Winter Strom in US: अमेरिका में बर्फीले तूफान ने कोहराम मचा दिया है और देश का दो तिहाई से ज्यादा हिस्सा इसकी चपेट में है. प्रलय लाने वाले इस विंटर स्टार्म के कारण अमेरिका के 16 से ज्यादा राज्यों में हाहाकार की स्थिति है. 10 लाख से ज्यादा घरों में बिजली गुल होने के कारण अंधेरा है. जबकि 21 करोड़ लोग सीधे खतरे का सामना कर रहे हैं. PowerOutage us के अनुसार, करीब दस लाख से ज्यादा ग्राहक बिना बिजली के खतरनाक हालातों का सामना कर रहे हैं. टेनेसी में तीन लाख, मिसिसिपी, टेक्सास और लुइसियाना 1-1 लाख से ज्यादा लोग प्रभावित हैं.रविवार तक 10 हजार से ज्यादा उड़ानें रद्द की गईं हैं. 26 जनवरी तक यह आंकड़ा 15 से 20 हजार के पार जाने के आसार हैं. अमेरिका के अटलांटा, डलास और न्यूयॉर्क के एयरपोर्ट सबसे ज्यादा प्रभावित हैं.
इमरजेंसी जैसे हालात
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 12 से अधिक राज्यों में आपातकाल की घोषणा की है. अमेरिकी शहर न्यूयॉर्क और लुइसियाना में हाइपोथर्मिया और सड़क हादसों में दर्जनों लोगों की मौत की पुष्टि हुई है.मौसम वैज्ञानिकों ने इसे अभी तक का सबसे विनाशकारी तूफान बताया है, जो 2000 मील तक फैला हुआ है.
क्यों बने ऐसे खतरनाक हालात
सवाल उठ रहा है कि क्या विंटर स्टार्म जलवायु परिवर्तन के कारण होने वाली बेहद खतरनाक मौसम (Extreme Weather) से जुड़ी घटनाओं का नई सामान्य स्थिति है, जिसका इंसानों को सामना करना पड़ेगा. शरीर को जमा देने वाली ठंड, जबरदस्त बर्फबारी और जानलेवा बर्फीला तूफान जलवायु परिवर्तन के विनाशकारी परिणामों में से एक हो सकता है.

Winter Storm in US
ग्लोबल वार्मिंग और क्लाइमेट चेंज दोनों
एक तरफ ग्लोबल वार्मिंग के कारण अमेरिका में गर्मी का रिकॉर्ड बनाने वाले दिनों की तादाद बढ़ती जा रही है, कुछ इलाकों में बर्फ पड़ना बंद हो गई है. वहीं दूसरी ओर ऐसी भयंकर सर्दी वाले दिनों को देखना पड़ रहा है. सीएनएन की एक रिपोर्ट में अमेरिकी जलवायु विशेषज्ञ वुड्स प्लैकी ने कहा है कि अमेरिका के मध्य पश्चिमी और उत्तर पूर्व के इलाके जहां खतरनाक गर्मी और बढ़ते तापमान का सामना कर रहे हैं, वहीं पश्चिमी छोर वाले राज्यों में ऐसे बर्फीली सुनामी झेल रहे हैं.
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सर्दी के दिन कम मगर तीव्रता ज्यादा
मिनियापोलिस शहर में इस साल जो न्यूनतम तापमान रिकॉर्ड किया गया, वो 1970 के मुकाबले 12 डिग्री फारेनहाइड ज्यादा है.क्लीवलैंड में यह 11.2 डिग्री ज्यादा है. लेकिन सर्दी के थोड़े दिनों में ही विनाशकारी हालात देखने को मिल रहे हैं. वुडवेल क्लाइमेट रिसर्च सेंटर की शोधकर्ता जेनिफर फ्रांसिस ने कहा कि आर्कटिक एरिया में यह बर्फीले तूफान चौंकाने वाली है.ठंड के दिन कम हो रहे हैं, लेकिन इसकी तीव्रता बढ़ रही है.

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भंवर में फंसी बर्फीली हवाओं से ऐसी स्थिति
वैज्ञानिकों का कहना है कि पोलर वर्टेक्स के कारण उत्तरार्ध में तेज ठंडी हवा उत्तरी ध्रुव के आसपास फंस सी जाती है.लेकिन जब यह कमजोर पड़ती है तो अमेरिका के मुख्य क्षेत्र का रुख कर लेती है. इसी वजह से सामान्य से कहीं ज्यादा बर्फीले हालात पैदा हो जाते हैं.पोलर वर्टेक्स एक गोलाकार हवा की दीवार की तरह है, जो आमतौर पर बर्फीली हवा को आर्कटिक तक ही सीमित रखता है, लेकिन जब यह फैलता है तो यह दक्षिण की ओर झुक सकता है और अपने साथ अत्यधिक बर्फीली हवा ला सकता है. अभी अमेरिका में यही हो रहा है.

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MIT शोधकर्ता का बड़ा खुलासा
मध्य और पूर्वी राज्यों में जेट स्ट्रीम की स्थिति देखी जा रही है.एमआईटी के शोध वैज्ञानिक जूडा कोहेन ने कहा कि इस भंवर का विस्तार जलवायु परिवर्तन के कारण आर्कटिक के कुछ हिस्सों में समुद्री बर्फ के पिघलने से जुड़ा है. साइबेरिया के कुछ हिस्सों में औसत से अधिक हिमपात से ऐसी घटनाएं बढ़ जाती हैं. इसी ध्रुवीय भंवर के काण अमेरिका इन दिनों रिकॉर्डतोड़ स्नोफॉल का सामना कर रहा है.
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