Early signs of kidney failure: किडनी हमारे शरीर का एक बहुत जरूरी अंग है. यह खून को साफ करती है, शरीर से विषैले पदार्थों को बाहर निकालती है, और पानी व मिनरल्स का संतुलन बनाए रखती है, लेकिन किडनी से जुड़ी बीमारियां अक्सर बिना स्पष्ट लक्षण के बढ़ती हैं. इसी कारण, बहुत से लोगों को किडनी की समस्या का पता देर से चलता है. इसलिए यह जानना जरूरी है कि किडनी सही से काम कर रही है या नहीं और इसके शुरुआती संकेत क्या हो सकते हैं.
किडनी के लिए कौन से टेस्ट कराने चाहिए
किडनी की कार्यक्षमता का पता लगाने के लिए कुछ मेडिकल जांच कराना जरूरी है.
- इनमें ब्लड टेस्ट और यूरिन टेस्ट सबसे महत्वपूर्ण हैं.
- ब्लड में क्रिएटिनिन और जीएफआर यानी ग्लोमेरुलर फिल्ट्रेशन रेट की जांच से पता चलता है कि किडनी खून को कितनी अच्छी तरह फिल्टर कर रही है.
- वहीं, यूरिन टेस्ट से पेशाब में प्रोटीन या अन्य असामान्य तत्वों का पता लगाया जा सकता है.
किडनी खराब के शुरुआती लक्षण
कई बार किडनी खराब होने से पहले शरीर कुछ शुरुआती संकेत देता है, जिन्हें नजरअंदाज नहीं करना चाहिए. जैसे -
- शरीर में सूजन आना, खासकर पैरों, टखनों या चेहरे पर. ऐसा तब होता है जब किडनी अतिरिक्त पानी और नमक को सही से बाहर नहीं निकाल पाती.
- इसके अलावा, पेशाब में बदलाव भी किडनी की समस्या का संकेत हो सकता है. जैसे, बार-बार पेशाब आना, रात में कई बार पेशाब के लिए उठना, पेशाब में झाग बनना या रंग का बहुत गहरा होना. कुछ लोगों को पेशाब करते समय जलन या दर्द भी महसूस हो सकता है. लगातार थकान और कमजोरी भी किडनी की समस्या का एक संकेत हो सकती है.
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जब किडनी सही से काम नहीं करती तो क्या होता है
जब किडनी सही से काम नहीं करती, तो शरीर में टॉक्सिन्स जमा होने लगते हैं, जिससे व्यक्ति को कमजोरी और ऊर्जा की कमी महसूस होती है. इसके अलावा भूख कम लगना, मतली, त्वचा में खुजली, और सांस लेने में परेशानी जैसे लक्षण भी दिखाई दे सकते हैं. जिन लोगों को डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर या मोटापे की समस्या है, उनमें किडनी रोग का खतरा ज्यादा होता है.
इसलिए ऐसे लोगों को समय-समय पर किडनी की जांच करानी चाहिए. अगर शरीर में ऊपर बताए गए लक्षण बार-बार दिखाई दें, तो इसे नजरअंदाज करने के बजाय तुरंत डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है. समय पर जांच और सही इलाज से किडनी की बीमारी को शुरुआती चरण में ही नियंत्रित किया जा सकता है.
(यह लेख डॉक्टर नेहा भंडारी, सीनियर कंसल्टेंट – पीडियाट्रिक नेफ्रोलॉजी, आकाश हेल्थकेयर से बातचीत पर आधारित है.)
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