वाशिंगटन:
अमेरिका में 2007 में मंदी की मार शुरू होने के बाद से बहुत से मोटे लोगों का वजन काफी कम हो गया है। एक नए शोध में यह खुलासा किया गया है कि निम्न आय वर्ग के लोगों ने मंदी के दौरान ऐसी भोजन सामग्री खरीदने को प्राथमिकता दी, जो कीमत के हिसाब से सस्ती थी, लेकिन उनमें कैलोरी अधिक थी।
शोधकर्ताओं ने अपने शोध के लिए अमेरिकाभर में साढ़े तीन लाख लोगों पर किए गए अध्ययन के आंकड़ों को एकत्र किया। लोगों से उनके कद और वजन को लेकर सवाल किए गए, जिससे शोधकर्ताओं को उनका बॉडी मास इंडैक्स (बीएमआई) का पता लगाने में मदद मिली।
विश्व स्वास्थ्य संगठन किसी व्यक्ति को उसी सूरत में मोटा मानता है, जब उसका बीएमआई 30 या उससे अधिक हो। उस व्यक्ति को अधिक वजन का माना जाता है, जिसका बीएमआई 25 से 30 के बीच में हो। शोधकर्ताओं ने पाया कि मंदी के दौरान सर्वाधिक निम्न आय वर्ग के लोगों का बीएमआई काफी गिरा।
शोधकर्ताओं ने अपने शोध के लिए अमेरिकाभर में साढ़े तीन लाख लोगों पर किए गए अध्ययन के आंकड़ों को एकत्र किया। लोगों से उनके कद और वजन को लेकर सवाल किए गए, जिससे शोधकर्ताओं को उनका बॉडी मास इंडैक्स (बीएमआई) का पता लगाने में मदद मिली।
विश्व स्वास्थ्य संगठन किसी व्यक्ति को उसी सूरत में मोटा मानता है, जब उसका बीएमआई 30 या उससे अधिक हो। उस व्यक्ति को अधिक वजन का माना जाता है, जिसका बीएमआई 25 से 30 के बीच में हो। शोधकर्ताओं ने पाया कि मंदी के दौरान सर्वाधिक निम्न आय वर्ग के लोगों का बीएमआई काफी गिरा।
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