यमन में हालात एक बार फिर तनावपूर्ण बने हुए हैं. दक्षिणी यमन के अलगाववादी गुटों ने कहा है कि सऊदी अरब के लड़ाकू विमानों ने शनिवार को बंदरगाह शहर मुकल्ला में एक सैन्य शिविर और अन्य इलाकों पर हवाई हमले किए, जहां उनके लड़ाके तैनात थे. ये हमले ऐसे समय हुए हैं, जब सऊदी समर्थित बल शहर पर फिर से नियंत्रण पाने की कोशिश कर रहे हैं.
इन हमलों पर सऊदी अरब की ओर से तुरंत कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई. हाल के हफ्तों में यह सऊदी अरब की सीधी सैन्य दखल का ताजा उदाहरण है. इससे पहले भी सऊदी अरब ने दक्षिणी अलगाववादी संगठन Southern Transitional Council (STC) के ठिकानों पर बमबारी की थी और कथित तौर पर यूएई से आने वाले हथियारों की एक खेप को भी निशाना बनाया था.
STC से जुड़े सैटेलाइट चैनल के मुताबिक, सऊदी हमले हद्रामौत प्रांत में मुकल्ला के पश्चिम स्थित बार्शीद ब्रिगेड कैंप पर किए गए. हद्रामौत उन दो प्रांतों में शामिल है, जिन पर STC ने पिछले महीने कब्जा कर लिया था.
एक दशक से गृहयुद्ध की आग में झुलस रहा यमन
यमन एक दशक से ज्यादा समय से गृहयुद्ध की आग में झुलस रहा है. उत्तर में ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों का कब्जा है, जबकि दक्षिण में सऊदी नेतृत्व वाला गठबंधन अंतरराष्ट्रीय मान्यता प्राप्त सरकार का समर्थन करता है. वहीं, गठबंधन का ही एक सदस्य संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) दक्षिणी अलगाववादियों का समर्थन करता है, जो दक्षिण यमन को दोबारा अलग देश बनाने की मांग कर रहे हैं.
UAE ने अपने सैनिकों को वापस बुलाने का किया ऐलान
ताजा सऊदी हमले ऐसे वक्त हुए हैं, जब STC ने एक दिन पहले दक्षिण में स्वतंत्र राष्ट्र के लिए एक संविधान की घोषणा की थी. पिछले महीने STC ने हद्रामौत और महरा जैसे तेल-समृद्ध इलाकों पर कब्जा कर लिया था, जिससे सऊदी समर्थित नेशनल शील्ड बलों को पीछे हटना पड़ा.
सऊदी दबाव और यमन से हटने के अल्टीमेटम के बाद यूएई ने शनिवार तड़के अपने सभी सैनिकों को वापस बुलाने की घोषणा की. इससे सऊदी अरब और यूएई के रिश्तों में और खटास आ गई है, जो पहले से ही रेड सी क्षेत्र और क्षेत्रीय राजनीति को लेकर तनाव में हैं.
सऊदी अरब और यूएई के बीच बढ़ रहा तनाव
STC के एक अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि पिछले 24 घंटों में हद्रामौत के कई इलाकों में 100 से ज्यादा सऊदी हवाई हमले हुए, जिनमें कई लोग मारे गए और घायल हुए हैं.
इस बीच, STC से जुड़े यमन के परिवहन मंत्रालय ने आरोप लगाया कि सऊदी हमलों में सैयून अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे को भी निशाना बनाया गया, जिससे उसके ढांचे और उड़ानों की बहाली को गंभीर खतरा पैदा हो गया है.
उधर, सऊदी विदेश मंत्रालय ने कहा है कि वह अपनी राजधानी रियाद में यमन के सभी दक्षिणी गुटों की एक बैठक बुलाने की योजना बना रहा है, ताकि 'दक्षिणी मुद्दे का न्यायपूर्ण समाधान' निकाला जा सके.
विशेषज्ञों का मानना है कि हालिया घटनाओं ने यमन में सऊदी अरब और यूएई के बीच बढ़ती खींचतान को उजागर कर दिया है और यही टकराव वहां की लड़ाई को और जटिल बना रहा है.
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