
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन. (फाइल फोटो)
मॉस्को:
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने अगले साल प्रस्तावित राष्ट्रपति चुनावों के लिए नामाकंन संबंधी दस्तावेज दाखिल किए. अगले साल के राष्ट्रपति चुनावों में खड़े होने के लिए सैकड़ों राजनेताओं, हस्तियों और खिलाड़ियों ने उनके नाम का समर्थन किया है.
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पुतिन केंद्रीय चुनाव आयोग पहुंचे और उन्होंने अपना पासपोर्ट तथा रूसी विधान के मुताबिक निर्दलीय उम्मीदवारों के लिए जरूरी तीन लाख हस्ताक्षर सौंपे. पुतिन को नाम मात्र के विपक्षी उम्मीदवारों का सामना करना पड़ेगा और चुनाव जीतने पर वह 2024 तक पद पर काबिज रहेंगे. तानाशाह जोसेफ स्टालिन के बाद वह इस पद पर सबसे लंबे समय तक रहने वाले रूसी नेता बन जाएंगे.
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एक दिन पूर्व 600 से ज्यादा हस्तियां, राजनेता और खिलाड़ी पुतिन को औपचारिक तौर पर नामित करने के लिए मॉस्को में एकत्रित हुए थे. हालांकि रूसी शासक अपने व्यस्त कार्यक्रम के चलते इस समारोह में नहीं पहुंच पाए. इस हफ्ते की शुरुआत में चुनाव आयोग ने विपक्ष के शीर्ष नेता एलेक्सेई नावालनी के पुतिन के खिलाफ चुनाव लड़ने पर रोक लगा दी. इसके पीछे गबन के एक विवादित मामले का हवाला दिया. नावालनी इन आरोपों को राजनीति से प्रेरित बताते रहे हैं.
(इनपुट : भाषा)
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पुतिन केंद्रीय चुनाव आयोग पहुंचे और उन्होंने अपना पासपोर्ट तथा रूसी विधान के मुताबिक निर्दलीय उम्मीदवारों के लिए जरूरी तीन लाख हस्ताक्षर सौंपे. पुतिन को नाम मात्र के विपक्षी उम्मीदवारों का सामना करना पड़ेगा और चुनाव जीतने पर वह 2024 तक पद पर काबिज रहेंगे. तानाशाह जोसेफ स्टालिन के बाद वह इस पद पर सबसे लंबे समय तक रहने वाले रूसी नेता बन जाएंगे.
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एक दिन पूर्व 600 से ज्यादा हस्तियां, राजनेता और खिलाड़ी पुतिन को औपचारिक तौर पर नामित करने के लिए मॉस्को में एकत्रित हुए थे. हालांकि रूसी शासक अपने व्यस्त कार्यक्रम के चलते इस समारोह में नहीं पहुंच पाए. इस हफ्ते की शुरुआत में चुनाव आयोग ने विपक्ष के शीर्ष नेता एलेक्सेई नावालनी के पुतिन के खिलाफ चुनाव लड़ने पर रोक लगा दी. इसके पीछे गबन के एक विवादित मामले का हवाला दिया. नावालनी इन आरोपों को राजनीति से प्रेरित बताते रहे हैं.
(इनपुट : भाषा)
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