साइकिल से खाने की डिलीवरी करता ये शख्स हर रोज करता है 40 किमी की यात्रा, बनना चाहता है IAS अधिकारी

सोशल मीडिया पर एक शख्स की कहानी लोगों का दिल छू रही है. सपनों को पूरा करने के खातिर हर दिन 40 किमी साइकिल चलाकर खाने की डिलीवरी करता ये शख्स आईएएस अधिकारी बनना चाहता है.

साइकिल से खाने की डिलीवरी करता ये शख्स हर रोज करता है 40 किमी की यात्रा, बनना चाहता है IAS अधिकारी

सपनों को पूरा करने का जज्बा बुलंद हौंसले के साथ बना रहे तो कोई भी राह मुश्किल नहीं. कुछ इसी तरह का जज्बा दिखा रहे हैं पटियाला के सौरव भारद्वाज (Sourav Bhardwaj). सोशल मीडिया पर इन दिनों वायरल हो रही सौरव की दिल छू लेने वाली कहानी कई लोगों के लिए प्रेरणा बन रही है. अपने सपनों को पूरा करने के खातिर सौरव रात-दिन मेहनत करते हैं, जिसे देख लोग उनकी तारीफ करते नहीं थक रहे हैं. सौरव हर दिन 40 किमी साइकिल (bicycle) चलाकर खाने की डिलीवरी (food delivery) करते हैं और दिन में कॉलेज जाते हैं. सौरव एक आईएएस अधिकारी बनना चाहते हैं. इस वजह से वे अपने परिवार के लिए रुपये जुटाने में लगे हुए हैं.

साइकिल से करते हुए खाना डिलीवर (food delivery on cycle)

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर उनके इस पोस्ट को @Hatindersinghr3 (Hatinder Singh) नाम के अकाउंट से शेयर किया गया है. सौरव भारद्वाज के वीडियो साथ कैप्शन में लिखा गया है, 'आइए आज के दिन की शुरुआत करें, पटियाला के इस भाई की कहानी के साथ, जो आईटीआई कर रहा है और स्विगी (Swiggy) में फूड डिलीवरी के रूप में काम कर रहा है. ये हर दिन 40 किमी साइकिल चलाकर खाने की डिलीवरी करते हैं. इनके पिता एक फोटोग्राफर हैं, जो ज्यादा रुपये नहीं कमाते. इस वजह से अपने परिवार की मदद करने के लिए ये काम कर रहे हैं.'

यहां देखें वीडियो

दिल छू रही है सौरभ की कहानी (Man deliver food on cycle)

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सौरभ का कहना है कि, वो शाम के 4 बजे से रात के 11 बजे तक स्विगी में डिलीवरी का काम करते हैं. वे 5 किमी तक का ऑर्डर ले लेते हैं और एक दिन में 40 किमी तक साइकिल चला लेते हैं. उनका लक्षय आईएएस अधिकारी बनना है, पर वो अन्य सरकारी नौकरियों की भी परीक्षाएं देते रहते हैं. एक मिनट 24 सेकंड के इस वीडियो को अब तक 26 हजार से ज्यादा लोग देख चुके हैं. वीडियो पर यूजर्स तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं देते हुए उनकी सराहना कर रहे हैं. एक यूजर ने लिखा, 'भगवान इस युवक को आशीर्वाद दे.' दूसरे यूजर ने लिखा, 'ये युवक दूसरों के लिए प्रेरणा स्रोत है.' तीसरे यूजर ने लिखा, 'ये अच्छा किया कि अपने ही शहर में डिलीवरी कर के माता-पिता के पास ही रह रहे हैं.'