- अफगानिस्तान में तालिबान के शासन में महिलाओं को बिना पुरुष के अकेले लंबी यात्रा करने की परमिशन नहीं है
- महिलाओं के अकेले यात्रा करने पर गिरफ्तारी और सजा हो सकती है, हालांकि ये सीधे अपराध घोषित नहीं है
- महिलाओं को बिना सिर ढके सार्वजनिक वाहनों में सवारी करने पर पाबंदी है
महिला हो या पुरुष हर किसी को कहीं भी आने जाने की स्वतंत्रता लगभग दुनिया के हर देश में है. पुरुषों की तरह महिलाएं कहीं भी अकेले आ-जा सकती हैं. लेकिन दुनिया में एक देश ऐसा भी है, जहां महिलाएं अकेले ज्यादा दूर तक नहीं घूम सकतीं. इस देश में महिलाओं को कहीं भी लंबी यात्रा पर आने-जाने के लिए साथ में पुरुष होना बहुत जरूरी है, ये पुरुष पति, भाई पिता हो ये जरूरी नहीं. यह पुरुष कोई गाइड भी हो सकता है. अगर महिला इस देश में अकेले घूमती पाई गई तो उसको गिरफ्तार किया जा सकता है. दुनिया का ये कौन सा देश है, जानिए.
महिलाओं के लिए तालिबान के सख्त नियम
अफगानिस्तान ऐसा देश है, जहां महिलाओं के अकेले घूमने पर सख्त पाबंदी है. तालिबान शासन में महिलाओं को बिना किसी पुरुष के अकेले लंबी यात्रा करने की अनुमति नहीं है.अगस्त 2021 में सत्ता में आने के बाद तालिबान ने महिलाओं को लेकर सख्त और कड़े कानून बनाए थे, जिनमें उनका अकेले लंबी दूरी की यात्रा करना भी शामिल है. इस पर बेहद कड़े प्रतिबंध और कानूनी रोक लगाई है. हालांकि इसे ऑफिशियली सीधे तौर पर 'अकेले घूमना अपराध' नहीं कहा गया है, लेकिन अगर कोई महिला इन नियमों का उल्लंघन करती है तो इसके लिए गिरफ्तारी और सजा का प्रावधान है.

अफगानिस्तान में महिलाओं का अकेला घूमना अपराध
अफगानिस्तान के नैतिकता प्रसार और व्यसन रोकथाम मंत्रालय ने साल 2021 में इसे लेकर दिशा-निर्देश जारी किए थे,. जिसके मुताबिक, महिलाओं को बिना किसी पुरुष के लंबी यात्रा नहीं कर सकतीं. इसके लिए उन्होंने किलो मीटर भी तय किए थे. साथ ही बिना सिर ढके भी महिलाओं के सार्वजनिक वाहनों में बैठने पर पाबंदी है. मंत्रालय ने वाहनों मालिकों से कहा था कि अगर महिला का सिर न ढका हो तो उसे सवारी न करने दें.
छठवीं क्लास के बाद पढ़ाई पर रोक
अफगानिस्तान दुनिया का ऐसा इकलौता देश है, जहां लड़कियों को छठी क्लास के बाद पढ़ने की इजाजत ही नहीं है. बता दें कि मार्च 2022 में तालिबान ने लड़कियों के सेकंडरी स्कूल में जाने पर रोक लगाई थी, इसके बाद दिसंबर 2022 में यूनिवर्सिटी में पढ़ाई पर भी पाबंदी लगा दी.UNESCO के अनुमान के मुताबिक, अभी 24 लाख लड़कियां स्कूल नहीं जा पा रही हैं. इतना ही नहीं महिलाएं यहां नौकरी भी नहीं कर सकती हैं.

72 किलोमीटर से आगे अकेले यात्रा पर प्रतिबंध
अफगानिस्तान मंत्रालय के प्रवक्ता सादिक अकीफ मुहाजिर ने कहा था कि जो महिलाएं 72 किमी. से ज्यादा लंबी यात्रा अकेले बिना किसी पुरुष के करती हैं तो उनको सवारी नहीं मिलनी चाहिए, उन्होंने साफ किया कि ये पुरुष कोई करीबी रिश्तेदार भी हो सकता है. इतना ही नहीं महिलाओं के अकेले जिम और पार्क में जाने पर भी पाबंदी है.
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