- बांग्लादेश में चीफ एडवाइजर मोहम्मद यूनुस का कार्यकाल खत्म हो गया. अब उनकी राजनीतिक भूमिका पर चर्चाएं तेज हैं.
- BNP नेतृत्व वाली नई सरकार यूनुस को संवैधानिक या राष्ट्रपति पद पर रखने पर विचार कर सकती है.
- यूनुस के प्रेस सचिव ने स्पष्ट किया कि वे राजनीति में लौटना नहीं चाहते और सामाजिक मुद्दों पर काम जारी रखेंगे.
बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के मुख्य सलाहकार प्रोफेसर मोहम्मद यूनुस का कार्यकाल खत्म हो गया है. इसी के साथ देश की राजनीति में उनके भविष्य की भूमिका को लेकर चर्चाएं चरम पर हैं. नोबेल पुरस्कार विजेता यूनुस ने शेख हसीना के सत्ता से बाहर होने के बाद देश की कमान संभाली थी. ऐसे में अब वो क्या करेंगे- यह सवाल राजधानी ढाका से लेकर अंतरराष्ट्रीय विश्लेषकों तक में सुर्खियों में है.
कायम रहेगी यूनुस की राजनीतिक भूमिका? चर्चा गर्म
सोशल मीडिया और राजनीतिक गलियारों में यह अटकलें जोरों पर हैं कि यूनुस नई सरकार में किसी संवैधानिक पद, विशेष रूप से राष्ट्रपति पद, पर आसीन हो सकते हैं. माना जा रहा है कि बीएनपी के नेतृत्व वाली नई सरकार, जिसके मुखिया तारिक रहमान मंगलवार को प्रधानमंत्री पद की शपथ लेने वाले हैं, यूनुस को किसी उच्च पद पर बनाए रख सकती है.
हालांकि तारिक रहमान के अंतरराष्ट्रीय मामलों के सलाहकार हुमायूं कबीर ने NDTV से कहा कि अभी तक किसी भी भूमिका पर कोई औपचारिक चर्चा नहीं हुई है.
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कबीर के मुताबिक तारिक रहमान ‘इन्क्लूसिव गवर्नेंस' में विश्वास रखते हैं. वे देश के बेहतरीन दिमागों को शासन का हिस्सा बनाना चाहते हैं. यूनुस सहित किसी के लिए भी अभी तक कोई पद तय नहीं किया गया है. कबीर ने यह भी कहा कि तारिक रहमान देश के प्रमुख नागरिकों से सलाह‑मशविरा करेंगे, और इसी क्रम में यूनुस से बातचीत होना भी स्वाभाविक है.
यूएन‑ग्लोबल स्तर पर यूनुस की मजबूत पकड़- राष्ट्रपति पद पर चर्चाएं
अंतरराष्ट्रीय विश्लेषक डेविड बर्गमैन का मानना है कि यूनुस जैसे वैश्विक छवि वाले व्यक्ति का राष्ट्रपति बनना बांग्लादेश के लिए लाभदायक हो सकता है. उन्होंने X पर लिखा, 'यूनुस की अंतरराष्ट्रीय साख किसी अन्य बांग्लादेशी नेता से अधिक है. घरेलू राजनीति पर केंद्रित प्रधानमंत्री और विश्व‑स्तर पर सम्मानित राष्ट्रपति का संयोजन देश के लिए फायदेमंद हो सकता है.' हालांकि, तारिक रहमान की टीम और यूनुस के प्रेस सचिव दोनों ने इस दावे से साफ इनकार किया है.
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‘उनकी राजनीति में कोई रुचि नहीं'
मोहम्मद यूनुस के प्रेस सचिव शफीक़ुल आलम ने सभी राजनीतिक अटकलों को खारिज करते हुए कहा कि यूनुस किसी संवैधानिक पद की तलाश में नहीं हैं. उन्होंने NDTV से कहा, 'यूनुस राजनीति में नहीं आना चाहते. वे अपने पुराने काम- थ्री जीरो विज़न (शून्य गरीबी, शून्य बेरोज़गारी, शून्य कार्बन उत्सर्जन) पर ध्यान देना चाहते हैं. वे युवाओं के साथ सामाजिक व्यवसायों के नए मॉडल पर काम जारी रखेंगे. आलम ने यह भी दोहराया कि यूनुस ने देश को कठिन दौर में स्थिरता प्रदान करने का दायित्व निभाया और अब वे नई सरकार को जिम्मेदारी सौंपकर अपने पूर्व कार्यों में लौटना चाहते हैं.
क्या वास्तव में राजनीति से दूर रहेंगे यूनुस?
यूनुस ने अभी तक अपने भविष्य को लेकर कोई सार्वजनिक बयान नहीं दिया है. राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि देशहित में कोई महत्वपूर्ण संवैधानिक पद उन्हें प्रस्तावित किया जाता है और वह उनकी वैश्विक छवि के अनुरूप हो, तो यूनुस उसे ठुकराएंगे, यह कहना जल्दबाजी होगी.
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हालांकि, यह भी स्पष्ट है कि अंतरिम सरकार की कमान संभालने वाले यूनुस के लिए राजनीति में सीधे उतरना आसान नहीं होगा. उनके आलोचक भी मौजूद हैं और देश की घरेलू राजनीति अक्सर अप्रत्याशित मोड़ लेती है.
नई सरकार को सत्ता हस्तांतरण के बाद स्थिति स्पष्ट होगी
तारिक रहमान के प्रधानमंत्री के रूप में शपथ लेने और अंतरिम सरकार को भंग करने के तुरंत बाद यूनुस अपनी अगली भूमिका पर खुलकर बोल सकते हैं. फिलहाल, देश और दुनिया दोनों उनकी अगली घोषणा का इंतजार कर रही है.
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