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This Article is From Mar 09, 2026

भारत हथियार खरीदने वाला दूसरा सबसे बड़ा देश, टॉप 5 में पाकिस्तान भी- 10 Point में नई रिपोर्ट का निचोड़

World Arms Race: स्टॉकहोम इंटरनेशनल पीस रिसर्च इंस्टीट्यूट (SIPRI) की इस रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि भारत धीरे-धीरे रूस पर अपनी निर्भरता कम कर रहा है और पश्चिमी देशों से ज्यादा हथियार खरीद रहा है. यहां पढ़िए रिपोर्ट की 10 सबसे बड़ी बातें.

भारत हथियार खरीदने वाला दूसरा सबसे बड़ा देश, टॉप 5 में पाकिस्तान भी- 10 Point में नई रिपोर्ट का निचोड़
World Arms Race: हथियारों की खरीद-बिक्री पर आई SIPRI की रिपोर्ट
  • भारत 2021-25 के दौरान दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा हथियार आयातक रहा. उसका वैश्विक आयात हिस्सा 8.2 प्रतिशत था
  • पाकिस्तान के हथियार आयात में 66 प्रतिशत वृद्धि हुई और 2021-25 में वह पांचवें स्थान पर पहुंच गया.
  • अमेरिका 2021-25 में सबसे बड़ा हथियार निर्यातक बना रहा, उसकी वैश्विक निर्यात हिस्सेदारी 42 प्रतिशत दर्ज की गई

दुनिया में हथियारों के व्यापार और खरीद में पिछले 5 सालों में बड़े बदलाव देखने को मिले हैं. एक नई अंतरराष्ट्रीय रिपोर्ट के अनुसार 2021–25 के दौरान भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा हथियार आयातक रहा, जबकि पाकिस्तान भी शीर्ष पांच देशों में शामिल हो गया. स्टॉकहोम इंटरनेशनल पीस रिसर्च इंस्टीट्यूट (SIPRI) की इस रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि भारत धीरे-धीरे रूस पर अपनी निर्भरता कम कर रहा है और पश्चिमी देशों से ज्यादा हथियार खरीद रहा है. वहीं पाकिस्तान की सैन्य खरीद का बड़ा हिस्सा चीन से आ रहा है. इसी दौरान वैश्विक हथियार बाजार में अमेरिका सबसे बड़ा निर्यातक बना रहा, जबकि रूस की हिस्सेदारी में तेज गिरावट दर्ज की गई है. चलिए आपको 8 प्वाइंट में इस रिपोर्ट की सभी बड़ी बातें बताते हैं.

  1. भारत साल 2021 से 2025 के दौरान दुनिया में बड़े हथियारों का दूसरा सबसे बड़ा आयातक रहा. कुल वैश्विक हथियार आयात में उसका हिस्सा 8.2 प्रतिशत था. भारत के हथियार आयात का मुख्य कारण चीन और पाकिस्तान के साथ उसके तनाव माने जाते हैं. इन तनावों के कारण कई बार सशस्त्र संघर्ष भी हुआ है, जैसा कि मई 2025 में भारत और पाकिस्तान के बीच थोड़े समय के लिए हुआ था, जिसमें दोनों पक्षों ने आयात किए गए बड़े हथियारों का इस्तेमाल किया.
  2. हालांकि रिपोर्ट बताती है कि पिछले एक दशक में भारत के कुल हथियार आयात में थोड़ी कमी आई है. इसका एक कारण यह भी है कि भारत अब खुद हथियार डिजाइन और उत्पादन करने की क्षमता बढ़ा रहा है. रिपोर्ट में कहा गया है कि 2016-20 और 2021-25 के बीच भारत के हथियार आयात में 4.0 प्रतिशत की कमी आई. यह गिरावट आंशिक रूप से भारत की अपनी हथियार डिजाइन और उत्पादन क्षमता बढ़ने के कारण है.
  3. पिछले एक दशक में भारत ने हथियार खरीदने की नीति में भी बदलाव किया है. उसने रूस पर निर्भरता कम करके पश्चिमी देशों की ओर रुख किया है, खासकर फ्रांस, इजरायल और अमेरिका की ओर. रिपोर्ट के अनुसार, भारत के हथियार आयात में रूस की हिस्सेदारी 2011-15 में 70 प्रतिशत थी, जो 2016-20 में घटकर 51 प्रतिशत रह गई और 2021-25 में और कम होकर 40 प्रतिशत हो गई.
  4. पाकिस्तान की सेना के हथियार अब ज्यादातर चीन से आते हैं. उसके लगभग 80 प्रतिशत हथियार आयात चीन से होते हैं. 2021-25 के दौरान पाकिस्तान दुनिया में बड़े हथियारों का पांचवां सबसे बड़ा आयातक बन गया, जबकि 2016-20 में वह दसवें स्थान पर था. इन दो अवधियों के बीच पाकिस्तान के हथियार आयात में 66 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई और इसका हिस्सा कुल वैश्विक हथियार आयात का 4.2 प्रतिशत रहा.
  5. रिपोर्ट में कहा गया है कि 2021-25 में शीर्ष पांच हथियार आयातक देश यूक्रेन, भारत, सऊदी अरब, कतर और पाकिस्तान थे. इनका मिलाकर कुल हथियार आयात में 35 प्रतिशत हिस्सा था.
  6. इस अवधि में अमेरिका दुनिया का सबसे बड़ा हथियार निर्यातक देश बना रहा. कुल वैश्विक हथियार निर्यात में उसकी हिस्सेदारी 42 प्रतिशत थी. फ्रांस 9.8 प्रतिशत हिस्सेदारी के साथ दूसरे स्थान पर रहा, जबकि रूस 6.8 प्रतिशत हिस्सेदारी के साथ तीसरे स्थान पर रहा.
  7. वैश्विक हथियार निर्यात में रूस की हिस्सेदारी में बड़ी गिरावट आई. यह 2016-20 में 21 प्रतिशत थी, जो 2021-25 में घटकर 6.8 प्रतिशत रह गई. इसका मुख्य कारण अल्जीरिया, चीन और मिस्र जैसे देशों को हथियारों के निर्यात में बड़ी कमी आना था.
  8. 1960 के दशक के बाद पहली बार यूरोप वैश्विक हथियार आयात में सबसे बड़ा हिस्सा रखने वाला क्षेत्र बना. इसका मुख्य कारण यूक्रेन में चल रहा युद्ध और पूरे क्षेत्र में बढ़ती सुरक्षा चिंताएं हैं. 
  9. वैश्विक हथियार आयात में यूरोप की हिस्सेदारी 33 प्रतिशत रही, जबकि एशिया और ओशिनिया की 31 प्रतिशत और पश्चिम एशिया की 26 प्रतिशत रही.
  10. चीन बड़े हथियारों का दुनिया में 21वां सबसे बड़ा आयातक रहा. 1991-95 के बाद पहली बार वह दुनिया के शीर्ष 10 हथियार आयातकों की सूची से बाहर हो गया. पिछले पांच वर्षों में चीन के हथियार आयात में 72 प्रतिशत की भारी गिरावट आई है. रूस अब भी चीन का सबसे बड़ा हथियार आपूर्तिकर्ता (सप्लायर) है और चीन के कुल हथियार आयात का 66 प्रतिशत रूस से आता है. हालांकि बीजिंग तेजी से रूसी हथियारों की जगह अपनी तकनीक अपना रहा है, जिसमें हेलीकॉप्टर और विमान इंजन जैसी तकनीक शामिल हैं.
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