विज्ञापन

अगर समंदर में फट जाए LNG tanker तो क्या होगा, होर्मुज में अटैक के बीच उठने लगा सवाल

यह पहली बार नहीं है जब युद्ध की वजह से किसी LNG टैंकर पर संकट आया हो. इसी साल मार्च में भी रूस के LNG टैंकर 'आर्कटिक मेटागाज' पर भूमध्य सागर में यूक्रेनी नेवल ड्रोन से हमला हुआ था.

अगर समंदर में फट जाए  LNG tanker  तो क्या होगा, होर्मुज में अटैक के बीच उठने लगा सवाल
एलएनजी टैंकर में विस्फोट होने पर बड़ी तबाही हो सकती है, लेकिन अब तक ऐसा कभी हुआ नहीं है.
NDTV

होर्मुज में तीन जहाजों पर बीते दिनों हमले हुए. कतर ने इस हमले के लिए ईरान पर आरोप लगाया है और कहा है कि उसे खतरों का ख्याल रखना चाहिए. ईरान और अमेरिका के तनाव के दौरान कई बार ऐसा देखा गया है कि समंदर में जहाजों पर मिसाइल हमले हो रहे हैं. ये जहाज कोई आम जहाज नहीं होते हैं बल्कि लाखों टन कच्चा तेल और एलएनजी गैसे से लदे होते हैं.

लेकिन एक सवाल है जो अब पूछा जाने लगा है कि अगर समंदर में कोई टैंकर मिसाइल हमलों के बाद फट जाए तो आखिर क्या होगा और क्या ऐसी आशंका रहती भी है? 

एक्सपर्ट्स का मानना है कि आधुनिक तकनीक की वजह से ऐसा होना बहुत आसान नहीं है. फिर भी युद्ध के दौर में जब जहाजों को निशाना बनाया जा रहा है, तो इस खतरे को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता.

Latest and Breaking News on NDTV

Photo Credit: AFP

क्या वाकई समंदर में फट सकता है LNG टैंकर?

सबसे पहली और जरूरी बात यह है कि LNG यानी लिक्विड नेचुरल गैस अपने तरल रूप में जलती या विस्फोट नहीं करती. लेकिन असली खतरा तब शुरू होता है जब यह लीक होती है.

अगर किसी हमले या हादसे में टैंकर का टैंक टूट जाता है और LNG बाहर बहने लगती है, तो यह बाहरी तापमान के संपर्क में आते ही तेजी से उबलने लगती है और गैस में बदलने लगती है. LNG जब फैलकर हवा के साथ एक खास अनुपात में मिलती है, तो यह हवा में एक बेहद ज्वलनशील बादल बना लेती है.

इसके बाद अगर इस गैस के बादल को जरा सी भी चिंगारी, आग या गर्मी मिल जाए, तो इसमें भयानक आग लग सकती है. यह आग तेजी से पीछे की तरफ टैंक तक फैल सकती है. और अगर ऐसा हुआ तो बहुत बड़ा धमाका हो सकता है.

Latest and Breaking News on NDTV

Photo Credit: AFP

कितनी सुरक्षित होती हैं ये आधुनिक जहाज?

LNG इंडस्ट्री के इतिहास में आज तक समंदर के बीच किसी कमर्शियल LNG जहाज के कार्गो-टैंक में कोई कैटास्ट्रॉफिक विस्फोट नहीं हुआ है. इसकी वजह इन जहाजों की खास बनावट है. दरअसल, गैस को माइनस 162 डिग्री सेल्सियस पर रखा जाता है. इसके लिए बेहद मजबूत इंसुलेटेड टैंक बनाए जाते हैं और जहाज की बाहरी दीवार डबल लेयर की होती है.

इसके अलावा सफर के दौरान जो थोड़ी-बहुत गैस खुद ब खुद वाष्प बनकर निकलती है, उसे जहाज खुद ही अपने इंजन का ईंधन बनाकर इस्तेमाल कर लेता है. इससे टैंक के अंदर प्रेशर नहीं बढ़ता. वहीं जहाजों में कई लेयर के गैस डिटेक्टर्स, ऑटोमैटिक शट-डाउन सिस्टम और आग बुझाने वाले आधुनिक उपकरण लगे होते हैं.

यह भी पढ़ें: सिर्फ कैश में खर्च, कोड में बातचीत, परिवार से भी सीक्रेट… रूस को दहलाने वाले ड्रोन सैनिकों की कहानी

पूरी स्टोरी पढ़ें

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
Hormuz Attack, LNG Tanker
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com