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जब Zoo घूमने आए लोगों को गालियां देने लगे थे तोते, हर कोई रह गया था हैरान, जानें अजब-गजब किस्सा

बात करने वाले तोते आमतौर पर लोगों को बहुत प्यारे लगते हैं. उनकी नकल करने की आदत बच्चों से लेकर बड़ों तक सभी को हंसा देती है. लेकिन सोचिए अगर यही तोते मीठी बातें छोड़कर गंदी गालियां बोलने लगें तो? ऐसी ही एक अजब-गजब घटना घटी थी ब्रिटेन में. आइए जानते हैं पूरा किस्सा-

जब Zoo घूमने आए लोगों को गालियां देने लगे थे तोते, हर कोई रह गया था हैरान, जानें अजब-गजब किस्सा
जब Zoo घूमने आए लोगों को गालियां देने लगे थे तोते

Viral News: आपने सुना होगा कि अगर पालतू तोते को ठीक से सिखाया जाए, तो वो इंसानों की तरह बात भी कर सकते हैं. हो सकता है आपने ऐसा ही कोई बोलने वाला तोता देखा भी हो. अब, हमारी ही तरह बात करने वाले तोते आमतौर पर लोगों को बहुत प्यारे लगते हैं. उनकी नकल करने की आदत बच्चों से लेकर बड़ों तक सभी को हंसा देती है. लेकिन सोचिए अगर यही तोते मीठी बातें छोड़कर गंदी गालियां बोलने लगें तो? ऐसी ही एक अजब-गजब घटना घटी थी ब्रिटेन में. आइए जानते हैं पूरा किस्सा- 

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क्या था पूरा मामला?

दरअसल, ये मामला ब्रिटेन के लिंकनशायर वाइल्डलाइफ पार्क का है. यहां पांच अफ्रीकन ग्रे तोतों को अलग-अलग जगहों से लाया गया था. इन तोतों का नाम एरिक, जेड, एल्सी, टायसन और बिली था. पार्क में लाने के बाद सभी तोतों को कुछ समय के लिए एक साथ क्वारंटाइन में रखा गया. इसी दौरान इनकी आपस में गहरी दोस्ती हो गई. बताया जाता है कि क्वारंटाइन के समय किसी एक तोते को पहले से कुछ गंदी भाषा आती थी, जिसे बाकी चार भी धीरे-धीरे सीख गए. जब क्वारंटाइन खत्म हुआ और तोतों को लोगों के सामने लाया गया, तो हर कोई दंग रह गया. ये पांचों तोते एक लाइन में बैठ जाते और जू में आने वाले लोगों को देखकर गालियां देने लगते. शुरुआत में लोग इसे मजाक समझकर हंसते रहे. कई लोग इन्हें सुनकर वीडियो भी बनाते थे और खूब ठहाके लगाते थे. लेकिन फिर धीरे-धीरे ये हरकत परेशानी बन गई. 

हालात ऐसे हो गए कि बच्चों के लिए जू में घूमना मुश्किल हो गया और आखिरकार जू प्रशासन को कड़ा फैसला लेना पड़ा. अधिकारियों के मुताबिक, जब तोते गालियां देते और लोग हंसते तब शायद उन्हें और मजा आने लगा था. तोते समझने लगे कि ऐसा बोलने पर उन्हें लोगों का अटेंशन मिलता है. धीरे-धीरे ये आदत इतनी बढ़ गई कि शिकायतें आने लगीं. खासकर बच्चों के माता-पिता की तरफ से.

अधिकारियों का कहना था कि जब तोते पार्क में लाए गए थे, तब उनमें ऐसी कोई आदत नहीं थी. हालात बिगड़ते देख आखिर में जू प्रशासन ने फैसला लिया कि सभी तोतों को अलग-अलग रखा जाएगा. ये मामला कोविड की पहली लहर के दौरान का बताया जाता है, जिसे जानकर आज भी लोग हैरान रह जाते हैं. 

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