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भारत के खिलाफ ऑपरेशन गलवान का आदेश देने वाले चीनी जनरल को शी जिनपिंग ने पद से हटाया

चीन की शीर्ष राजनीतिक सलाहकार संस्था ने 26 अगस्त को झाओ को CPPCC की 14वीं राष्ट्रीय समिति की स्थायी समिति से हटाने के लिए वोट किया. उन्हें जातीय और धार्मिक मामलों की समिति के उप-निदेशक पद से भी हटा दिया गया.

भारत के खिलाफ ऑपरेशन गलवान का आदेश देने वाले चीनी जनरल को शी जिनपिंग ने पद से हटाया
झाओ जोंगकी पर कार्रवाई पर चीन में बहुत ज्यादा नहीं बताया गया है.
  • चीन ने ऑपरेशन गलवान का आदेश देने वाले जनरल झाओ जोंगकी को देश की शीर्ष राजनीतिक सलाहकार संस्था से हटा दिया है
  • झाओ की सदस्यता CPPCC से हटाई गई और उन्हें जातीय तथा धार्मिक मामलों की समिति के उप-निदेशक पद से भी हटाया गया है
  • बीजिंग ने झाओ को हटाने का कोई कारण नहीं बताया और उनके खिलाफ भ्रष्टाचार जांच की आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है

भारत-चीन संबंधों पर एक बड़ी खबर आई है. पता चला है कि भारत को सबक सिखाने के लिए ऑपरेशन गलवान का आदेश देने वाले चीनी जनरल के शी जिनपिंग ने पर कतर दिए हैं. चीन ने जनरल झाओ जोंगकी को देश की शीर्ष राजनीतिक सलाहकार संस्था से हटा दिया है. झाओ ने 2017 के डोकलाम गतिरोध और 2020 में भारत के साथ गलवान घाटी झड़प के दौरान पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) के वेस्टर्न थिएटर कमांड की कमान संभाली थी.पीएलए का वेस्टर्न कमांड ही तिब्बत, शिनजियांग और भारत के साथ चीन की सीमा के बड़े हिस्से पर चीनी सैन्य अभियानों को नियंत्रित करता है.

झाओ जोंगकी को क्यों हटाया गया

झाओ की 'चाइनीज पीपल्स पॉलिटिकल कंसल्टेटिव कॉन्फ्रेंस' (CPPCC) की सदस्यता छीन ली गई और उन्हें दो अन्य पदों से भी हटा दिया गया है. बीजिंग ने न तो झाओ को हटाने की वजह बताई और न ही उनके खिलाफ किसी जांच का ऐलान किया. झाओ को हटाए जाने के बाद ऐसी अटकलें तेज हो गई हैं कि वह PLA में चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के लंबे समय से चल रहे बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार विरोधी अभियान की चपेट में आने वाले सबसे नए सीनियर मिलिट्री अधिकारी हैं. रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, झाओ को तब हटाया गया जब चीन ने अनुशासन और कानून के गंभीर उल्लंघन के शक में जांच के बाद दो अन्य सीनियर जनरलों झांग यूक्सिया और लियू झेनली को स्टेट सेंट्रल मिलिट्री कमीशन से हटा दिया. शी जिनपिंग के भ्रष्टाचार-विरोधी अभियान के तहत 2012 से अब तक कई सीनियर अधिकारियों की जांच हुई है और उन्हें हटाया गया है या बाहर निकाला गया है.

डोकलाम समय भी था झाओ जोंगकी 

जब 2017 में डोकलाम में चीनी और भारतीय सेनाओं का 72 दिनों तक आमना-सामना हुआ था, तब झाओ वेस्टर्न थिएटर की कमान संभाल रहे थे. मई 2020 में पूर्वी लद्दाख में शुरू हुए गतिरोध के समय भी वे ही इंचार्ज थे, जो अगले महीने गलवान में हुई जानलेवा झड़प पर जाकर खत्म हुआ. ANI ने 2020 में अमेरिकी खुफिया जानकारी के आधार पर बताया था कि झाओ ने "भारत को सबक सिखाने" के लिए गलवान ऑपरेशन को मंजूरी दी थी. गलवान झड़प में भारत के बीस सैनिक मारे गए थे. चीन ने आधिकारिक तौर पर PLA के चार सैनिकों की मौत की बात मानी थी, हालांकि बाद की जांच में मामले को छिपाने की बात सामने आई और अनुमान लगाया गया कि कम से कम 38 चीनी सैनिक मारे गए थे.

कार्रवाई का कारण नहीं बताया गया

चीन की शीर्ष राजनीतिक सलाहकार संस्था ने 26 अगस्त को झाओ को CPPCC की 14वीं राष्ट्रीय समिति की स्थायी समिति से हटाने के लिए वोट किया. उन्हें जातीय और धार्मिक मामलों की समिति के उप-निदेशक पद से भी हटा दिया गया और उनकी CPPCC सदस्यता भी खत्म कर दी गई. इस फैसले की घोषणा सरकारी समाचार एजेंसी शिन्हुआ ने की और इसे चीनी कम्युनिस्ट पार्टी (CCP) की केंद्रीय समिति के आधिकारिक अखबार 'पीपुल्स डेली' में प्रकाशित किया गया. घोषणा में इस कार्रवाई का कोई कारण नहीं बताया गया और यह भी नहीं कहा गया कि झाओ के खिलाफ भ्रष्टाचार या किसी अन्य उल्लंघन की जांच की जा रही है. समाचार एजेंसी रॉयटर्स ने खबर दी कि चीन की राजनीतिक सलाहकार संस्था ने झाओ को हटा दिया है; उन्हें 2020 में भारत-चीन सीमा झड़पों के दौरान वेस्टर्न थिएटर का पूर्व कमांडर बताया गया है.

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