- नॉर्वे के राजा हेराल्ड पंचम का निधन 28 अगस्त को 89 वर्ष की आयु में हुआ था, उनकी अंतिम विदाई 9 सितंबर को होगी
- राजा हेराल्ड और क्वीन सोन्या के लिए लगभग 20 करोड़ रुपए की कीमत वाला खास ताबूत बनाया गया है, डिजाइन राज रखा गया
- इस ताबूत को मशहूर नॉर्वेजियन आर्किटेक्चर कंपनी स्नोहेटा ने डिजाइन किया है, जिसने ओस्लो ओपेरा हाउस भी बनाया है
नॉर्वे के राजा हेराल्ड पंचम का देहांत हो चुका है और आज यानी बुधवार, 9 सितंबर को उनकी अंतिम विदाई होगी. उन्हें जिस ताबूत में दफन किया जाएगा, वो बहुत खास है और हद से अधिक महंगा भी. इस ताबूत का डिजाइन अभी तक लोगों को नहीं दिखाया गया है यानी इसे राज रखा गया है. इसमें रानी के लिए भी जगह है यानी उनके निधन के बाद उन्हें भी इसी में दफन किया जाएगा. खास बात यह है कि राजा हेराल्ड ने खुद इस ताबूत को लेकर मजाक किया था. बता दें कि राजा हेराल्ड का 28 अगस्त को 89 साल की उम्र में निधन हुआ था.
20 करोड़ रुपए कीमत, कभी इसी ताबूत का उड़ाया था मजाक
न्यूज एजेंसी एएफपी की रिपोर्ट के अनुसार अक्टूबर 2024 में एक भाषण की शुरुआत करते हुए राजा हेराल्ड ने अचानक 'सार्कोफेगस' शब्द कहा था. वह अपने आखिरी ठिकाने यानी इस खास ताबूत की बात कर रहे थे. राजा हेराल्ड ने मजाक करते हुए कहा था कि सरकार के बजट में इस साल एक ऐसी चीज के लिए पैसे रखे गए हैं, जिसे सुनकर मिस्र के पिरामिड और वहां के पुराने कब्र वाले कमरे याद आ सकते हैं. उन्होंने कहा कि लोग इस शब्द का मतलब जानने के लिए गूगल पर सर्च करने लगेंगे.
तब नॉर्वे की सरकार के बजट में राजा हेराल्ड और उनकी पत्नी क्वीन सोन्या के लिए इस खास ताबूत को बनाने के लिए 2 करोड़ नॉर्वेजियन क्रोनर यानी करीब 20 करोड़ रुपए रखे गए थे. नोएडा में 2 BHK फ्लैट की कीमत औसतन एक करोड़ हों तो इस ताबूत के बदले 20 ऐसे फ्लैट आ जाएं. राजा और रानी, दोनों को आगे चलकर एकसाथ इस ताबूत में दफनाया जाएगा. हेराल्ड ने तब मजाक में यह भी कहा था, “उम्मीद है इसमें गद्दे अच्छे और आरामदायक होंगे, क्योंकि हमें इसमें काफी समय रहना है.” उन्होंने इस इंतजाम के लिए अधिकारियों का शुक्रिया भी अदा किया था.
पूरे शाही राजवंश का अंतिम घर एक मकबरा
बुधवार दोपहर 1 बजे ओस्लो कैथेड्रल में दिवंगत राजा के लिए प्रार्थना सभा होगी. इसके बाद उनके ताबूत को एक जुलूस के साथ अकेरशुस किले ले जाया जाएगा. यह ओस्लो फ्योर्ड के किनारे बना एक पुराना किला है. किले में एक निजी कार्यक्रम होगा. इसके बाद राजा हेराल्ड को शाही मकबरे के अंदर बनी कब्र में दफनाया जाएगा. यह खास दो लोगों वाला ताबूत मशहूर नॉर्वेजियन आर्किटेक्चर कंपनी स्नोहेटा ने डिजाइन किया है. इसी कंपनी ने ओस्लो ओपेरा हाउस और मिस्र में बिब्लियोथेका एलेक्जेंड्रिना भी डिजाइन की है.
यह नया ताबूत उस छोटे शाही मकबरे में पहले से मौजूद दो ताबूतों के पास रखा जाएगा. यह मकबरा 1949 में किले के चैपल के साथ बनाया गया था. इनमें से एक ताबूत सफेद संगमरमर का है. यह कमरे के बीच में रखा है. इसमें मौजूदा शाही परिवार के राजवंश के पहले राजा हाकोन सप्तम, जो हेराल्ड के दादा थे, और उनकी पत्नी क्वीन मौड के अवशेष रखे हैं. दूसरा ताबूत गहरे हरे रंग की कांस्य धातु का है. इसमें हेराल्ड के माता-पिता राजा ओलाव पंचम और क्राउन प्रिंसेस मार्था के अवशेष हैं. इन दोनों पुराने ताबूतों को भी उसी आर्किटेक्ट अर्नस्टीन अर्नेबर्ग ने डिजाइन किया था, जिन्होंने शाही मकबरा बनाया था.
अखबार आफ्टेनपोस्टेन के मुताबिक, इस तरह ताबूत में दफनाना नॉर्वे की एक पुरानी परंपरा है, जो खास तौर पर शाही परिवार में होती है. राजा हेराल्ड और क्वीन सोन्या के ताबूत का डिजाइन परंपरा को ध्यान में रखकर बनाया गया है. शाही महल ने पहले कहा था कि इसे तैयार करते समय राजा और रानी से भी सलाह ली गई थी.
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