अमेरिका के सुप्रीम कोर्ट के जजों ने मंगलवार को कांग्रेस (संसद) को बताया कि लगातार बढ़ रही धमकियों की वजह से उन्हें अब ऐसे खतरों का सामना करना पड़ रहा है, जिनकी पहले कभी कल्पना भी नहीं की गई थी. अमेरिका में हालात ऐसे हो गए हैं कि न सिर्फ उन्हें खुद बुलेटप्रूफ जैकेट पहनना पड़ रहा है, बल्कि अपने बच्चों तक को यह तक समझाना पड़ रहा है कि बुलेटप्रूफ जैकेट क्या होती है. यह बयान ऐसे समय आया है, जब न्यायपालिका ने अपनी सुरक्षा बढ़ाने के लिए सरकार से करोड़ों डॉलर की अतिरिक्त फंडिंग मांगी है. इन जजों ने साफ कहा कि बढ़ती धमकियों और तनाव भरे राजनीतिक माहौल के बावजूद सुप्रीम कोर्ट बिना किसी डर और बिना किसी पक्षपात के फैसले देता रहेगा.
अमेरिका में क्या हो रहा?
दरअसल हाल ही में डोनाल्ड ट्रंप से जुड़े कई मामलों पर फैसलों के बाद कोर्ट और ट्रंप सरकार के बीच तनाव और बढ़ गया है. ऐसे में सुप्रीम कोर्ट की दो महिला जज, एमी कोनी बैरेट और एलेना केगन ने हाउस और सीनेट की उन समितियों के सामने गवाही दी, जो अमेरिका में फेडरल सरकार (केंद्र) का खर्च तय करती हैं. साल 2019 के बाद पहली बार सुप्रीम कोर्ट के मौजूदा जजों ने इस तरह सार्वजनिक रूप से गवाही दी है.
एएफपी की रिपोर्ट के अनुसार उदारवादी विचारों वाली जज एलेना केगन ने सांसदों से कहा, "हममें से कुछ के लिए ये धमकियां बहुत करीब तक पहुंच चुकी हैं. और हम सभी जानते हैं कि ऐसा फिर से हो सकता है... लेकिन जैसा कि चीफ जस्टिस जॉन रॉबर्ट्स ने कहा है, कोर्ट के सभी जज कानून के हिसाब से सही फैसला देते रहेंगे. वे बिना किसी डर और बिना किसी पक्षपात के मामलों की सुनवाई करेंगे."
एमी कोनी बैरेट ने यह भी बताया कि साल 2022 में पूरे अमेरिका में गर्भपात के अधिकार को खत्म करने वाले फैसले का ड्राफ्ट लीक होने के समय उन्हें सुरक्षा के लिए बुलेटप्रूफ जैकेट दी गई थी. उन्होंने बताया कि एक दिन जब उन्होंने वह जैकेट उतारकर रखी, तो उनका 12 साल का बेटा उनके कमरे के दरवाजे पर खड़ा था. बैरेट ने कहा, "मैंने कभी नहीं सोचा था कि जज की जिम्मेदारी निभाते हुए मुझे अपने बच्चों को यह समझाना पड़ेगा कि बुलेटप्रूफ जैकेट क्या होती है और मुझे इसे क्यों पहनना पड़ता है."
यह गवाही ऐसे समय आई है, जब हाल ही में सुप्रीम कोर्ट ने डोनाल्ड ट्रंप की कई बड़ी नीतियों पर अहम फैसले दिए. इनमें जन्म से मिलने वाली अमेरिकी नागरिकता (बर्थराइट सिटिजनशिप) खत्म करने की ट्रंप की कोशिश को रोकना और उनके लगाए गए बड़े वैश्विक टैरिफ को रद्द करना भी शामिल है.
डोनाल्ड ट्रंप ने कई बार उस रूढ़िवादी बहुमत वाले सुप्रीम कोर्ट की तारीफ की है, जब फैसले उनके पक्ष में आए. राष्ट्रपति को मिली कानूनी छूट (इम्युनिटी) वाले फैसले की भी उन्होंने सराहना की थी. लेकिन जब जजों ने उनके खिलाफ फैसला दिया, तो उन्होंने कई जजों और न्यायाधीशों की कड़ी आलोचना भी की.
अब जजों ने सुरक्षा के लिए करीब 92.1 करोड़ डॉलर की मांग की है. इसमें संघीय अदालतों की सुरक्षा बढ़ाने के लिए अतिरिक्त पैसा शामिल है. वहीं सुप्रीम कोर्ट ने अपने लिए 22.84 करोड़ डॉलर (228.4 मिलियन डॉलर) मांगे हैं, जो पिछले साल से 2.05 करोड़ डॉलर ज्यादा हैं. इस रकम में 1.46 करोड़ डॉलर सुप्रीम कोर्ट की विशेष पुलिस टीम और इमारत की सुरक्षा बढ़ाने के लिए हैं. वहीं 65 लाख डॉलर कोर्ट परिसर में आने वाले लोगों की जांच के लिए नई स्क्रीनिंग सुविधा बनाने पर खर्च किए जाएंगे.
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