- अमेरिका और ईरान के बीच होर्मुज स्ट्रेट में कार्गो जहाज पर ईरानी हमले के बाद तनाव बढ़ गया
- अमेरिका ने ईरान के मिसाइल, ड्रोन ठिकानों और रडार साइटों पर जवाबी हवाई हमले किए
- ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने अमेरिकी ठिकानों पर हमले कर जवाब दिया है
अमेरिका और ईरान ने बातचीत के बीच एक बार फिर एक-दूसरे पर हमला किया है. होर्मुज स्ट्रेट से गुजर रहे कार्गो जहाज पर ईरानी हमले से डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन बेहद नाराज हो गया. इसके बाद अमेरिका ने शुक्रवार को ईरान के मिसाइल और ड्रोन ठिकानों पर हमला कर दिया. ईरान ने भी इस पर पलटवार किया है. बता दें कि शांति समझौते के बाद इन दिनों स्विट्जरलैंड में अमेरिका और ईरान के बीच शांति प्रस्ताव पर बातचीत हो रही है. ऐसे में इस हमले का असर शांति वार्ता भी देखने को मिल सकता है. ये हमले उस समय हुए, जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इशारा किया था कि वॉशिंगटन स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में ईरान के एक्शन का जवाब देने की तैयारी कर रहा है.
IRGC नेवी ने US हमले का दिया जवाब
ईरानी सेना ने कहा, 'दक्षिणी लेबनान में युद्धविराम का उल्लंघन किए जाने के बाद, कुछ घंटे पहले अमेरिकी शासन ने हमेशा की तरह एक बार फिर अपने वादों को तोड़ा. उन्होंने अलग-अलग बहाने बनाकर, होर्मुज स्ट्रेट (Strait of Hormuz) में एक अनधिकृत रास्ते से गुजर रहे एक मनमाने जहाज के मामले को लेकर इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान के तटों पर हवाई हमले किए. इस आक्रामकता के जवाब में, आईआरजीसी नेवी ने क्षेत्र में अमेरिकी सेना के ठिकानों पर हमला किया.'
सेना ने कहा, 'इस्लामाबाद समझौते की धारा 5 के अनुसार, होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने की व्यवस्था को नियंत्रित करने का अधिकार ईरान के पास है. हालाकि, अमेरिका ने विभिन्न पक्षों को उकसाकर इस समझौते का उल्लंघन करने की कोशिश की, और इसका जरूरी जवाब दिया गया और आगे भी ऐसा ही किया जाएगा. अगर बार-बार आक्रामकता दिखाई गई, तो हमारा जवाब इससे भी ज्यादा बड़ा और खतरनाक होगा.
मिसाइल व ड्रोन ठिकानों और रडार साइटों पर हमला
ईरानी हमले से पहले अमेरिका ने तेहरान के कई ठिकानों पर मिसाइल अटैक किया. अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने बताया, 'सेना ने ईरान में मिसाइल और ड्रोन ठिकानों और रडार साइटों पर हमला किया है.' अमेरिका के जवाबी हमले से कुछ देर पहले व्हाइट हाउस में ट्रंप ने कहा, 'मुझे यह बात पसंद नहीं आई कि उन्होंने कल हमला किया, असल में चार हमले किए.' वहीं, जब पूछा गया कि जब वह खुद कह रहे हैं कि तेहरान के साथ बातचीत अच्छी चल रही है, तो हमले क्यों हो रहे हैं? इसके जवाब में राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा, 'वे (ईरानी) थोड़े अलग तरह के हैं.'

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ईरान ने जहाज पर क्यों किया था हमला?
ईरानी संसद की राष्ट्रीय सुरक्षा समिति के प्रमुख इब्राहिम अज़ीज़ी ने शुक्रवार को सोशल मीडिया पर ट्रंप को जवाब देते हुए कहा, 'होर्मुज स्ट्रेट (Strait of Hormuz) ईरान के नियंत्रण में है, इसलिए नियमों का सम्मान करें और नियंत्रण को तनाव बढ़ाने की कोशिश न समझे.' अजीजी ने लिखा, 'यह युद्धविराम का उल्लंघन नहीं है; यह युद्धविराम का प्रबंधन है.'
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