- अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौते के बाद भी तनाव गहराने लगा है
- ईरानी सेना ने अमेरिका को जवाब देते हुए उनके सैन्य ठिकानों पर हमला किया है
- ईरान का कहना है कि पहले अमेरिका ने ईरानी ड्रोन और मिसाइल साइटों को निशाना बनाया था
अमेरिका और ईरान के बीच 17 जून को फ्रांस में शांति समझौते पर हस्ताक्षर हुए थे. 10 दिन बाद ही फिर से तनाव बढ़ता दिख रहा है. ईरानी सेना ने अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया है. हालांकि उसका कहना है कि ये कार्रवाई जवाबी है. पहले अमेरिका ने शुक्रवार को ईरान पर बड़ा हमला करते हुए उनके मिसाइल-ड्रोन साइट्स को निशाना बनाया था, तब जाकर ईरानी सेना ने पलटवार किया. ईरान ने कहा कि IRGC नेवी ने अमेरिका की आक्रामकता और समझौते के उल्लंघन का जवाब देते हुए उनके ठिकानों पर हमला किया.
जबकि अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप का कहना है कि सीजफायर पहले ईरान ने तोड़ा. उसने होर्मुज से गुजर रहे एक जहाज पर ड्रोन अटैक किया. अमेरिका ने तो जवाबी कार्रवाई में पलटवार किया और ईरान के तीन ड्रोन मार गिराए. जबकि ईरान ने एक्स पर एक पोस्ट में दावा किया कि अमेरिका ने समझौते को तोड़ने की कोशिश की.
نیروی دریایی سپاه به تجاوز و عهدشکنی آمریکا پاسخ داد
— اخبار فوری جنگ (@WarNewsIr) June 26, 2026
روابط عمومی سپاه:
به دنبال نقض آتشبس رژیم صهیونیستی در جنوب لبنان، ساعاتی پیش رژیم پیمانشکن آمریکا نیز مانند همیشه دست به نقض تعهدات خود زد و به بهانههای مختلف از تردد یک کشتی متخلف از مسیر غیرمجاز در تنگه هرمز به حمله…
अमेरिका ने हमेशा की तरह वादा तोड़ा
ईरान ने अमेरिका को धोखेबाज बताते हुए दावा किया कि उसने हमेशा की तरह एक बार फिर अपने वादे को तोड़ दिया. उसने अलग-अलग बहाने बनाकर होर्मुज जलडमरूमध्य में एक अनधिकृत रास्ते से जा रहे एक मनमाने जहाज के मामले को लेकर ईरान के तटों पर हवाई हमले किए.ईरानी नेवी ने इन हमलों के जवाब में अमेरिकी सेना के ठिकानों पर हमला किया.
ईरान आगे भी जवाब देता रहेगा
ईरान का कहना है कि इस्लामाबाद समझौते की धारा 5 के मुताबिक, होर्मुज से गुजरने की व्यवस्था को कंट्रोल करने का अधिकार ईरान के पास है. लेकिन अमेरिका ने विभिन्न पक्षों को उकसाकर इस समझौते तो तोड़ने की कोशिश की. ईरान ने इसका जवाब दिया. उनका कहना है कि अमेरिका अगर आगे भी ऐसा करता है तो वह ऐसे ही जवाब देते रहेंगे. अगला जवाब इससे भी ज्यादा बड़ा होगा.
IRGC ने पहले ही दी थी चेतावनी
ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने पहले ही चेतावनी देते हुए कहा था कि वे अमेरिकी हमलों का जवाब जरूर देंगे. हालांकि उन्होंने अब तक ये नहीं बताया है कि किन अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया और इसेस कितना नुकसान हुआ है.
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