- पीएम नरेन्द्र मोदी ने इस साल के बजट को भारत के विकसित राष्ट्र बनने की इच्छा और तैयारी का प्रतीक बताया है
- उन्होंने कहा कि राजनीतिक स्थिरता और पूर्वानुमान ने निवेशकों का विश्वास बहाल कर ट्रेड डील को मजबूत बनाया है
- पीएम मोदी ने यूपीए सरकार के आर्थिक कुप्रबंधन और असफल व्यापार वार्ताओं की कड़ी आलोचना की
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा है कि इस साल का बजट भारत के विकसित राष्ट्र बनने की चाहत को दर्शाता है. ‘पीटीआई' को दिए इंटरव्यू में पीएम ने कहा कि बजट मजबूरी में पैदा हुआ ‘अभी नहीं तो कभी नहीं' वाला अवसर नहीं है, बल्कि ये तैयारी और प्रेरणा से उपजा ‘हम तैयार हैं' वाला पल है.
पीएम ने व्यापार समझौतों पर कहा कि राजनीतिक स्थिरता और राजनीतिक पूर्वानुमान ने भारत में निवेशकों का विश्वास बहाल किया है. 38 देशों के साथ मुक्त व्यापार समझौतों पर उन्होंने कहा कि मजबूत विनिर्माण, सेवा क्षेत्र और लघु एवं मध्यम उद्यम भारत को मजबूत स्थिति से व्यापार समझौते करने में सक्षम बनाते हैं.
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उन्होंने यूपीए शासन के दौरान हुए आर्थिक कुप्रबंधन की कड़ी आलोचना की, जिसके कारण भारत आत्मविश्वास के साथ बातचीत करने में असमर्थ रहा. पीएम ने कहा कि यूपीए शासनकाल में बातचीत शुरू होती और फिर टूट जाती; लंबी बातचीत के बावजूद कोई ठोस उपलब्धि हासिल नहीं हो पाती थी.

उन्होंने कहा कि सरकार देश की रक्षा बलों का समर्थन करने और उन्हें मजबूत बनाने के लिए हर संभव प्रयास करेगी. रक्षा बजट में हुई वृद्धि का जिक्र करते हुए पीएम ने कहा कि सरकार का कर्तव्य है कि वह रक्षा क्षेत्र का आधुनिकीकरण वर्तमान परिस्थितियों के अनुरूप करे.
पीएम ने कहा कि सुधार सरकार की प्रतिबद्धता है, जिसे उसने अपने शब्दों और भावना में प्रदर्शित किया है. अगले चरण के आर्थिक परिवर्तन के लिए निजी क्षेत्र महत्वपूर्ण है, उनसे ‘निर्णायक प्रतिक्रिया' देने का अनुरोध है.
यह पूछे जाने पर कि क्या उन्होंने तय कर लिया है कि भारत 2047 तक विकसित राष्ट्र बनने के महत्वाकांक्षी लक्ष्य की दिशा में विकास के अगले चरण में प्रवेश करने के लिए तैयार है और क्या यह “अभी नहीं तो कभी नहीं” वाली स्थिति है, मोदी ने कहा कि महामारी के बाद की विश्व व्यवस्था भारत के लिए नये द्वार खोल रही है, जिसमें देश व्यापार और नवाचार में नयी दिल्ली के साथ साझेदारी करने के लिए उत्सुक हैं.
उन्होंने कहा, “हमारे पास एक युवा और कुशल आबादी है; और हम कम मुद्रास्फीति और व्यापक आर्थिक स्थिरता के साथ मजबूत विकास पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं. हमारे युवा अंतरिक्ष, खेल और स्टार्टअप जैसे विविध क्षेत्रों में अपनी प्रतिभा का परिचय दे रहे हैं. हमने राजनीतिक स्थिरता और सुधार-केंद्रित नीतियां सुनिश्चित की हैं.”
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