह का प्रपोजल देना ठीक था या नहीं?
वीडियो में कैप्टन भारत भारद्वाज पासिंग आउट परेड के बाद रनवे पर घुटनों के बल बैठकर अपनी साथी को अंगूठी पहनाते हुए प्रपोज करते नजर आए. यह पल उनकी नौकरी के एक बड़े मुकाम के साथ जुड़ा हुआ था, इसलिए लोगों का ध्यान तेजी से इस पर गया. कुछ लोगों ने इसे प्यार और कामयाबी का खूबसूरत पल बताया और इस कदम की तारीफ की. वहीं, कुछ लोगों का मानना है कि ऐसा करने की जगह और तरीका सही नहीं था, क्योंकि इससे सैन्य अनुशासन और रक्षा उपकरणों के इस्तेमाल को लेकर सवाल खड़े होते हैं.
आर्मी कैप्टन के समर्थन में उतरे पूर्व सैन्य अधिकारी
इस वीडियो के वायरल होने के बाद जैसे-जैसे सोशल मीडिया पर आलोचना बढ़ने लगी, वैसे-वैसे कई रिटायर्ड सेना के वरिष्ठ अधिकारी कैप्टन के समर्थन में सामने आ गए. पूर्व उत्तरी सेना कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल के.जे.एस. ढिल्लों ने कहा कि युवा अधिकारियों को अपनी भावनाएं व्यक्त करने के लिए आलोचना नहीं की जानी चाहिए.
उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा, “आप एक युवा अधिकारी से देश के लिए अपनी जान देने की उम्मीद करते हैं, लेकिन आप उसे अपने प्यार का इजहार करने की इजाजत नहीं देना चाहते”. उनका एक और बयान, “Youngster नहीं करेगा, तो कौन करेगा?”
You want the young officer to sacrifice his life for the love of the Nation, but you don't want him to express his love for his fiancée.
— KJS DHILLON🇮🇳 (@TinyDhillon) June 4, 2026
In the Army we say ‘Youngster nahi karega, toh kaun karega'.
If you can not find a fault in his professional capabilities, don't do this… pic.twitter.com/FS0G2USjiU
क्या इसमें सुरक्षा का खतरा था?
कुछ सोशल मीडिया यूजर्स का कहना था कि वीडियो में पीछे नजर आ रहे सैन्य उपकरण सुरक्षा के लिहाज से चिंता पैदा कर सकते हैं. हालांकि, रिटायर्ड सेना अधिकारियों ने इन आशंकाओं को गलत बताया. उनका कहना है कि सेना के विमान और उपकरण अक्सर प्रदर्शनी और जागरूकता कार्यक्रमों में आम लोगों को दिखाए जाते हैं. कई पूर्व सैनिकों ने साफ कहा कि इस वीडियो में कोई भी संवेदनशील जानकारी सामने नहीं आई है.
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