- चीन के J-20 फाइटर विमान में स्वदेशी इंजन लगाए गए हैं, जिससे इसकी गति और थ्रस्ट क्षमता में सुधार हुआ है
- J-20A वेरिएंट का एयरोडायनामिक डिजाइन और सेंसर सिस्टम उन्नत किए गए हैं, जिससे उड़ान प्रदर्शन बेहतर हुआ है
- J-20S दो सीटों वाला वेरिएंट है, जिसमें पीछे की सीट पर ऑपरेटर बिना पायलट वाले विमानों का संचालन कर सकता है
रविवार को चीनी सरकारी मीडिया ने चीन के J-20 स्टील्थ फाइटर परिवार के विकास के बारे में नई जानकारी दी. इसमें J-20A के इंजन तकनीक, एयरोडायनामिक डिजाइन और सेंसर सिस्टम में हुई प्रगति के साथ-साथ, दो सीटों वाले J-20S वेरिएंट के विकास पर भी प्रकाश डाला गया है. इस दो-सीट वाले वेरिएंट को भविष्य की हवाई लड़ाइयों में विमान की भूमिका को बढ़ाने के लिए डिजाइन किया गया है.
J-20 में स्वदेशी इंजन लगे
CCTV न्यूज की रविवार की रिपोर्ट के अनुसार, J-20 में स्वदेशी इंजन लगे हैं. इस फाइटर विमान के विकास में यह एक बड़ा मील का पत्थर है. स्वदेशी इंजनों से लैस यह संस्करण पहली बार 2021 में दक्षिण चीन के ग्वांगडोंग प्रांत के झुहाई में आयोजित 'एयरशो चाइना' में सार्वजनिक रूप से सामने आया था. सैन्य मामलों के टिप्पणीकार वांग मिंगलियांग ने CCTV न्यूज़ की रिपोर्ट में बताया कि स्वदेशी इंजन विमान को अधिक शक्तिशाली थ्रस्ट देते हैं. इससे विमान न केवल तेज़ गति हासिल कर सकता है, बल्कि सुपरसोनिक क्रूज़ स्पीड को बनाए रखने और उच्च-ओवरलोड वाले कठिन पैंतरे दिखाने में भी सक्षम हो जाता है.
वांग ने कहा, "इस बदलाव से विमान के इंजन सिस्टम पर अधिक स्वतंत्रता और नियंत्रण मिलता है." उन्होंने आगे कहा कि यह तकनीकी प्रगति और भी उन्नत लड़ाकू विमानों के विकास के लिए एक आधार तैयार करती है. J-20A एक अपग्रेडेड सिंगल-सीट वेरिएंट है. इसके एयरोडायनामिक डिज़ाइन और सेंसर सिस्टम में सुधार किए गए हैं. वांग के अनुसार, इसके कॉकपिट के आकार में किए गए बदलाव से एयरोडायनामिक प्रदर्शन बेहतर होगा और विमान अधिक तेज़ गति से उड़ान भर सकेगा. वांग ने दो ऐसे स्पष्ट बदलावों की ओर इशारा किया, जिन्होंने सैन्य मामलों में रुचि रखने वालों का ध्यान खींचा है.
- पहला बदलाव कॉकपिट के पीछे का उठा हुआ हिस्सा है. पुराने मॉडल की तुलना में, कॉकपिट और विमान की मुख्य बॉडी (फ्यूज़लेज) के बीच का जुड़ाव अब अधिक सुचारू और घुमावदार हो गया है. उन्होंने कहा, "संभवतः यह बदलाव एयरोडायनामिक प्रदर्शन को बेहतर बनाने और उड़ान की गति बढ़ाने के लिए किया गया है."
- दूसरा बदलाव विमान के अगले हिस्से (नोज़) के नीचे एक उभरा हुआ हिस्सा है. वांग के अनुसार, पुराने वर्ज़न में छह ऑप्टिकल लेंस थे, जबकि इस अपग्रेडेड वर्ज़न में आठ लेंस हैं, जो इसकी पता लगाने की क्षमता (डिटेक्शन क्षमता) में सुधार को दर्शाता है.
सेंसर सिस्टम अपग्रेड
वांग ने कहा कि अपग्रेड किया गया सेंसर सिस्टम J-20A को नेटवर्क और तालमेल वाले ऑपरेशनों में अधिक सक्षम बना सकता है, जिसमें स्टील्थ विमानों का पता लगाना और उन्हें ट्रैक करना भी शामिल है. विशेषज्ञ ने बताया कि दो सीटों वाले J-20S का आना एक और बड़ा बदलाव है, जो पांचवीं पीढ़ी के लड़ाकू विमानों की पारंपरिक भूमिका का विस्तार करता है. उन्होंने कहा कि J-20S को इस तरह डिज़ाइन किया गया है कि यह सिंगल-सीट (एक सीट वाले) विमानों की कुछ कमियों को दूर कर सके.
जहां आगे की सीट पर बैठा पायलट विमान उड़ाने और हवाई लड़ाई पर ध्यान देता है, वहीं पीछे की सीट पर बैठा ऑपरेटर बिना पायलट वाले विमानों (अनमैन्ड एयरक्राफ्ट) के समूहों को संभाल सकता है, युद्धक्षेत्र की जानकारी का तालमेल बिठा सकता है, इंटेलिजेंट सहयोग में मदद कर सकता है, और ज़मीन या समुद्र पर मौजूद लक्ष्यों के खिलाफ मिशन की योजना बना सकता है. यह डिज़ाइन भविष्य की उन हवाई लड़ाइयों के लिए ज़्यादा उपयुक्त है, जिनमें इंटेलिजेंस, बिना पायलट वाले सिस्टम और नेटवर्क आधारित ऑपरेशनों की भूमिका बढ़ती जा रही है.
फील्ड में उतर गए ये जेट
वांग के अनुसार, J-20 अब पारंपरिक अर्थों में केवल 'एयर-सुपीरियरिटी' (हवाई वर्चस्व कायम करने वाला) लड़ाकू विमान नहीं रह गया है, बल्कि यह एक व्यापक युद्ध प्रणाली के भीतर कमांड और समन्वय (कोऑर्डिनेशन) प्लेटफॉर्म के रूप में भी काम कर सकता है. वांग ने कहा कि विमान के अपने डिटेक्शन और कम्युनिकेशन सिस्टम को चलाने के अलावा, पीछे की सीट पर बैठा ऑपरेटर एक 'एयरबोर्न मिशन कोऑर्डिनेटर' के रूप में भी प्रभावी ढंग से काम कर सकता है. वह जानकारी को मैनेज करने, टारगेट तय करने और कई अलग-अलग प्लेटफॉर्म्स के बीच ऑपरेशंस में तालमेल बिठाने में मदद कर सकता है.
हालांकि, आधुनिक विमान अपनी पूरी क्षमता का इस्तेमाल तभी कर सकते हैं, जब उन्हें एक प्रभावी कॉम्बैट सिस्टम (युद्ध प्रणाली) का हिस्सा बनाया जाए. शुरुआत में छोटे स्तर पर तैनात किए जाने से लेकर, कई यूनिट्स में शामिल होने और अलग-अलग इलाकों में नियमित ऑपरेशंस करने तक, J-20 अब PLA एयर फोर्स के व्यापक ऑपरेशनल ढांचे का एक अहम हिस्सा बन गया है. इसकी भूमिका अब केवल अलग-अलग विमानों की ट्रेनिंग और फॉर्मेशन फ्लाइट्स तक ही सीमित नहीं रही, बल्कि यह संयुक्त युद्धाभ्यासों, युद्ध-केंद्रित ट्रेनिंग और नियमित पेट्रोलिंग मिशनों में भी हिस्सा ले रहा है.
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