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अमेरिका क्या युद्ध अपराधी बनेगा? नोबेल शांति पुरस्कार के दावेदार ट्रंप पर ये कैसा दाग

युद्ध संबंधी अंतरराष्ट्रीय कानून उन संरचनाओं, वाहनों और व्यक्तियों पर हमले प्रतिबंधित करता है जो सैन्य लक्ष्य या लड़ाके नहीं हैं. आम तौर पर नागरिक आवास, स्कूल, चिकित्सा सुविधाएं और सांस्कृतिक स्थल सैन्य हमलों के दायरे से बाहर होते हैं.

अमेरिका क्या युद्ध अपराधी बनेगा? नोबेल शांति पुरस्कार के दावेदार ट्रंप पर ये कैसा दाग
  • अमेरिका पर ईरान के एक प्राथमिक स्कूल पर हमले के लिए युद्ध अपराध का गंभीर आरोप लगा है, जिसमें बच्चे मारे गए
  • अमेरिकी सेना ने रक्षा खुफिया एजेंसी के पुराने डेटा से टारगेट तय कर इस हमले को अंजाम दिया, जिससे विवाद बढ़ा
  • अमेरिकी सैटेलाइट इमेज और विशेषज्ञों के विश्लेषण से स्कूल को स्पष्ट रूप से नागरिक स्थल माना गया था
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अमेरिका को ह्यमन राइट्स का चैंपियन माना जाता है. दुनिया में कहीं भी हिंसा हो अमेरिका सबसे पहले सवाल उठाता है. इसी के चलते कई युद्ध भी उसने कर दिए हैं. अब उसी अमेरिका पर युद्ध अपराध के आरोप लग रहे हैं. वो भी उस राष्ट्रपति के कार्यकाल में जो खुद को कई युद्धों को रुकवाने वाला बताते हैं. नोबेल शांति पुरस्कार का सबसे बड़ा दावेदार मानते हैं. अमेरिका और ट्रंप की सेना पर युद्ध अपराध के आरोप ईरान तो लगा ही रहा है, अब खुद अमेरिकी अखबार और रिपब्लिकन-डेमोक्रेट सीनेटर (सांसद) भी लगा रहे हैं. सवाल पूछ रहे हैं.

कैसे पता चला

28 फरवरी (शनिवार) को इजरायल और अमेरिका की तरफ से ईरान के एक प्राइमरी स्कूल पर हमला किया गया. उसी दिन अलग-अलग टारगेट में 165 से अधिक मारे गए. इनमें ज्यादातर बच्चे थे. ईरान ने स्कूल और रिहायशी इलाकों पर अमेरिकी हमले की निंदा की तो पूरी दुनिया चौंक गई. राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पहले हमले के लिए ईरान को दोषी ठहराया, बाद में कहा कि उन्हें पक्का पता नहीं है कि इसके लिए कौन जिम्मेदार है, और फिर कहा कि वे पेंटागन की जांच के नतीजों को स्वीकार करेंगे. बुधवार को न्यूयॉर्क टाइम्स की पहली रिपोर्ट के बाद यह मामला और भी गंभीर हो गया कि प्रारंभिक जांच में अमेरिका को जिम्मेदार पाया गया है. प्रारंभिक जांच के नतीजों से परिचित एक व्यक्ति के अनुसार, अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने हमले के लिए रक्षा खुफिया एजेंसी द्वारा उपलब्ध कराए गए पुराने डेटा का उपयोग करते हुए टारगेट तय किए.

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फिर मच गया बवाल

प्रारंभिक जांच के नतीजों के बाद पेंटागन से तुरंत और जानकारी देने की मांग की गई. व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लीविट ने कहा कि "जांच अभी जारी है." अमेरिकी अधिकारी और मामले से परिचित व्यक्ति दोनों ने इस संवेदनशील विषय पर चर्चा करने के लिए नाम न छापने की शर्त पर एसोसिएटेड प्रेस से बात की. बुधवार को दर्जनों डेमोक्रेटिक सीनेटरों ने ट्रंप प्रशासन से जवाब मांगा, क्योंकि बढ़ते सबूतों से संकेत मिल रहे थे कि इस हमले के लिए अमेरिका ही जिम्मेदार था. 45 से अधिक सीनेटरों के पत्र में रक्षा सचिव पीट हेगसेथ से पूछा गया कि क्या अमेरिका इस हमले के लिए दोषी है और इमारत का पहले क्या विश्लेषण किया गया था. सीनेटरों ने लिखा, "इस प्रशासन के तहत, विभाग में बजट और कर्मचारियों की कटौती ने सैन्य कमानों को नागरिक हताहतों को रोकने और उनका जवाब देने के लिए महत्वपूर्ण संसाधनों से वंचित कर दिया है." इनमें अमेरिकी सेंट्रल कमांड में कटौती भी शामिल है, जिसकी सेनाएं ईरान के खिलाफ सैन्य अभियान का नेतृत्व कर रही हैं, और सिविलियन प्रोटेक्शन सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में कटौती भी शामिल है, जिसे हमलों में होने वाली मौतों की संख्या को कम करने के पेंटागन के महत्वाकांक्षी उद्देश्य के तहत 2022 में कानून के रूप में पारित किया गया था.

साफ दिख रहा था स्कूल है

कई संकेत हैं कि विद्यालय पर हमला टाला जा सकता था. यह घटना शनिवार की सुबह हुई, जो ईरानी स्कूल सप्ताह की शुरुआत थी, जब भवन छोटे बच्चों से भरा हुआ था. एपी द्वारा किए गए सैटेलाइट विश्लेषण से पता चलता है कि सैटेलाइट इमेज से ही स्कूल को नागरिक स्थल के रूप में पहचाना जा सकता था. पिछले हफ्ते एपी ने रिपोर्ट किया था कि सैटेलाइट तस्वीरों, विशेषज्ञों के विश्लेषण, एक अमेरिकी अधिकारी और अमेरिकी सेना द्वारा जारी की गई सार्वजनिक जानकारी से संकेत मिलता है कि यह संभवतः एक अमेरिकी हमला था. सोमवार को यह सबूत और भी पुख्ता हो गया, जब नए फुटेज सामने आए, जिनमें विशेषज्ञों ने अमेरिकी निर्मित टोमाहॉक क्रूज मिसाइल को सैन्य परिसर से टकराते हुए देखा.

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सार्वजनिक रूप से उपलब्ध सैटेलाइट तस्वीरों से पता चलता है कि स्कूल की इमारत लगभग 2017 तक सैन्य परिसर का हिस्सा थी, जब दोनों को अलग करने के लिए एक नई दीवार बनाई गई थी. परिसर पर स्थित एक निगरानी मीनार को भी हटा दिया गया था. लगभग उसी समय, तस्वीरों से पता चलता है कि इमारत के चारों ओर की दीवारों पर चमकीले रंगों, मुख्य रूप से नीले और गुलाबी रंग के भित्ति चित्र बनाए गए थे, जो इतने चमकीले थे कि अंतरिक्ष से भी दिखाई देते थे. ऑनलाइन मानचित्रों में स्कूल को स्पष्ट रूप से इसी रूप में दर्शाया गया है और इसकी एक आसानी से सुलभ वेबसाइट है, जिसमें छात्रों, शिक्षकों और प्रशासकों के बारे में पूरी जानकारी उपलब्ध है.

युद्ध के क्या हैं नियम

युद्ध संबंधी अंतरराष्ट्रीय कानून उन संरचनाओं, वाहनों और व्यक्तियों पर हमले प्रतिबंधित करता है जो सैन्य लक्ष्य या लड़ाके नहीं हैं. आम तौर पर नागरिक आवास, स्कूल, चिकित्सा सुविधाएं और सांस्कृतिक स्थल सैन्य हमलों के दायरे से बाहर होते हैं. वाशिंगटन स्थित गैर-लाभकारी थिंक टैंक अटलांटिक काउंसिल की वरिष्ठ वकील एलिस बेकर ने कहा कि किसी स्कूल का वैध सैन्य लक्ष्य के निकट होना, उसे नागरिक स्थल के रूप में उसकी स्थिति नहीं बदलता. 

क्या युद्ध अपराधी अमेरिका

ऐसा लगता तो नहीं, लेकिन जिस तरह से अमेरिका में इसका विरोध हो रहा है तो शायद ऐसा हो सके. मगर फिर भी इसकी संभावना कम है. जिनेवा कन्वेंशन (1949) घायल/बीमार सैनिकों, युद्धबंदियों (POW), और नागरिकों को सुरक्षा प्रदान करती हैं. अंतरराष्ट्रीय आपराधिक न्यायालय (ICC) के 1998 के रोम विधान (रोम संविधि) का अनुच्छेद 8, युद्ध अपराधों को चार मुख्य श्रेणियों में परिभाषित करता है, जिसमें जिनेवा सम्मेलनों का उल्लंघन शामिल है. 

युद्ध अपराध की क्या सजा है

ICC द्वारा दी जाने वाली अधिकतम सजा आजीवन कारावास है. इसके अलावा, अपराध की गंभीरता के आधार पर, यह जुर्माना या अस्थायी कारावास भी हो सकता है. इंटरनेशनल क्रिमिनल कोर्ट (ICC) और तदर्थ (Ad-hoc) अंतर्राष्ट्रीय न्यायाधिकरण इन मामलों की सुनवाई करते हैं. अपराध के प्रकार: इनमें जानबूझकर की गई हत्याएं, अत्याचार, यातना, नागरिकों को निशाना बनाना, बलात्कार, और अवैध निर्वासन शामिल हैं.  जेनेवा संधियों के तहत, हर देश को अपने कानूनों के अनुसार युद्ध अपराधियों पर मुकदमा चलाने की जिम्मेदारी दी गई है.

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