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अमेरिका से बातचीत के बाद ईरान के राष्ट्रपति स्टेट विजिट पर पाकिस्तान क्यों पहुंचे?

पाकिस्तान यात्रा के दौरान राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान के साथ ईरानी प्रतिनिधिमंडल भी पहुंचा. इसमें स्विटजरलैंड वार्ता का हिस्सा रहे विदेश मंत्री अब्बास अराघची भी शामिल हैं. ईरान के राष्ट्रपति के आने के कारण इस्लामाबाद हाईकोर्ट के कामकाज को भी सुरक्षा कारणों से बंद कर दिया.

अमेरिका से बातचीत के बाद ईरान के राष्ट्रपति स्टेट विजिट पर पाकिस्तान क्यों पहुंचे?
पाकिस्तानी नेताओं से कुछ इस तरह मिले ईरान के राष्ट्रपति. (फोटो क्रेडिट-AFP)
  • ईरान के राष्ट्रपति ने अपने राष्ट्रपति कार्यकाल के महत्वपूर्ण राजनयिक समझौते के बाद इस्लामाबाद का दौरा किया है
  • 2015 के JCPOA में ईरान ने अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों के बदले अपने परमाणु कार्यक्रम को सीमित करने पर सहमति दी थी
  • पाकिस्तान का मुस्लिम मुल्क होना व मध्यस्थ भूमिका निभाना ईरान को राजनीतिक-क्षेत्रीय फायदे दिलाने में सहायक है

ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान एक राजकीय यात्रा के लिए इस्लामाबाद पहुंचे हैं. इस यात्रा का समय कोई संयोग नहीं है. पेजेश्कियान अपने राष्ट्रपति कार्यकाल के सबसे महत्वपूर्ण राजनयिक समझौते पर हस्ताक्षर करने के तुरंत बाद इस्लामाबाद पहुंचे हैं. इस समझौते को देश के भीतर उसी गुटीय मतभेद का सामना करना पड़ रहा है, जिसने 2015 की JCPOA बातचीत पर भी असर डाला था.

2015 का JCPOA विवाद एक बड़ा कारण

2015 का JCPOA, यानी 'जॉइंट कॉम्प्रिहेंसिव प्लान ऑफ एक्शन', ईरान और दुनिया की छह बड़ी ताकतों – अमेरिका, यूनाइटेड किंगडम, फ्रांस, जर्मनी, रूस और चीन – के बीच एक अहम परमाणु समझौता था. इस समझौते के तहत, तेहरान अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों से राहत पाने के बदले अपने परमाणु कार्यक्रम को सीमित करने पर सहमत हुआ था. अमेरिका 2018 में डोनाल्ड ट्रंप के पहले कार्यकाल के दौरान इस समझौते से बाहर हो गया था.

ईरान के लिए अभी फायदेमंद पाकिस्तान 

मिडिल ईस्ट मामलों के जानकार और जॉर्ज मेसन यूनिवर्सिटी में प्रोफेसर रजा खानजादेह ने बताया, "MoU पर दस्तखत करने के तुरंत बाद पेजेश्कियान का इस्लामाबाद जाना यह बताता है कि उन्हें इस नाज़ुक समझौते को राजनीतिक फायदे में बदलना है – चाहे वह देश के अंदर हो, राज्य के भीतर, पूरे क्षेत्र में या अंतरराष्ट्रीय स्तर पर. उन्हें इस दौरे की जरूरत पाकिस्तान से कहीं ज्यादा है." पाकिस्तान का मुस्लिम मुल्क होना और मध्यस्थ होना ईरान को सूट करता है. इससे उसे अपने लोगों को समझाने में आसानी होगी कि दबाव में समझौता नहीं हुआ.

ईरानी राष्ट्रपति का भव्य स्वागत

पाकिस्तान यात्रा के दौरान राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान के साथ ईरानी प्रतिनिधिमंडल भी पहुंचा. इसमें स्विटजरलैंड वार्ता का हिस्सा रहे विदेश मंत्री अब्बास अराघची भी शामिल हैं. ईरान के राष्ट्रपति के आने के कारण इस्लामाबाद हाईकोर्ट के कामकाज को भी सुरक्षा कारणों से बंद कर दिया. सार्वजनिक परिवहन बंद कर दिया गया. स्कूलों की छुट्टी कर दी गई. कुल मिलाकर ईरानी नेताओं का ग्रैंड वेलकम हुआ. पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ से लेकर फील्ड मार्शल असीम मुनीर और राष्ट्रपति जरदारी से इन नेताओं की मुलाकात हुई.

पाकिस्तान मुस्लिम ब्रदरहुड की राह पर

पाकिस्तानी प्रधानमंत्री मुस्लिम उम्माह भाईचारे की याद दिलाई और ईरान के साथ दोस्ती की बातें की. ईरान ने भी पाकिस्तान की मध्यस्थता की तारीफ की. ईरान की कोशिश है कि पाकिस्तान उसके पक्ष में बैटिंग करते रहे. कारण अभी अमेरिका के साथ उसकी बातों पर तकरार होती रहेगी. ऐसे में पाकिस्तान मामला संभाल सकता है. ईरान के राष्ट्रपति ने शांति समझौते के बाद पाकिस्तान आकर उसे महत्वपूर्ण बताने की कोशिश की है. हालांकि, ये भी उम्मीद जताई जा रही है कि अमेरिका के अलावा भी ईरान-पाकिस्तान के बीच व्यापार पर बात हो सकती है. इस बारे में बुधवार को ही कोई घोषणा संभव है.

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