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ईरान का बड़ा दावा- अंदर से टूटी ट्रंप सरकार, सीजफायर डील खराब करने में लगा इजरायल

ईरान की संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बाकिर गालिबाफ ने दावा किया है कि इजरायल किसी भी कीमत पर अमेरिका से हुई डील को सफल नहीं होने देना चाहता.

ईरान का बड़ा दावा- अंदर से टूटी ट्रंप सरकार, सीजफायर डील खराब करने में लगा इजरायल
US Iran Ceasefire Deal: ईरान का दावा- डील खराब करना चाहता है इजरायल (फोटो- NDTV)

डोनाल्ड ट्रंप की टीम से हुई डील को ईरान अमेरिका और इजरायल की करारी हार का दस्तावेज बता रहा है. स्विट्जरलैंड की अपनी यात्रा के बाद ईरान की संसद के अध्यक्ष और मुख्य वार्ताकार मोहम्मद बाकिर गालिबाफ ने यह दावा करते हुए कहा कि इजरायल पूरी कोशिश कर रहा है कि तेहरान और वॉशिंगटन के बीच हाल ही में हुई डील, यानी 14 बिंदुओं वाला इस्लामाबाद समझौता (MoU) सफल न हो. गालिबाफ ने कहा कि यह शांति समझौता पश्चिमी देशों के लिए एक बड़ा झटका है. उन्होंने यह भी कहा कि लेबनान में इजरायल ने हाल में जो सैन्य कार्रवाई बढ़ाई है, उसने दरअसल समझौते से घबराकर ऐसा किया है. इतना ही नहीं उन्होंने अमेरिकी सरकार के अंदर भी फूट होने का दावा किया है.

इजरायल को अड़चन मान रहा ईरान

न्यूज एजेंसी इसना के अनुसार, गालिबाफ ने मंगलवार को एक टीवी इंटरव्यू में कहा कि उनकी स्विट्जरलैंड यात्रा का मकसद इस समझौते की शर्तों को लागू करना था. लेकिन लेबनान में हुई घटनाओं के कारण यह काम आगे नहीं बढ़ सका. गालिबाफ ने कहा कि इजरायल इस समझौते के खिलाफ था. उनके अनुसार, इस समझौते में कहा गया है कि लेबनान में युद्ध खत्म होगा, देश की जमीन पर उसका पूरा अधिकार फिर से माना जाएगा, अपने घर छोड़कर गए लोग वापस लौटेंगे और कब्जा किए गए इलाकों से सेना हटेगी.

उन्होंने कहा, "इजरायल इसके खिलाफ इसलिए है क्योंकि यह समझौता अमेरिका और जायोनी शासन की हार का दस्तावेज है. इजरायल ने पूरी कोशिश की कि यह समझौता सफल न हो. इस समझौते के पहले बिंदु में कहा गया है कि लेबनान की आधिकारिक सीमाओं और नक्शे के अनुसार युद्ध खत्म होना चाहिए. कोई सैन्य कार्रवाई नहीं होनी चाहिए. लोगों को अपने घर लौटना चाहिए और दुश्मन को कब्जा की गई जमीन छोड़नी चाहिए."

गालिबाफ ने आगे आरोप लगाया कि समझौते पर हस्ताक्षर होने के बाद इजरायल ने अपनी सैन्य कार्रवाई और तेज कर दी, ताकि इस समझौते को लागू करना मुश्किल हो जाए. ईरान की संसद के अध्यक्ष ने कहा कि इस समझौते के अनुसार लेबनान के अंदर सुरक्षा बनाए रखने की जिम्मेदारी लेबनानी सरकार की होगी. साथ ही उन्होंने इजराइल के बारे में ईरान का रुख भी दोहराया. उन्होंने कहा कि यह भी ध्यान रखना चाहिए कि हमारी लड़ाई जायोनी शासन से है.

अमेरिकी सरकार में भी फूट- गालिबाफ

गालिबाफ ने यह भी दावा किया कि इस समझौते को लागू करने को लेकर अमेरिकी सरकार के अंदर भी मतभेद हैं. उन्होंने अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो और उपराष्ट्रपति जेडी वेंस का नाम लिया.

उन्होंने कहा, "यह मतभेद अमेरिका के अंदर भी है. रुबियो एक रास्ता अपनाते हैं और वेंस दूसरा. गुरुवार को रुबियो ने बहरीन में फारस की खाड़ी के तट पर क्या कदम उठाए? वे सभी इस समझौते और फारस की खाड़ी के देशों के खिलाफ थे. वह फिर से जलडमरूमध्य के मुद्दे पर भी विरोध में थे. वे हमारे दुश्मन हैं. हमारे पास एक समझौता है और हम अपने रुख पर मजबूती से खड़े हैं."

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