- ईरान का एक प्रतिनिधिमंडल पाकिस्तान में है और इसके नेतृत्व में ईरान के विदेश मंत्री मौजूद हैं
- ईरान की सेना ने चेतावनी दी कि अमेरिकी नाकाबंदी और समुद्री डकैती जारी रहने पर जवाबी कार्रवाई करेगी
- इजरायली खुफिया एजेंसी के लिए काम करने वाले एक ईरानी नागरिक को हिंसा के आरोप में फांसी दी गई
ईरान का एक प्रतिनिधिमंडल पाकिस्तान में मौजूद है. खुद उसके विदेश मंत्री इस टीम का नेतृत्व कर रहे हैं. अंदाजा लगाया जा रहा है कि अमेरिका और ईरान के बीच सीधी वार्ता हो मगर इसी बीच ईरान की सेना ने कहा कि अगर अमेरिका ने नाकाबंदी और 'लूटपाट' जारी रखी तो वे जवाबी कार्रवाई करेंगे. ईरान की सेना ने शनिवार को कहा कि अगर अमेरिका ईरानी बंदरगाहों की नाकाबंदी जारी रखता है तो वह जवाबी कार्रवाई करेगी, जिसे उसने "लूटपाट" और "समुद्री डकैती" करार दिया.
सरकारी मीडिया आउटलेट आईआरआईबी द्वारा जारी एक बयान में, सेना के केंद्रीय कमान खातम अल-अनबिया ने कहा कि अगर "आक्रमणकारी अमेरिकी सेना क्षेत्र में नाकाबंदी, लूटपाट और समुद्री डकैती जारी रखती है, तो उन्हें यह निश्चित रूप से पता होना चाहिए कि उन्हें ईरान के शक्तिशाली सशस्त्र बलों से करारा जवाब मिलेगा." इसमें आगे कहा गया, "हम तैयार और दृढ़ हैं, साथ ही दुश्मनों के व्यवहार और गतिविधियों पर नजर रख रहे हैं."
फांसी दे दी
ईरान ने शनिवार को इजरायली खुफिया एजेंसी के लिए काम करने वाले एक ईरानी नागरिक को इस साल देशव्यापी विरोध प्रदर्शनों के दौरान तोड़फोड़ और हिंसा के आरोप में फांसी दे दी. यह जानकारी अर्ध-सरकारी समाचार एजेंसी तसनीम ने दी. अखबार ने बताया कि इरफान कियानी "मोसाद का भाड़े का गुंडा" था. उसने सार्वजनिक और निजी संपत्ति को नष्ट करने और आग लगाने में भाग लिया, मध्य शहर इस्फ़हान में भय और आतंक फैलाया और एक धारदार हथियार का इस्तेमाल किया. तसनीम के अनुसार, सर्वोच्च न्यायालय द्वारा सजा की पुष्टि और कानूनी प्रक्रियाओं का पालन करने के बाद उसे सुबह-सुबह फांसी दे दी गई.
बिजली बचाने की अपील
ईरान के राष्ट्रपति ने अमेरिकी और इजरायली हमलों के बाद देश के ऊर्जा बुनियादी ढांचे को हुए नुकसान के मद्देनजर लोगों से बिजली का उपयोग कम करने का आग्रह किया है. सरकारी मीडिया ने यह जानकारी दी है. ईरानी सरकारी टेलीविजन के अनुसार, राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने कहा कि सरकार का लक्ष्य बिजली की खपत को नियंत्रित करना है. उन्होंने कहा, "घर में 10 बत्तियां जलाने के बजाय, दो बत्तियां जलाएं. इसमें क्या बुराई है?" उन्होंने कहा कि अमेरिका और इजरायल ने "हमारे बुनियादी ढांचे को नष्ट कर दिया है" और बताया कि अमेरिका ने ईरान के बंदरगाहों पर नाकाबंदी लगा दी है.
वाणिज्यिक उड़ानें फिर से शुरू
वहीं अमेरिका और इजरायल के साथ लगभग दो महीने पहले शुरू हुए युद्ध के बाद, शनिवार को तेहरान के इमाम खुमैनी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर पहली बार वाणिज्यिक उड़ानें फिर से शुरू हुईं. ईरान के सरकारी टेलीविजन ने बताया कि हवाई अड्डे से तुर्की के इस्तांबुल, ओमान की राजधानी मस्कट और सऊदी अरब के मदीना के लिए उड़ानें हैं. फ्लाइट ट्रैकिंग प्लेटफॉर्म फ्लाइटराडार24 ने दिखाया कि शनिवार सुबह इस्तांबुल के लिए कम से कम तीन उड़ानें रवाना हुईं. ईरान ने इस महीने की शुरुआत में अमेरिका के साथ युद्धविराम के दौरान आंशिक रूप से अपना हवाई क्षेत्र फिर से खोल दिया था.
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