- ईरान के पूर्व सुप्रीम लीडर अली खामेनेई के जनाजे में उनके तीन बेटे मौजूद थे, लेकिन मोजतबा खामेनेई नहीं दिखे
- मोजतबा खामेनेई 28 फरवरी के अमेरिकी-इजरायली हमले के बाद से सार्वजनिक रूप से नजर नहीं आए हैं
- रिपोर्टों के अनुसार मोजतबा गंभीर रूप से घायल हुए हैं, उनके चेहरे और शरीर को भारी नुकसान पहुंचा है
सैंतीस साल तक ईरान के सुप्रीम लीडर रहे अली खामेनेई के जनाजे में हजारों लोगों की भीड़ है, ईरान के तमाम बड़े नेता हैं, लेकिन उनके बेटे और नए सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई नहीं हैं. रविवार को जब अली खामेनेई और उनके परिवार के बाकी सदस्यों के ताबूत जब ग्रैंड मोसाला में लाए गए तो उनके तीन बेटे- मुस्तफा, मैसम और मसूद रोते हुए दिखाई दिए. फिर भी उनके बेटों में से एक मोजतबा खामेनेई कहीं नजर नहीं आए.
मोजतबा खामेनेई 28 फरवरी के बाद से कहीं नजर नहीं आए हैं. ये वही दिन था, जब अमेरिका और इजरायल ने मिलकर ईरान पर हमला किया था और इन हमलों में अयातुल्लाह अली खामेनेई की मौत हो गई थी.
चार महीने बाद अब जब ईरान में अली खामेनेई का जनाजा निकाला जा रहा है, हजारों-लाखों लोग शामिल हो रहे हैं, तब मोजतबा खामेनेई का नदारद रहना कई सवाल खड़े करता है. ईरान का दावा है कि सुरक्षा कारणों के चलते मोजतबा इसमें शामिल नहीं हैं, क्योंकि इजरायल उन्हें निशाना बना सकता है. वहीं, सोशल मीडिया पर तमाम तरह की थ्योरियां चल रही हैं, जो कई सारे सवाल खड़े करती हैं.
आखिर कहां हैं मोजतबा?
अली खामेनेई की मौत के लगभग 10 दिन बाद 8 मार्च को मोजतबा खामेनेई को नया सुप्रीम लीडर चुना गया था. 12 मार्च को उन्होंने अपना पहला लिखित संदेश जारी किया था. उनके संदेश को एक टीवी एंकर ने पढ़ा था, जिसमें मोजतबा ने 'बदला' लेने की बात कही थी.
इसके बाद से मोजतबा खामेनेई दर्जनों संदेश जारी कर चुके हैं. हालांकि, उनके सभी संदेश लिखे हुए रहते हैं, जिन्हें सरकारी टीवी पर पढ़ा जाता है.
हाल ही में 18 जून को उनका एक अहम बयान सामने आया था, जिसमें मोजतबा ने कहा था कि युद्ध खत्म करने के लिए अमेरिका के साथ बातचीत को उन्होंने अपनी मंजूरी दे दी है, भले ही उनकी राय 'अलग' थी.

मेसम, मसूद और मुस्तफा.
Photo Credit: PTI
न्यूज एजेंसी AFP की एक रिपोर्ट के मुताबिक, सोशल मीडिया पर चल रही चर्चाओं और गतिविधियों के बावजूद इस बात का कोई पक्का सबूत नहीं है कि 28 फरवरी के उस हमले के बाद मोजतबा खामेनेई जिंदा भी हैं या नहीं? उस हमले में मोजतबा की पत्नी जहरा हद्दाद आदेल और उनके परिवार के दूसरे सदस्य मारे गए थे.
कई ईरानी अधिकारियों ने इस बात को माना है कि 28 फरवरी के हमले में खामेनेई घायल हो गए थे. इससे यह अटकलें लगाई जा रही हैं कि हो सकता है कि वह पूरी तरह ठीक होने और अपनी सुरक्षा का ध्यान रखते हुए ही सबसे सामने आना चाहते हों.
यह भी पढ़ेंः इस्लाम में केमिकल की मनाही है, फिर खामेनेई का शव 4 महीनों से कैसे रखा है सुरक्षित?
क्या हुआ मोजतबा के साथ?
28 फरवरी के हमले के बाद से कई तरह की बातें सामने आई हैं. शुरुआत में खबरें आई थीं कि उस हमले में मोजतबा बुरी तरह घायल हो गए थे और वह कोमा में हैं.
बाद में 11 अप्रैल को न्यूज एजेंसी रॉयटर्स ने तीन करीबी सूत्रों के हवाले से बताया था कि उस हमले में मोजतबा खामेनेई बुरी तरह जख्मी हो गए थे. उनका चेहरा पूरी तरह बिगड़ गया था और शायद उनका एक पैर भी कट गया था. हालांकि, रॉयटर्स ने ये भी बताया था कि मोजतबा मानसिक रूप से सचेत हैं और ऑडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सीनियर अफसरों के साथ होने वाली बैठक में हिस्सा ले रहे हैं.
इससे पहले 13 मार्च को अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने दावा किया था कि उस हमले में मोजताब घायल हो गए थे और शायद उनका चेहरा या शरीर बुरी तरह जख्मी हो गया था.
.@POTUS on Mojtaba Khamenei: "I don't want to say whether or not I know where he is, but there's a good probability that I do... He's very seriously injured." pic.twitter.com/BgzgTk4AVy
— Rapid Response 47 (@RapidResponse47) June 7, 2026
वहीं, 7 जून को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक इंटरव्यू में कहा गया था कि 'मैं यह नहीं कहना चाहता कि मुझे पता है कि वह कहां हैं या नहीं, लेकिन इस बात की संभावना है कि मुझे पता है कि वह बहुत गंभीर रूप से घायल हैं.'
यह भी पढ़ेंः ईरान का बड़ा दावा- अंदर से टूटी ट्रंप सरकार, सीजफायर डील खराब करने में लगा इजरायल
सबके सामने क्यों नहीं आ रहे मोजतबा?
अली खामेनेई के जनाजे में आने वाले कई लोगों की चाहत मोजतबा खामेनेई को देखना भी थी. जनाजे में शामिल हुए एक महिला ने ईरान की तस्नीम न्यूज एजेंसी से कहा, 'आखिरी पल तक, नमाज शुरू होने से पहले तक, मैं अपने आसपास के लोगों से कहती रही कि मुझे उम्मीद है कि मोजतबा खामेनेई खुद आएंगे. हमारी बस यही इच्छा थी.'
हालांकि, मोजतबा खामेनेई नहीं आए, जबकि उनके तीन भाई पिता के जनाजे में शामिल हुए हैं. माना जा रहा है कि 28 फरवरी के हमले में घायल होने के बाद से मोजतबा छिपे हुए हैं. इस बात की आशंका है कि अगर मोजतबा सबके सामने आता है तो इजरायल उनकी हत्या कर सकता है.
4 जुलाई को न्यूयॉर्क टाइम्स ने ईरानी अधिकारियों के हवाले से बताया था कि इस बात की चिंता थी कि मोजतबा के सामने आने से उनकी हत्या की कोशिश की जा सकती है.

उनके सबके सामने न आने की एक वजह उनका घायल होना भी है. सेंटर फॉर इंटरनेशनल पॉलिसी के सीनियर फेलो नेगार मुर्तजावी ने TIME मैग्जीन से कहा कि उन चोटों की वजह से ही शायद मोजतबा सबके सामने नहीं आ रही हैं. उनका कहना है कि जब देश अपनी मजबूती, एकता और ताकत दिखाना चाहता है, तब सबके सामने न आने से कमजोर छवि बनने से भी बचा जा सकता है.
उनका कहना है कि पिता की मौत के बाद नए सुप्रीम लीडर इजरायल के लिए सबसे अहम टारगेट में से एक हैं, इसलिए उनका सबके सामने आना जोखिम भरा होगा.
इसी बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शनिवार को अमेरिकी मीडिया एक्सियोस को दिए इंटरव्यू में कहा था कि 'वो सब वहीं हैं. एक गोली और हम उन सबको खत्म कर सकते हैं. लेकिन हम ऐसा नहीं करने जा रहे हैं.'
यह भी पढ़ेंः 4 जुलाई से ही क्यों शुरू हो रहा खामेनेई के जनाजे का कार्यक्रम? अमेरिका और दुनिया को क्या दिखाना चाहता है ईरान
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं