- अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हमास को गाजा में युद्धविराम के लिए रविवार शाम छह बजे तक डेडलाइन दी थी.
- डेडलाइन खत्म होने के बाद भी इजरायली विमानों और टैंकों की बमबारी जारी रही, जबकि हमास ने जवाब देने में देरी की.
- सोमवार को मिस्र में इजरायल और हमास के बीच अप्रत्यक्ष वार्ता होने वाली है जिसमें बंधकों की रिहाई पर चर्चा होगी.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की तरफ से गाजा में युद्धविराम लागू करने के लिए हमास को दी गई डेडलाइन रविवार को खत्म हो गई है. ट्रंप ने हमास को रविवार यानी 5 अक्टूबर को शाम 6 बजे तक की डेडलाइन दी है. डेडलाइन के खत्म होने के बाद भी, गाजा पट्टी में इजरायली विमानों और टैंकों की तरफ से रात भर बमबारी जारी रही. ट्रंप ने दावा किया था कि इजरायल 'आरंभिक वापसी रेखा' पर सहमत हो गया है. वहीं हमास ने कहा था कि उसे सोचने के लिए कुछ समय चाहिए.
सोमवार को होगा कुछ बड़ा
ट्रंप ने हमास के सामने शर्त रखी थी कि वह बंधकों को रिहा करे और अमेरिकी शांति योजना के कुछ प्रमुख हिस्सों को स्वीकार करे. इसके बाद उन्होंने इजरायल से गाजा पर बमबारी रोकने का आग्रह किया है. यह एक ऐसे बदलाव के तौर पर देखा गया था जिसके बाद दो साल पुराना युद्ध खत्म होने की तरफ बढ़ सकता था. लेकिन हमास की तरफ से अभी तक इस पर न तो 'हां' कहा गया है और न ही इस पर इनकार किया है. हालांकि इन सबके बीच ही मिस्र में सोमवार को एक बड़ा घटनाक्रम देखने को मिल सकता है.
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न्यूज एजेंसी एपी की तरफ से बताया गया है कि इजरायल और हमास ने सोमवार को मिस्र में अप्रत्यक्ष वार्ता की तैयारी कर ली है. इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की मानें तो इस हफ्ते युद्धविराम और बंधकों की रिहाई की प्रक्रिया शुरू हो सकती है. मिस्र के विदेश मंत्रालय ने कहा कि मिस्र सोमवार को इजरायल और हमास के प्रतिनिधिमंडलों की मेजबानी करेगा, जहां फिलिस्तीनी कैदियों के बदले इजरायली बंधकों की प्रस्तावित अदला-बदली पर चर्चा की जाएगी.
बंधकों की रिहाई तय!
मिस्र के एक अधिकारी के अनुसार, अमेरिकी दूत स्टीव विटकॉफ भी वार्ता में शामिल हो रहे हैं. उन्होंने नाम न छापने की शर्त पर बताया क्योंकि उन्हें पत्रकारों को जानकारी देने का अधिकार नहीं था. अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा कि वर्तमान स्थिति 'सभी बंधकों की रिहाई के सबसे करीब पहुंच गई है. एबीसी के 'दिस वीक' कार्यक्रम में बोलते हुए, उन्होंने हमास द्वारा ट्रंप के प्लान को स्वीकार करने के बाद के दो चरणों में इसके बारे में बताया पहले तो बंधकों की रिहाई और फिर इजरायल का 'येलो लाइन' पर वापस लौटना, जहां वह अगस्त 2024 में था.
युद्धविराम के लिए अंतरराष्ट्रीय समर्थन भी बढ़ रहा है.
आठ मुस्लिम बहुल देशों के विदेश मंत्रियों ने रविवार को एक ज्वॉइन्ट स्टेटमेंट जारी कर संभावित युद्धविराम की दिशा में उठाए जा रहे कदमों का स्वागत किया. उन्होंने गाजा का शासन एक ट्रांजिशनल कमेटी को सौंपने की हमास की इच्छा को पूरा समर्थन दिया है. साथ ही मंत्रियों ने 'प्रस्ताव को लागू करने के तंत्र पर सहमति बनाने के लिए तत्काल बातचीत शुरू करने' की अपील की.
बमबारी क्यों नहीं रोक रहा इजरायल
ट्रंप ने इजरायल से हमले रोकने की अपील की है लेकिन इसके बाद भी गाजा में कम से कम 12 लोगों की मौत हो गई है. इजरायली सरकार की प्रवक्ता शोश बदरोसियन ने मीडिया को को बताया कि गाजा पट्टी के अंदर कुछ बमबारी वास्तव में रुक गई है, लेकिन इस समय कोई युद्धविराम लागू नहीं है. उन्होंने यह भी कहा कि नेतन्याहू ट्रंप के साथ 'नियमित संपर्क' में हैं और प्रधानमंत्री ने जोर देकर कहा है कि मिस्र में वार्ता 'अधिकतम कुछ दिनों तक ही सीमित रहेगी'. हमास की वार्ता में देरी करने वाली किसी भी चाल को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.
आखिर चाहता क्या हमास
बंधकों की रिहाई
हमास ने कहा कि वह योजना में दिए गए आदान-प्रदान के फॉर्मूले के अनुसार, गाजा में जीवित और मृत, दोनों तरह के इजरायली बंधकों को रिहा करेगा, लेकिन उसने 'आदान-प्रदान को लागू करने के लिए जरूरी क्षेत्रीय परिस्थितियों' का जिक्र किया बिना यह बताए कि वो शर्तें क्या थीं.
इजरायली की वापसी
हमास ने कहा कि उसने युद्ध समाप्त करने की रूपरेखा को स्वीकार कर लिया है और एन्क्लेव से इजरायल की 'पूर्ण वापसी' का ज़िक्र किया है. जबकि योजना में कहा गया है कि 'इजरायली सेना बंधकों की रिहाई की तैयारी के लिए सहमत रेखा पर वापस जाएगी' और 'चरणबद्ध वापसी' का भी जिक्र किया गया है.
भावी शासन
2007 से गाजा पर शासन कर रहे हमास ने कहा कि वह गाजा के प्रशासन को फिलिस्तीनी, अरब और इस्लामी समर्थन वाले एक फिलिस्तीनी टेक्निकल अथॉरिटी को सौंपेगा जबकि ट्रंप की योजना में कहा गया है कि फिलिस्तीनी अथॉरिटी की देखरेख एक नए इंटरनेशनल ट्रांजिशनल बॉडी की तरफ से की जाएगी. इसका नेतृत्व ट्रंप करेंगे और जिसमें पूर्व ब्रिटिश प्रधानमंत्री टोनी ब्लेयर जैसे बाकी लोग भी शामिल होंगे.
हमास का भविष्य
हमास ने कहा कि वह खुद को एक 'विस्तृत फिलिस्तीनी राष्ट्रीय ढांचे' का हिस्सा मानता है और उसने विसैन्यीकरण पर कोई टिप्पणी नहीं की. एक ऐसा कदम जिसे उसने पहले खारिज कर दिया था. जबकि योजना में कहा गया है कि हमास की गाजा के शासन में कोई भूमिका नहीं होगी और गाजा के विसैन्यीकरण की प्रक्रिया का उल्लेख किया गया है.
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